भारत विश्व का फल एवं वनस्पति भंडार है। फलों और सब्जियों की व्यापक विविधता का गृह स्थल होने के कारण भारत का अन्य देशों में उत्पादन आंकड़ों की दृष्टि से अद्वितीय स्थान है। भारत के ताज़े उत्पादों का 90 प्रतिशत से अधिक निर्यात पश्चिमी एशिया तथा पूर्वी यूरोपीय बाजारों को किया जाता है। तथापि, एक कृषि परामर्शदाता के अनुसार इसे भारी पैमाने पर अपने खाद्य और प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ाने की आवश्यकता है।
भारत में ताजे फसलों के उत्पादनधीन आवृत्त क्षेत्र वर्ष 2005-06 में 5510000 हेक्टेयर था जिसमें 58740000 मी. टन का उत्पादन किया गया। भारत में उगाए जाने वाले प्रमुख फल आम, अंगूर, सेब, खुमानी, संतरा, केला, एवोकेडोस, अमरुद, लीची, पपीता, शगोफा तथा तरबूज हैं। ऐसा विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों में इसकी संभाव्यता के कारण है। भारत का ताज़े फलों का निर्यात वर्ष 2005-06 में 225.67 करोड़ रुपए (50.98 मिलियन अमरीकी डॉलर) बढकर वर्ष 2006-07 में 256.43 करोड़ रुपए (56.88 मिलियन अमरीकी डॉलर) हो गया। भारत से ताजे फलों का निर्यात करने वाले प्रमुख देश हैं - यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड्स, यूएई (यूनाइटेड अरब अमीरात), रूस, बहरीन, कतार, कुवैत, सऊदी अरब, बंगलादेश, नेपाल।
स्वतंत्रता से पूर्व भारत में कुल 15 मिलियन टन था तथा स्वतंत्रता के पश्चात कई दशकों तक संवृद्धि दर लगभग 0.5%. के आस पास स्थिर रही। वनस्पति फसलों के संवर्धन हेतु वनस्पति अनुसंधान तथा नीति गत उपायों पर जोर से संवृद्धि दर अचानक बढ़कर 2.5% हो गई जो विगत दशक की तुलना में पांच गुणा की वृद्धि है। भारत में उगाई जाने वाली प्रमुख सब्जियां हैं- आलू, प्याज़, टमाटर, फूल गोभी, बंदगोभी, बीन्स, एग प्लांट, खीरा तथा गार्किन, प्रशीतित मटर, लहुसन तथा ओकरा।
सुधरे हुए जीन पूल तथा सुस्पष्ट प्रबंधन के साथ किए गए संभावी प्रौद्योगिकीय उपायों से संवृद्धि दर लगाभग 6% प्रति वर्ष हो सकती है। वनस्पति उत्पादन के अंतर्गत क्षेत्रफल 1991-92 में 5.59 मिलियन हेक्टेयर से बढ़कर वर्ष 2004–05 के दौरान 6.76 मिलियन हेक्टेयर हो गया। इस अवधि में उत्पादन 58.53 मिलियन मी. टन से बढ़कर 101.43 मिलियन मी. टन हो गया। इस अवधि के दौरान, सब्जियों की उत्पादकता 10.5 मी. टन/हेक्टेयर से बढ़कर 15.0 मी. टन/हेक्टेयर हो गया। हालांकि क्षेत्रफल तथा उत्पादन की दृष्टि से पश्चिम बंगाल का अग्रणी राज्य बना रहना जारी है, उत्पादकता तमिलनाडु में उच्चतर है जिसके पश्चात उत्तर प्रदेश तथा बिहार का स्थान है।
भारत के ताजे फल तथा सब्जी निर्यात वर्ष 2005-06 में 1658.72 करोड़ रुपए (374.68 मिलियन अमेरिकी डॉलर) से बढ़कर वर्ष 2006-07 में 2411.66 करोड़ रुपए (534.97 मिलियन अमरीकी डॉलर) के हो गए हैं।
आलू की कृषि तथा उत्पादनाधीन फसलीकृत क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का स्थान विश्व में पांचवां है। भारत विश्व के 41% आम, 23% केलों, 24% काजू, 36 % हरे मटरों तथा 10% प्याज़ का उत्पादन करता है। भारत से मुख्य निर्यातकारी फल फसल का कुल निर्यात मूल्य आम है। आम, अंगूर, मशरूम का निर्यात यूनाइटेड किंगडम, मध्य एशिया, सिंगापुर, तथा हॉन्गकॉन्ग को किया जाना आरंभ हो गया है तथा सब्जियों में प्याज का स्थान प्रथम है। आलू तथा हरी सब्जियों जैसे ओकरा, करेला, हरी मिर्च की अच्छी निर्यात संभाव्यता है।
भारत विश्व में प्याज़ का उत्पादन करने वाले दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारतीय प्याज़ अपनी तीखेपन के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। प्याज़ के बल्ब के मुख्य आयातकर्ता खाड़ी देश है तथा पड़ोसी पाकिस्तान तथा चीन वैश्विक बाज़ार में भारत के मुख्य प्रतिस्पर्द्धी हैं। भारत का प्याज़ का निर्यात वर्ष 2005-06 में 708.15 करोड़ रुपए (159.96 मिलियन अमेरिकी डॉलर) से बढ़कर वर्ष 2006-07 में 1163.30 करोड़ रुपए (258.05 मिलियन अमेरिकी डॉलर) हो गया है। बंगलादेश, मलेशिया, श्री लंका, यूएई, पाकिस्तान तथा नेपाल भारतीय प्याज के लिए प्रमुख बाज़ार है।
आम, जिसे भारत में फलों का राजा कहा जाता है, का उत्पादन वर्ष में 22.168 मिलियन टन के राष्ट्रीय फल उत्पादन का 40 प्रतिशत है। फल कृषि के अंतर्गत देश की 24.87 मिलियन हेक्टेयर भूमि के 42 प्रतिशत हिस्से में इसका उत्पादन होता है। भारत ने वर्ष 2006-07 में 141.93 करोड़ रु.(31.48 मिलियन अमेरिकी डॉलर) मूल्य के 79,060.88 मी. टन ताजे आमों का निर्यात किया। निर्यात की गई प्रमुख किस्मों में दशहरी, अल्फांसों, केसर, बंगनपल्ली, केसर, दुशहरी, लंगड़ा, चौसा, मलिका तथा स्वर्ण रेखा शामिल हैं। भारतीय आमों के लिए प्रमुख बाजार यूएई, बंगलादेश, यू. के, सऊदी अरब तथा नेपाल है। विश्व के 15.7 मिलियन टन आम के उत्पादन में से भारत द्वारा लगभग 60 प्रतिशत (9.5 मिलियन टन) का उत्पादन किए जाने का अनुमान लगाया गया है। देश में प्रमुख उत्पादन क्षेत्र हैं आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, गुजरात तथा महाराष्ट्र के राज्य।