कृषि मंत्रालय, के अंतर्गत
पशुपालन, डेयरी और मत्स्यिकी विभाग पशुधन के उत्पादन परिरक्षण, सुरक्षा एवं सुधार, डेयरी विकास से संबंधित मामलों के लिए और दिल्ली दुग्ध योजना तथा
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से संबंधित मामलों के लिए भी उत्तरदायी हैं। यह मत्स्यन तथा मात्स्यिकी से संबंधित सभी मामलों पर भी ध्यान देता है, जिसमें अंतर्देशीय तथा समुद्री क्षेत्र और राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड से संबंधित मामले भी शामिल हैं।
यह विभाग पशुपालन, डेयरी विकास तथा मत्स्यिकी की क्षेत्र में नीतियां तथा कार्यक्रम बनाने में राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्रों को सलाह भी देता हैं। गतिविधियां मुख्यत: निम्नलिखित पर केंद्रित हैं : (क) पशु उत्पादकता में सुधार के लिए राज्यों / संघ राज्य क्षेत्र में अपेक्षित मूल संरचना का विकास, (ख) स्वास्थ्य सुरक्षा की व्यवस्था करके पशुधन का परिरक्षण तथा संरक्षण, (ग) राज्यों को वितरण हेतु बढ़िया जर्मप्लाज्म के विकास के लिए केंद्रीय पशुधन फार्मों (पशु, भेड़ तथा कुक्कुट) को सुदृढ़ करना और (घ) स्वच्छ, खारे जल में जल कृषि का प्रसार, मछुआरों का कल्याण आदि।
यह विभाग देशभर में फैले 35 क्षेत्र कार्यालयों / अधीनस्थ कार्यालयों का प्रशासन भी देखता है जो पशुपालन, डेयरी तथा मत्स्यिकी क्षेत्रों की गति विधियों से संबंधित हैं।
1987 में आनंद, गुजरात में स्थापित राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) देश में सहकारी आधार पर डेयरी विकास की गति तीव्र करने के लिए एक प्रमुख संस्थान हैं। यह एनडीडीबी अधिनियम 1987 के अधीन संसद द्वारा राष्ट्रीय महत्त्व की संस्था के रूप में स्थापित एक सांविधिक निगमित निकाय है। एनडीडीबी सहकारिता के आधार पर डेयरी तथा अन्य कृषि आधारित एवं संबंधित उद्योगों के विकास को प्रोत्साहन देता है, योजनाएं बनाता है तथा उनके लिए कार्यक्रम आयोजित करता है और उन कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सहायता भी करता हैं।
भारतीय पशु चिकित्सा परिषद एक निगमित निकाय है जिसकी स्थापना भारतीय पशु चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1984 के अंतर्गत की गई है। यह पाठ्यक्रम बना कर देशभर में गतिविधि के एक-समान मानक बनाए रखने के लिए पशु चिकित्सा संस्थानों को लाइसेंस देकर पशु चिकित्सा शिक्षा को विनियमित करती है। इसके उद्देश्य हैं:
- भारतीय पशु चिकित्सक रजिस्टर बनाना और रखना जिसमें उन सभी व्यक्तियों के नाम हों जिनके पास मान्यता प्राप्त पशु चिकित्सा अर्हता है और जो राज्य के किसी राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर में दर्ज हैं जिस पर भारतीय पशुचिकित्सा परिषद अधिनियम लागू होता हैं।
- पशु चिकित्सा संस्थाओं द्वारा मान्यता प्राप्त पशु चिकित्सा अर्हताएं देने के लिए अपेक्षित पशु चिकित्सा शिक्षा के न्यूनतम मानक निर्धारित करना।
- भारत में पशु चिकित्सा संस्थाओं द्वारा दी गई पशु चिकित्सा अर्हताओं को मान्यता देने या मान्यता वास लेने की सिफारिश करना।
- पशु चिकित्सकों द्वारा अपनाए जाने वाले व्यावसायिक आचरण, शिष्टाचार तथा आचार संहिता के मानक निर्धारित करना।
- पशुचिकित्सा शिक्षा में प्रशिक्षण देने वाली अन्य देशों में स्थित संस्थाओं के साथ उनकी अर्हताओं को पारस्परिक आधार पर मान्यता के लिए बातचीत करना।
- देश में पशु चिकित्सा व्यवहार को विनियमित करना।
- पशु चिकित्सा के व्यवहार तथा शिक्षा से संबंधित सभी विनियामक मामलों पर केंद्रीय और राज्य सरकारों को सलाह देना।
- विनियम बनाना।
- अधिनियम, और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों तथा विनियमों के प्रावधानों को लागू करना।