कृषि और सहकारिता विभाग, कृषि मंत्रालय, भारत में उद्यान कृषि के समेकित विकास के लिए उत्तरदायी मुख्य प्राधिकारी है। यह भारत के भूमि, जल, मृदा तथा पादप संसाधनों का इष्टतम उपयोग करके उद्यान कृषि क्षेत्र में तीव्र वृद्धि प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय नीतियां, योजनाएं तथा कार्यक्रम बनाता है। यह उद्यान कृषि की विविध फ़सलों का उत्पादन तथा उत्पादकता बढ़ाने के लिए राज्य सरकारों द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहयोग देता है। यह किसानों को निवेशों तथा सेवाओं की यथेष्ठ और समय से आपूर्ति उपलब्ध कराता है यथा कृषि ऋण, उर्वरक, पीड़कनाशी, बीज और उपकरण। यह कृषक समुदाय के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए कृषि उत्पाद (मुख्यत: उद्यान कृषि उत्पाद) के विपणन का सही विकास करना चाहता है।
भारत सरकार ने संस्था पंजीकरण अधिनियम 1860 के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्था के रूप में राष्ट्रीय उद्यान कृषि बोर्ड (एनएचबी) की स्थापना भी इस उद्देश्य के साथ की है कि उद्यान कृषि क्षेत्र में ठोस विकास को बढ़ावा दिया जाए और फलों तथा सब्जियों के उत्पादन तथा संसाधन को समन्वित, प्रेरित और संपोषित करने में मदद भी की जाए। यह उत्पादन, संसाधन तथा विपणन के क्षेत्र में ठोस मूल संरचना स्थापित करना चाहता है, कटाई उपरांत प्रबंधन पर विशेष ध्यान देकर, ताकि हानि को कम किया जा सके। बोर्ड के मुख्य उद्देश्य हैं :
- चुनी गई मेखलाओं में उच्च गुणता वाले उद्यान कृषि फ़ार्म विकसित करना और उन क्षेत्रों को उद्यान कृषि गतिविधि से स्पंदन शील बनाना और फिर वे वाणिज्यिक उद्यान कृषि विकसित करने के लिए हब के रूप में काम करेंगे ;
- कटाई-उपरांत प्रबंधन मूल संरचना विकसित करना ;
- बाज़ार सूचना प्रणाली और उद्यान कृषि डाटाबेस को सुदृढ़ करना ;
- उन्नत विधियों और उद्यान कृषि प्रौद्योगिकी के साथ विशिष्ट किस्मों के लिए उपयुक्त उत्पाद विकसित करने में आर एण्ड डी कार्यक्रमों की मदद करना ;
- सस्य विज्ञान रीतियों तथा नई प्रौद्योगिकियों को सुधारने के लिए किसानों और संसाधन उद्योग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण तथा शिक्षा देना;
- ताज़ा और संसाधित रूप में फलों / सब्जियों के उपभोग को बढ़ावा देना आदि।
इसके अतिरिक्त भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा उद्यान कृषि फ़सलों के विभिन्न पहलुओं पर अनुसंधान करने के लिए भारतीय उद्यान कृषि अनुसंधान संस्थान (आईआईएचआर) की स्थापना की गई ताकि उनकी उत्पादकता, गुणता और उपयोगिता में सुधार किया जा सके। यह भारत का प्रमुख संस्थान है जो पूरी तरह देश में उद्यान कृषि की उत्पादकता बढ़ाने को समर्पित है। संस्थान की स्थापना निम्नलिखित मुख्य उद्देश्यों के साथ की गई हैं :-
- उष्ण कटिबंधीय तथा उपोष्ण कटिबंधीय उद्यान कृषि फ़सलों, यथा फल सब्जियों, श्रृंगार के पौधे, औषधीय तथा सुगंधित पौधे और मशरूम की उत्पादकता तथा उपयोगिता बढ़ाने के उद्देश्य से नीतियाँ विकसित करने के लिए आधारभूत और अनुप्रयोगिक अनुसंधान करना ;
- उद्यान कृषि से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी के भंडार के रूप में काम करना ;
- उद्यान कृषि उत्पादन के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकियों में वैज्ञानिक जनशक्ति के उन्नयन के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम करना;
- लक्ष्य और उद्देश्य प्राप्त करने के लिए संबंधित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग करना।
पिछले लगभग चार दशकों में संस्थान ने अनेक वृहत् परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है जिनसे फलों, सब्जियों तथा फूलों के उत्पादन की सीमाओं का उन्नयन और विस्तार करने की दृष्टि से भरपूर लाभ प्राप्त हुए हैं। साथ ही, आईआईएचआर अपना समग्र उद्देश्य पूरा करने के लिए सुर मिलाता रहा है और नई प्रौद्योगिकियां बनाता रहा है। फलस्वरूप, रीतियों के पैकेज के अतिरिक्त, अनेक प्रौद्योगिकियां उभरी हैं जिनमें लघु उद्यमियों तथा उद्यान कृषकों के लिए वाणिज्यिक उद्यमों के रूप में संभावना है।
राज्य / संघ राज्य क्षेत्र (यूटी) स्तर पर, अनेक उद्यान कृषि विभाग / प्रभाग हैं जो राज्य / संघ राज्य क्षेत्र में उद्यान कृषि गतिविधियों के विविध पहलुओं पर ध्यान देते हैं और भारत में उद्यान कृषि क्षेत्र की प्रगति में सक्रियता से लगे हुए हैं। उनमें से कुछ हैं :