Spacer
 
Spacer
  Business.gov.in Indian Business Portal
An Initiative of India.gov.in
 
 
तीव्र मीनू
 
उद्योग और सेवाएं
spacer
Industry & Services उद्योग
Industry & Services सेवा क्षेत्रक
Industry & Services सूक्ष्‍म लघु और मध्‍यम उद्यम
   
 
उद्योग और सेवाएं
उद्योग और सेवाएं

उद्योग

द्योगिक विकास भारत के विकास कार्यनीति में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका लक्ष्‍य विभिन्‍न सामाजिक आर्थिक उद्देश्‍यों को हासिल करना है जैसाकि ऋण भार कम करना, विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश (एफडीआई) अतर्बाह का संवर्धन करना, आत्‍म निर्भरता वाले उत्‍पादन बढ़ाना और वितरण तथा मौजूदा आर्थिक ढांचा का विविधिकरण एवं आधुनिकीकरण करना। औद्योगिक आधार के व्‍यापक विस्‍तृत किया गया है जिसमें मोटे तौर पर समस्‍त उपभोक्‍ता दायरे को शामिल किया गया है, मध्‍यवर्ती और पूंजी माल को शामिल किया गया है। इसने प्रतिफल और रोजगार की दृष्टि से उल्‍लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार देश में त्‍वरित औद्योगिकीरण का संवर्धन करने के लिए समय-समय पर अनेकानेक नीतिगत उपाय और प्रोत्‍साहन दे रही है। इस दिशा में मुख्‍य कदम औद्योगिक नीति संकल्‍पना की घोषणा है जो 1948 में और उसके बाद 1991 में। ऐसी औद्योगिक नीतियों को भारतीय उद्योग में विकासात्‍मक प्रक्रिया को त्‍वरित करने के लिए डिजाइन की गई हैं। उनका मोटो तौर पर निम्‍नलिखित उद्देश्‍य हैं :-
  • उत्‍पादकता में स्‍थायी वृद्धि कायम रखना
  • लाभकारी रोजगार बढ़ाना
  • मानव संसाधन की अनुकूल उपयोगिता प्राप्‍त करना
  • अंतरराष्‍ट्रीय प्रतिस्‍पर्धा हासिल करना और भारत को वैश्विक मंच पर मुख्‍य भागीदार और कार्यकर्ता के रूप में परिवर्तित करना है।
उनका मुख्‍य बल भारतीय उद्योग को अविनियमित करना और बाजार बलों के प्रत्‍युतर में इसकी नम्‍यता अनुमत करना है।

ऑटोमोटिव एक सबसे बड़ा उद्योग होने के नाते विभिन्‍न अवसंरचना सुविधाओं में सुधार सुकर बनाता है जैसे विद्युत, रेल और सड़क परिवहन। भारी उद्योग और सरकारी उद्यम मंत्रालय ऑटोमोटिव उद्योग की वृद्धि और विकास के संवर्धन करने के लिए मुख्‍य अभिकरण है। नीतिगत प्रोत्‍साहन जैसे ऑटोनीति का क्रियान्‍वयन और ऑटोमोटिव मिशन योजना, विश्‍व स्‍तरीय परीक्षण की स्‍थापना के साथ-साथ होमोलोगेशन और प्रमाणीकरण सुविधाओं ने भारत को दोपहियों का दूसरा सबसे बड़ा विनिर्माता बना दिया है पाँचवा सबसे बड़ा वाणिज्यिक वहन विनिर्माता एवं ट्रेक्‍टर का सबसे बड़ा विनिर्माता बना दिया है।

