भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक) विनियमन 2000 में विदेश उद्यम पूंजी निवेशकों के पंजीकरण के लिए व्यापक रूपरेखा दी गई है ताकि उन्हें भारत में व्यापार करते रहने की अनुमति दी जा सके। विनियमों के तहत ‘’विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक’’ शब्द का अर्थ है भारत के बाहर निगमित और स्थापित निवेशक, जो इन विनियमों के तहत पंजीकृत किया जाता है एवं इन विनियमों के अनुसार निवेश मानदंड, उनके सामान्य दायित्व और जवाबदेही उनके आचरण और कार्यों की जांच एवं निरीक्षण और किसी चूक के मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया की व्यवस्था भी करता है।
सेबी (विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक) विनियमन 2000 के मुख्य प्रावधान निम्नलिखित हैं:-
- पंजीकरण कराने के प्रयोजन के लिए आवेदक प्रपत्र क में दूसरी सूची में यथा विनिर्दिष्ट आवेदन शुल्क के साथ विनियमन की पहली सूची विनिर्दिष्ट आवेदन करेगा।.
- विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक के रूप में आवेदक को प्रमाणपत्र प्रदान करने के प्रयोजन से बोर्ड अर्हकता के लिए निम्नलिखित शर्तों पर विचार करेगा; अर्थात्: -
- आवेदक का ट्रैक रिकॉर्ड, व्यावसायिक क्षमता, वित्तीय मजबूती, अनुभव, निष्पक्षता और अखंडता की सामान्य स्थाति;
- भारत में निवेश करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा आवश्यक अनुमोदन इसे दिया गया है अथवा नहीं;
- क्या यह निवेश कंपनी है, निवेश न्यास निवेश साझेदारी, पेंशन निधि, म्यूचुअल फंड, वृत्तिदान निधि, यूनिवर्सिटी निधि, धमार्थ संस्था या कोई अन्य कंपनी जो भारत के बाहर निगमित है; अथवा
- क्या यह परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी है, निवेश प्रबंधक या निवेश प्रबंधन कंपनी या भारत के बाहर निगमित कोई अन्य निवेश माध्यम है;
- क्या यह उद्यम पूंजी निवेश में निवेश करने के लिए प्राधिकृत है या विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक के रूप में कार्यकलाप जारी रखने के लिए प्राधिकृत है;
- क्या यह उपयुक्त विदेशी विनियामक प्राधिकरण द्वारा विनियमित होता है या क्या यह आयकर दाता है या अपना या अपने प्रवर्तक के ट्रैक रिकार्ड के संबंध में अपने बैंकर से प्रमाणपत्र प्रस्तुत करता है जहां आवेदक न तो विनियमित निकाय है और न ही आयकर दाता है;
- इसे बोर्ड द्वारा प्रमाणपत्र जारी करने से इंकार नहीं किया गया है;
- जो भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (उपयुक्त और सही व्यक्ति के लिए मानदंड) विनियमन। 2000 के अनुसार क्या यह उपुयक्त और सही व्यक्ति है ।
- बोर्ड आवेदक से और अधिक सूचना मांग सकता है जैसा कि वह उचित समझता है।
- सभी तरह से पूरा नहीं किया गया आवेदन को बोर्ड द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा। तथापि, ऐसे किसी आवेदन को अस्वीकार करने के पहले आवेदक को सूचना प्राप्त होने के तीस दिनों के भीतर बोर्ड द्वारा दर्शाई आपत्तियों को हटाने का मौका दिया जाएगा।.
- यदि बोर्ड इस बात से संतुष्ट होता है कि आवेदक प्रमाणपत्र प्रदान करने के लिए अर्हक है तो यह आवेदक को इसकी सूचना भेजेगा। सूचना प्राप्त करने पर आवेदक बोर्ड को दूसरी सूची में विनिर्दिष्ट अनुसार पंजीकरण शुल्क का भुगतान करेगा। इसलिए बोर्ड प्रपत्र ख में प्रमाणपत्र प्रदान करेगा।
- विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक को दिया गया प्रमाणपत्र निम्नलिखित शर्तों के अध्याधीन होगा :-
- यह भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम 1992 और इन विनियमों का अनुपालन करेगा;
- यह प्रतिभूति की अभिरक्षा के लिए घरेलू अभिरक्षक की नियुक्ति करेगा;
- विशेष अनिवासी रुपया या विदेशी मुद्रा खाता के संचालन के प्रयोजन से एक प्राधिकृत. बैंक के साथ करार करेगा।
- यदि पहले बोर्ड को दिए गए विवरण या सूचना गलत या किसी विशेष सामग्री के संबंध में गुमराह करने वाला पाया जाता है या पहले दी जा चुकी सूचना में यदि कोई परिवर्तन होता है तो यह बोर्ड को लिखित सूचना देगा।
- यदि बोर्ड यह समझता है कि प्रमाणपत्र की गारंटी नहीं दी जानी चाहिए तो यह आवेदक को सुनवाई का समुचित अवसर देने के बाद आवेदन को अस्वीकृत कर सकता है। ऐसा आवेदक विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक के रूप में कोई कार्यकलाप जारी नहीं रखेगा।
- विदेशी उद्यम पूंजी निवेशकों द्वारा किए जाने वाले सभी निवेश निम्नलिखित शर्तों के अध्यायीन होंगे: -
- यह बोर्ड के सामने अपनी निवेश कार्यनीति प्रकट करेगा.
