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भारत में
भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 1986 (भा मा ब्यूरो अधिनियम, 1986) मुख्य अधिनियम है जो वस्तुओं
के लिए मानकों के निर्धारण और प्रवर्तन को शासित करता है यह
संपूर्ण भारत पर विस्तारित है। इसे वस्तुओं के मानकीकरण,
चिह्नीकरण तथा गुणवत्ता प्रमाणन के कार्यकलापों के
सामंजस्यपूर्ण विकास तथा उससे संबंधित अथवा उससे
उत्पन्न होने वाले मामलों के लिए ब्यूरो की स्थापना
का प्रावधान करने के लिए अधिनियमित किया गया है। इस
अधिनियम के अंतर्गत
भारतीय मानक ब्यूरो ने, भारत का राष्ट्रीय मानक निकाय
होने के कारण भारतीय मानक संस्था (आईएसआई) के स्टॉफ
परिसंपत्तियों तथा देयताओं का अधिग्रहण करते हुए अप्रैल
1987 से सांविधिक निकाय के रूप में कार्य करना आरंभ किया।
तब से ब्यूरो देश में मानकीकरण आंदोलन को बढ़ावा देने और
उसका पोषण करने में सक्रियता और सफलता से कार्यरत है। यह
समयबद्ध कार्यक्रम के रूप में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के
अनुसार आवश्यकता आधारित भारतीय मानक तैयार कर रहा है।
अधिनियम में भारतीय मानक से तात्पर्य किसी वस्तु अथवा
ऐसी वस्तु की गुणवत्ता और विनिर्दिष्टता की सूचक
प्रक्रिया अथवा प्रक्रिया के संबंध में ब्यूरो द्वारा
स्थापित और प्रकाशित मानक (जिसमें
प्रयोगात्मक अथवा अंतिम मानक भी शामिल है) से, और भारतीय
मानक संस्था द्वारा स्थापित और प्रकाशित अथवा
मान्यताप्राप्त कोई मानक और जो ब्यूरो की स्थापना की
तिथि से तत्काल पूर्व से लागू है, से है। जबकि चिह्न
'शब्द में "साधन, ब्रांड, शीर्ष, लेबल, टिकट, चित्र
प्रदर्शन, नाम, हस्ताक्षर, शब्द, अक्षर अथवा अंक अथवा
उनके मिश्रण शामिल हैं"
भा मा ब्यूरो अधिनियम, 1986 की कुछ प्रमुख विशेषताएं
निम्नवत् हैं :-
- अधिनियम के अनुसार ब्यूरो को निम्नवत कार्य सौंपे गए है:-
- किसी वस्तु अथवा प्रक्रिया के संबंध में भारतीय मानकों की
स्थापना, प्रकाशन और संवर्धन करना;
- किसी वस्तु अथवा प्रक्रिया के संबंध में भारत अन्यत्र कहीं किसी
अन्य संस्था द्वारा स्थापित किसी भी मानक को 'भारतीय मानक' के रूप
में मान्यता देना;
- भारतीय मानक ब्यूरो प्रमाणन चिह्न कहे जाने हेतु किसी मानक चिह्न का
डिजाइन और अन्य वितरण विनिर्दिष्ट करना।
- मानक चिह्न के उपयोग हेतु लाइसेंस प्रदान करना, उसका नवीकरण करना
उसे निलंबित करना अथवा रद्द करना और इन प्रयोजन हेतु शुल्क लेना।
- किसी सामग्री अथवा पदार्थ की यह देखने के लिए जांच करना और नमूना
लेना कि क्या कोई वस्तु अथवा प्रक्रिया जिसके संबंध में मानक चिह्न का
उपयोग किया गया है, भारती मानक के अनुसार है अथवा क्या किसी वस्तु
अथवा प्रक्रिया के संबंध में लाइसेंस सहित अथवा बगैर लाइसेंस के मानक
चिह्न का अनुचित उपयोग किया गया है;
