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किसी भी समाज में
"भार तथा मापन" विनियम प्रत्येक लेनदेन का अर्थात
उत्पादन व्यापार तथा व्यवसाय क्रियाकलापों का आधार होते
है। यह सुनिश्चित करने के लिए उनकी आवश्यकता होती है कि
विश्व भर के उपभोक्ताओं को सही तथा यथार्थ
भार तथा मापन,
के प्रावधानों को विनियमित करने का नोडल
प्राधिकरण
उपभोक्ता कार्य विभाग,
उपभोक्ता कार्य, खाद्य तथा सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
के अंतर्गत भार तथा मापन से जुड़े
अधिनियमों तथा नियमों को क्रियान्वित करने में लगा हुआ है।
ये है:-
भार तथा मापन के मानक अधिनियम, 1976;
भार तथा मापन के मानक (प्रवर्तन)
अधिनियम, 1985;
भार तथा मापन मान (सामान्य) नियमावली
1987; तथा
भार और मापन मानक (पैकेज बंद वस्तुएं) नियमावली, 1977।
भार तथा मापन मानक अधिनियम 1976 तथा
भार और मापन मान (प्रवर्तन) अधिनियम 1985 नामक अधिनियम
मुख्यत: यह सुनिश्चित करने पर संकेंद्रित हैं कि व्यापार
अथवा वाणिज्य, औद्योगिक उत्पादन के लिए अथवा मापन
स्वास्थ्य के संरक्षण और सुरक्षा के लिए प्रयुक्त सभी
भार अथवा मापन यथार्थ तथा विश्वसनीय हैं ताकि
प्रयोक्ताओं को उनके निष्पादन तथा गुणवत्ता की गारंटी
प्राप्त हो तथा उपभोक्ता को वह सही मात्रा प्राप्त हो
जिसके लिए वह भुगतान करता है। तथापि, इन कानूनों को अधिक
पारदर्शी और सरल बनाने के लिए, सरकार का प्रस्ताव इन
दोनों अधिनियमों में संशोधन करने का तथा तदनुसार विचाराधीन
दोनों विद्यमान अधिनियमों की विशिष्टताओं को मिलाकर एक
व्यापक एकीकृत विधान अधिनियमित करने का है।
- भार और मानक अधिनियम, 1976
इस अधिनियम का अधिनियमन भार तथा मापन के मानक स्थापित
करने, भार मापन तथा अन्य वस्तुओं, जिनकी बिक्री या वितरण भार, माप या
संख्या द्वारा किया जाता है में अंतर-राज्य व्यापार या वाणिज्य को
विनियमित करने, उनसे जुड़े या अनुषंगिक मामलों के लिए व्यवस्था करने के लिए
किया गया था। अधिनियम के अंतर्गत, भार तथा माप में "भार करने का मापन करने
वाला उपकरण" भी शामिल है जिसका अर्थ है "कोई भी वस्तु उपकरण, यंत्र या
युक्ति या उनका कोई भी संयोजक जिसका प्रयोग से अनन्य रूप से या अतिरिक्त
रूप से किया जाता है या किया जाना आशयित है तथा इसमे ऐसी किसी वस्तु, उपकरण,
उपस्कर या युक्ति से संबद्ध कोई उपकरण, सहायक सामग्री या पुर्जा शामिल है।"
इस अधिनियम की मुख्य विशिष्टताएं है :-
- मापन या भार की प्रत्येक इकाई मैट्रिक प्रणाली की
इकाइयों पर, जो भार और मापन संबंधी महासम्मेलन
द्वारा तथा अनुशंसित अंतरराष्ट्रीय इकाई प्रणाली है तथा अंतरराष्ट्रीय
कानूनी मीट्रालॉजी संगठन. द्वारा यथा अनुशंसित
अतिरिक्त इकाइयों पर आधारित होगी। उदाहरगार्थ, लम्बाई की आधार इकाई मीटर,
साम-किलोग्राम, समय-सैकेंड, वैद्युत करेंट-एम्पीयर, थर्मोडायनेमिक्स
तापमान-केल्विन, ल्यूमिनस सहनता-कैडेला, प्रदार्थ मात्रा-मोल तथा
न्यूमरेशन का भारतीय अंकों के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप की इकाई।
- अधिनियम में किसी भी गैर मानक भार या मापन अथवा अंक
का प्रयोग निषिद्ध है। इस प्रकार, ईंटों, पत्थरों, कापियों या किसी गैर
मानक सामग्री से बनाए गए भारों का प्रयोग कठोरता से प्रतिषिद्ध है।
- केंद्र सरकार किसी भी भार या माप के संबंध में
अंतरराष्ट्रीय कानूनी मीटरोलॉजी संगठन द्वारा की गई अनुशंसाओं के अनुसार
भौतिक विशिष्टताएं, समाभिरूपण, संरचनात्मक ब्यौरों, सामग्री, उपकरण,
निष्पादन, सहिष्णुता, परीक्षण विधियां या प्रक्रिया विधियां का निर्धारण
करेगी।
- जब अंतरराज्य व्यापार या वाणिज्य के क्रम के पैकेज्ड
