विशिष्ट रूप से उपभोक्ताओं की शिकायतों के निपटान तथा उनके अधिकारों के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करने तथा सामान तथा सेवाओं इत्यादि के मानकों में उन्नयन हेतु एक नोडल संगठन के रूप में कार्य करने के लिए वर्ष 1997 में केंद्रीय स्तर पर केंद्र सरकार में
उपभोक्ता कार्य विभाग का गठन किया गया। केंद्र में
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एन सी डी आर सी) और उपभोक्ता संरक्षण परिषद् भी कार्यरत है।
उपभोक्ता कार्य विभाग
उपभोक्ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन उपभोक्ता कार्य विभाग मूल्यों, अनिवार्य वस्तुओं की उपलब्धता, देश में उपभोक्ता आंदोलन की निगरानी करने तथा भारतीय मानक ब्यूरो और तोल और माप जैसे सांविधिक निकायों पर नियंत्रण हेतु नीतियां तैयार करने के लिए उत्तरदायी है। विभाग को व्यापक रूप से निम्नलिखित कार्य सौंपे गए है।
- आंतरिक व्यापार
- वायदा व्यापार पर नियंत्रण : द फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्टूस (रेगुलेशन) एक्ट 1952 (1952 का 74)
- अनिवार्य वस्तु अधिनियम 1955 (1955 का 10) (किसी अन्य मंत्रालय/विभाग द्वारा अनिवार्य वस्तुओं की आपूर्ति, मूल्य/वितरण पर कार्रवाई न की जाए।
- अनिवार्य वस्तु आपूर्ति की कालाबाजारी का निवारण और अनुरक्षण अधिनियम (प्रिवेंशन आफ ब्लैक मार्केटिंग एंड मेंटेनेंस आफ सप्लाई आफ एसेन्शियल कमोडिटिज एक्ट), 1980 (1980 का 7) इसके अंतर्गत व्यक्ति वैट के अध्यधीन है।
- पैक हुई वस्तुओं का विनियमन
- विधिक माप विज्ञान में प्रशिक्षण
- संकेत और नाम (अनुचित उपयोग निवारण) अधिनियम 1952 (1952 का 12)
- तोल और मापकों के मानक। मानक भार और मापन अधिनियम, 1976 (1976 का 60) और मानक भार और मापन अधिनियम (प्रवर्तन) अधिनियम 1985
- भारत मानक ब्यूरो अधिनियम, 1986 (1986 का 63)
- विनिर्दिष्टीकरण मानक और संहिता निर्धारित करना और उपभोक्ताओं हेतु जैव ईंधन की गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करना।
- वायदा बाजार आयोग
- उपभोक्ता सहकारिता
- मूल्यों की निगरानी और अनिवार्य वस्तुओं की उपलब्धता
- राष्ट्रीय परीक्षण गृह
- उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 (1986 का 68)
विभाग ने देश में उत्तरदायी और प्रतिक्रियात्मक उपभोक्ता आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाएं हैं। इनमें निम्न शामिल हैं : जिनको बढ़ावा देने और सरकारी तथा गैर सरकारी संगठनों एवं अन्य के प्रयासों के माध्यम से उपभोक्ता जागरूकता को बढ़ावा देने तथा उपभोक्ताओं की सहलग्नता को प्रोत्साहित करने के लिए मल्टीमीडिया का प्रयोग।