वर्षों से इंजीनियरिंग उद्योग, छोटे और भारी इंजीनियरिंग दोनों ने उल्‍लेखनीय वृद्धि दर दर्ज की है और उनका विभिन्‍न पूंजी और उपभोक्‍ता टिकाऊ उत्‍पादों के उत्‍पादन का सुदृढ़ आधार है। भारती उद्योग विभाग देश में भारी इंजीनियरिंग के विकास से संबंधित है, जो विद्युत परियोजनाओं, सीमेंट संयंत्रों, इस्‍पात संयंत्रों, खनन उपकरणों, पेट्रो रसायन संयंत्रों आदि के आधार है और जिनमें बॉयलर, विद्युत भट्ठी सामग्री संचालन उपकरण, अलौह धातु कार्य मशीनरी, तेल क्षेत्र उपकरण आदि शामिल हैं। यद्यपि छोटे इंजीनियरिंग विविधि‍कृत उद्योग है जिसके अनेकानेक विशिष्‍ट उप क्षेत्रक हैं जैसाकि, चिकित्‍सा और सर्जिकल औजार, अलौह धातु कास्टिंग, सीमलेस स्‍टील पाइप और ट्यूब, प्रकियान्‍वयन नियंत्रण उपकरण, वेल्डिंग उपकरण आदि। यह भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के लिए बहुत ही महत्‍वपूर्ण है और यह देश में लगभग सभी उत्‍पादकता और व्‍यापार कार्यकलापों का आधार है।

औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन सामान्‍यत: समस्‍त औद्योगिक क्षेत्रक के विकास के लिए नोडल एजेंसी है जैसे सीमेंट छोटे इंजीनियरिंग आदि के लिए विशेष रूप से। सीमेंट एक अति महत्‍वपूर्ण अवसंरचना उद्योग है जो वर्षों से उल्‍लेखनीय वृद्धि से उल्‍लेखनीय वृद्धि दशा रहा है और इसने बंगला देश, इंडोनेशिया, मलेशिया नेपाल, मध्‍य पूर्व देशों, बर्मा अफ्रीका और दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों में तैयार बाजार बना लिया है। भारत सीमेंट विनिर्माण में विश्‍व में दूसरा स्‍थन रखता है।

जैव प्रौद्योगिकी ज्ञान आधारित तेजी से विक‍सित होता औद्योगिक क्षेत्रक है जिसमें कृषि, स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल, औद्योगिक प्रक्रियान्‍वयन और पर्यावरणीय स्‍थायित्‍व में क्रांति लाने की अपार क्षमता है। जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) देश में जैव प्रौद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए शीर्ष प्राधिकरण है, और यह तदनुसार विभिन्‍न राज्‍यों और संगठनों में जैव प्रौद्योगिकी पार्कों और उष्‍मायित्र की स्‍थापना कर रहा है। यद्यपि उर्वरक उत्‍पादन की त्‍वरित क्षमता निर्माण देश में अनुकूल नीतिगत माहौल के परिणाम स्‍वरूप प्राप्‍त की गई है। उर्वरक विभाग भारत में उर्वरक उद्योग की योजना बनाने संवर्धन करने और विकास करने के लिए नोडल एजेंसी है।

अवसंरचना, स्‍थावर सम्‍पदा और ऑटो क्षेत्रक की वैश्विकरण और बढ़ती मांग के कारण भारतीय इस्‍पात एक तेजी से बढ़ता उद्योग बन गया है। इस्‍पात मंत्रालय भारत में लौह और इस्‍पात उद्योग के समग्र विकास के लिए नोड एजेंसी है। कीमत और वितरण नियंत्रण को हटा दिया गया है तथा 100 तक विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश (स्‍वत: मार्ग के तहत) को क्षेत्रक में अनुमत किया गया है। जबकि खान मंत्रालय अर्थव्‍यवस्‍था में खनिजों और खनन क्षेत्रक के समग्र विकास के लिए जिम्‍मेदार है। यह सभी खनिजों के सर्वेक्षण और खोज (प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम को छोड़कर) अलौह धातु जैसे एल्‍युमिनियम, ताम्‍बा, कांसा, सीसा, सोना निकेल आदि का खनन और धातु कर्म और खानों और खनिजों से संबंधित अधिनियमों का प्रशासन (कोयला और‍ लिग्‍नाइट को छोड़कर) के कार्यों में रत है।