- वस्तुओं और प्रक्रियाओं के मानकीकरण और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए
प्रयोगशालाओं की स्थापना करना, उनका अनुरक्षण करना और उन्हें
मान्यता देना;
- उपभोक्ताओं और विनिर्माताओं इत्यादि के हित में भारतीय मानकों
के निर्माण हेतु अनुसंधान करना।
- किसी वस्तु अथवा प्रक्रिया के संबंध में मानक चिह्न का उपयोग करने
के लिए व्यक्ति को लाइसेंस प्राप्त करना अपेक्षित है। ब्यूरो द्वारा
विनिर्दिष्ट शर्तों की पूर्ति तथा निर्धारित शुल्क के भुगतान के
अध्यधीन आदेश द्वारा लाइसेंस प्रदान किया जाए, उसका नवीकरण किया जाए,
उसे निलंबित अथवा रद्द किया जाए।
- अधिनियम में लाइसेंस प्राप्त होने को छोड़कर, किसी वस्तु अथवा
प्रक्रिया के संबंध में अथवा किसी पेटेंट के शीर्षक पर अथवा किसी
ट्रेडमार्क अथवा डिजाइन पर मानक चिह्न का अथवा उसी बनावटी नकल का उपयोग
निषिद्ध है। लाइसेंस प्राप्त होने के बाद भी मानक चिह्न अथवा उसकी
बनावटी नकल का उपयोग करने की तब तक अनुमति नहीं जब तक कि वस्तु अथवा
प्रक्रिया भारतीय मानक के अनुसार न हो।
- अधिनियम में किसी नाम जो कि ब्यूरो के नाम से काफी मिलता जुलता हो
जिससे कि जनता को धोखा हो अथवा धोखा होने की संभावना है अथवा जिसमें
"भारतीय मानक" की अभिव्यक्ति हो अथवा उसका संक्षिप्त नाम हो, का
ब्यूरो की अनुमति के बिना उपयोग करना निषिद्ध है। इसके अतिरिक्त,
किसी वस्तु अथवा प्रक्रिया के संबंध में कोई चिह्न अथवा ट्रेडमार्क जिस
पर "भारतीय मानक" अथवा "भारतीय मानक का विवरण" अभिव्यक्तियां
अथवा ऐसी अभिव्यक्तियों का संक्षिप्तीकरण दिया गया हो, भी निषिद्ध
है।
- अधिनियम में किसी भी पंजीकरण प्राधिकारी को किसी ऐसे नाम अथवा चिह्न
वाली किसी कंपनी, फर्म अथवा व्यक्तियों के निकाय अथवा किसी ऐसे नाम
अथवा चिह्न वाले ट्रेडमार्क अथवा डिजाइन को पंजीकृत करना अथवा किसी ऐसे
नाम व चिह्न वाले आविष्कार के संबंध में पेटेंट प्रदान करना निषिद्ध
है; यदि ऐसे नाम अथवा चिह्न का उपयोग इस अधिनियम का उल्लंघन करते हों।
- यदि केंद्र सरकार की ब्यूरो से परामर्श के पश्चात राय है कि ऐसा
करना जनहित में आवश्यक अथवा उचित है तो यह सरकारी राजपत्र में आदेश
प्रकाशित कर किसी अनुसूचित उद्योग की किसी वस्तु अथवा प्रक्रिया जो
भारतीय मानक के अनुसार हो, को अधिसूचित कर सकती है; और ऐसी वस्तु पर
अथवा प्रक्रिया में लाइसेंस के अधीन अनिवार्य मानक चिह्न के उपयोग का
निदेश दे सकती है।
- यदि कोई व्यक्ति अधिनियम में विनिर्दिष्ट किसी भी प्रावधान का
उल्लंधन करता है उसे कारावास की सजा हो सकती है जिसकी अवधि एक वर्ष तक
हो सकती है अथवा उस पर जुर्माना लग सकता है जो 50 हजार रूपए तक हो सकता
है अथवा दोनों ही दंड दिए जा सकते हैं।
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