- यह एक उद्यम पूंजी निधि में अपने पूरी वचनबद्ध निधि का निवेश करेगा।.
- यह निवेश योग्य निधि का कुछ विनिर्दिष्ट प्रतिशत असूचीबद्ध इक्विटी शेयरों या उद्यम पूंजी उपक्रम के इक्विटी सहबद्ध लिखतों में निवेश करेगा।
- यह निधि के जीवन चक्र के अंतराल आदि को प्रकट करेगा।.
- प्रत्येक विदेशी पूंजी निवेशक आठ वर्ष की अवधि तक खाता बही, रिकॉर्ड और दस्तावेजों का रखरखाव करेगा जो उसके कार्य स्थिति का सही और स्पष्ट चित्रण देगा। यह उन स्थानों की जानकारी बोर्ड को लिखित रूप में देगा जहां खाता बही, रिकार्ड और दस्तावेज रखे जाते हैं।
- विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक यह सुनिश्चित करेगा कि अभिरक्षक निम्नलिखित के लिए कदम उठाएगा:- (i) भारत में विदेशी उद्यम पूंजी निवेशकों के निवेश की निगरानी; (ii) बोर्ड को समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत; करना और (iii) बोर्ड द्वारा मांगी जाने वाली सूचना देना।
- बोर्ड स्व-प्रेरणा से या सूचना या शिकायत प्राप्त करने पर इनमें से किसी कारणों से जिस अधिकारी को बोर्ड उपयुक्त समझे उस अधिकारी द्वारा विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक के आचरण और कार्यों निरीक्षण या जांच करा सकता है, अर्थात्:-
- यह सुनिश्चित करने के लिए कि विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक द्वारा इन विनियमों में विनिर्दिष्ट तरीकों से बही खाता, रिकॉर्ड और दस्तावेजों का रखरखाव किया जा रहा है।
- निवेशकों ग्राहक या किसी अन्य व्यक्ति से विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक के कार्यकलापों को प्रभावित करने वाले विषय के संबंध में प्राप्त शिकायतों का निरीक्षण या उनकी जांच करने के लिए;
- यह सुनिश्चित करने के लिए क्या अधिनियम और इन विनियमों के प्रावधानों का विदेशी उद्यम पूंजी निवेशकों द्वारा अनुपालन किया जाता है; अथवा नहीं
- प्रतिभूति बाजार के हित में या निवेशकों के हित में स्व-प्रेरणा से विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक के कार्यों का निरीक्षण या जांच करने के लिए।
- यह प्रत्येक विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक का कर्तव्य होगा जिसके संबंध में निरीक्षण या जांच का आदेश हुआ है कि वह निरीक्षण या जांच अधिकारी को ऐसे बही, खाते और अपने अभ्रिरक्षा में या नियंत्रणाधीन दस्तावेज उपलब्ध कराये और उसे ऐसे विवरण और सूचना प्रस्तुत करे जिसकी उक्त अधिकारी को निरीक्षण और जांच के लिए आवश्यकता होती है।
- निरीक्षण या जांच अधिकारी निरीक्षण या जांच पूरी होने पर बोर्ड के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। रिपोर्ट पर विचार करने के बाद और विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक को सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करने के बाद बोर्ड को ऐसे उपाय करने या निदेशन जारी करने की आवश्यकता है जो पूंजी बाजार के हितों और निवेशकों के हितों के लिए उपयुक्त समझा जाए, निदेशन की प्रकृति में निम्नलिखित शामिल हैं:-
- संबंधित व्यक्ति को प्रतिभूतियों और विनिवेशों का निदेशन में विनिर्दिष्ट तरीके से साक्ष्य देने की आवश्यकता है;
- संबंधित व्यक्ति को एक विशेष अवधि के लिए और अधिक विवेश न करने की आवश्यकता है;
- संबंधित व्यक्ति को भारत में अवधि विशेष के लिए पूंजी बाजार में प्रचालन करने से प्रतिसिद्ध करना
- बोर्ड प्रमाणपत्र निलम्बित कर सकता है जहां विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक :- (i) भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम या इन विनियमों के किसी उल्लंघन करता है; (ii) बोर्ड द्वारा यथा अपेक्षित विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक के रूप में अपने क्रियाकलाप से संबंधित कोई सूचना प्रस्तुत करने में विफल होता है; (iii) बोर्ड के समक्ष गलत सूचना या किसी विशेष सामग्री संबंधी गुमराह करने वाली सूचना देता है; (iv) बोर्ड द्वारा यथा अपेक्षित समय-समय पर विवरणियां या रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता है; और (v) बोर्ड द्वारा की जाने वाली किसी जांच या निरीक्षण में सहयोग नहीं देता है।
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