औषध और भेषज एक अन्‍य महत्‍वपूर्ण उद्योग है जो वर्षों से उल्‍लेखनीय प्रगति दर्शा रहा है। भेषज में मात्रा की वृद्धि से भारत का चौथा स्‍थान और मूल्‍य की दृष्टि से तेरहवां स्‍थान है। रसायन और पेट्रोरसायन विभाग रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अधीन उद्योग की योजना बनाने, विकास और विनियमित करने के लिए जिम्‍मेदार है। अनेकानेक नीतियों की घोषणा की गई है जैसे औषध और भेषज नीतियां जिसका लक्ष्‍य बहुतायत में उपलब्‍धता, उचित मूल्‍य पर अच्‍छी गुणावत्ता की जीवन रक्षण अनिवार्य दवाइयां सुनिश्चित करना है।

भारतीय खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग उत्‍पादन, उपभोग, निर्यात और वृद्धि संभावना की दृष्टि से विश्‍व बड़ा है। 10प्रतिशत तक विदेशी इक्विटी के लिए स्‍वत: अनुमोदन अधिकांश प्रसंस्‍कृत खाद्य मदों के लिए उपलब्‍ध है इसमें एकलकोहल और बीमार और लघु क्षेत्रकों के लिए आरक्षित को शामिल नहीं किया गया है। खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय, देश में सुदृढ़ और ऊर्जावान प्रसंस्‍करण क्षेत्रक के विकास के लिए नोडल एजेंसी है। बहुत सी नई मदें जैसे खाने के लिए तैयार खाद्य, पेय, प्रसंस्‍कृत और शीतलित फुल और सब्‍जी उत्‍पाद, समुद्री और मांस उत्‍पाद आदि का उत्‍पादन किया जा रहा है तथा शीतल भंडारण सुविधाएं, फूड पार्क, पैकेजिंग केन्‍द्र आदि की स्‍थापना की जा रही है।

इस प्रकार से उद्योग भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के मुख्‍य आधार है। वे क्षेत्रीय विकास, गरीबी उन्‍मूलन तथा लोगों का जीवन स्‍तर ऊपर उठाने में मदद करते हैं। भारत का विशाल घरेलू बाजार और तकनीकी जन शक्ति तथा कम उत्‍पादन एवं अनुसंधान औश्र विकास लागत भारत को विनिर्माण केन्‍द्र बना रहे हैं।

^ ऊपर

  Business ऑटोमोबाइल उद्योग
  Business औषधियां और भैषज
  Business भारी उद्योग
  Business पत्तन
  Business दूरसंचार
  Business जैव प्रौद्योगिकी
  Business उर्वरक
  Business छोटे इंजीनियरी उद्योग
  Business विद्युत
  Business सीमेंट
  Business खाद्य प्रसंस्‍करण
  Business खनन
  Business इस्‍पात
     
 
 
Government of India
spacer
 
 
Business Business Business
 
  खोजें
 
Business Business Business
 
Business Business Business
 
मैं कैसे करूँ
Business कम्‍पनी पंजीकरण करूं
Business नियोक्‍ता के रूप में पंजीकरण करें
Business केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) में शिकायत भरें
Business टैन कार्ड के लिए आवेदन करें
Business आयकर विवरणी भरें
 
Business Business Business
 
Business Business Business
 
  हमें सुधार करने में सहायता दें
Business.gov.in
हमें बताएं कि आप और क्‍या देखना चाहते हैं।
 
Business Business Business
Business
Business Business Business
 
निविदाएं
नवीनतम शासकीय निविदाओं को देखें और पहुंचें...
 
Business Business Business
Business
Business Business Business
 
 
पेटेंट के बारे में जानकारी
Business
कॉपीराइट
Business
पेटेंट प्रपत्र
Business
अभिकल्पन हेतु प्रपत्र
 
 
Business Business Business
 
 
 
Spacer
Spacer
Business.gov.in  
 
Spacer
Spacer