स्वरूप में वस्तुओं का विक्रय या वितरण किया जाता है तो यह अनिवार्य है
कि प्रत्येक पैकेज पर एक निश्चित, सादी तथा स्पष्ट घोषणा हो जिसमें
पैकेज में वस्तु की पहचान; भार या मापन की मानक इकाई अथवा पैकेज में
वस्तु के अनुसार निवल प्रमात्रा; जहां वस्तु को संख्या के अनुसार
पैकेज किया जाता है, वहां पैकेज में निहित वस्तु की वास्तविक संख्या;
वस्तु का इकाई बिक्री मूल्य तथा साथ ही उस वस्तु के उस विशिष्ट पैकेज
का बिक्री मूल्य प्रदर्शित किया जाए। विनिर्माता का नाम तथा पता तथा साथ
ही पैकेट या वितरक का नाम और पता भी पैकेज पर उल्लिखित किया जाना चाहिए।
- अधिनियम में यह कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति किसी
ऐसे पैकेज को बेचेगा न ही वितरित नहीं करेगा अथवा बिक्री के लिए परिदत्त नहीं
करेगा जिसमे ऐसी वस्तु निहित हो जिसकी प्रमात्रा ऐसे पैकेज की निर्धारित
क्षमता से कम है, सिवाए जहां ऐसे व्यक्ति द्वारा यह सिद्ध किया जाता है कि
पैकेज को इस प्रकार इस उद्देश्य से भरा गया है (i)
ऐसे पैकेज की विषय वस्तु को संरक्षित करने के प्रयोजनार्थ; अथवा (ii)
ऐसे पैकेज की विषयसामग्री को भरने के लिए प्रयुक्त मशीनों की अपेक्षाओं को
पूरा करने के लिए।
- जहां किसी भी अंतरणकर्ता राज्य (वह राज्य जहां से उस
राज्य में बनाए गए या विनिर्मित अथवा वहां बिक्री या प्रयोग के लिए रखे गए
किसी भार या मापन को किसी अन्य राज्य में भेजा या परिदत्त किया जाता
है) से अंतरिती राज्य (राज्य जिसमें किसी अन्य राज्य से बिक्री या
प्रयोग हेतु कोई भार या मापन परिदत्त किया जाता है या प्राप्त होता है)
को भेजा गया कोई भार या मापन ऐसा है कि (i)
अंतरिती राज्य को उसका प्रेषण किए जाने से पूर्व उसे अलग अलग किया जाना
अपेक्षित नहीं है तथा ऐसे प्रेषण के कारण उसकी यथार्थता समाप्त होने की
संभावना नहीं है तो उसे प्रथम श्रेणी का भार या मापन कहा जाएगां; (ii)
अंतरिती राज्य को उसका प्रेषण किए जाने से पूर्व उसे अलग अलग किया जाना
अपेक्षित है तथा अंतरिती राज्य में प्रयोग के लिए उसे पुन: संयोजित तथा
संस्थापित किया जाना अपेक्षित है तो उसे द्वितीय श्रेणी का भार या मापन कहा जाएगा।
- प्रथम श्रेणी के भार या मापन को किसी अंतरिती राज्य
को प्रेषित करने से पूर्व अंतरणकर्ता राज्य में स्थानीय निरीक्षण के
समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा तथा यदि ऐसे भार या मापन के सम्यापन के
पश्चात ऐसा निरीक्षक संतुष्ट है कि ऐसा भार या मापन इस अधिनियम के
द्वारा या इस के अधीन स्थापित मानकों के समनुरूप है, तो वह उस पर इस
अधिनियम के तहत बनाए गए नियमों द्वारा यथा विनिर्दिष्ट मुहर अंकित करेगा।
हालांकि अंतरणकर्ता राज्य में द्वितीय श्रेणी के भार या मापन का
सत्यापन तथा मुहरांकन नहीं किया जाएगा किंतु अंतरिती राज्य में इसके पुन:
संयोजन तथा संस्थापना के पश्चात स्थानीय निरीक्षक द्वारा इसका सत्यापन
तथा मुहरांकन किया जाएगा।
- प्रत्येक भार या मापन के सत्यापन तथा मुहरांकन के
लिए शुल्क निम्न प्रकार उद्ग्रहीत किया जाएगा (i)
प्रथम श्रेणी के भार या मापन पर शुल्क का उद्ग्रहण तथा संग्रहण
अंतरणकर्ता राज्य द्वारा किया जाएगा; तथा (ii)
द्वितीय श्रेणी के लिए शुल्क का उद्ग्रहण तथा संग्रहण अंतरिती राज्य
द्वारा किया जाएगा।
- किसी भी भार या मापन के लिए, चाहे वह प्रथम श्रेणी
का हो या द्वितीय श्रेणी का आवधिक पुन: सत्यापन आवश्यक नही होगा यदि यह
अनन्य रूप से घरेलू प्रयोग के लिए आशयित है तथा इसका प्रयोग चिकित्सा
व्यवसाय के दौरान इस व्यवसाय के किसी सदस्य द्वारा नही किया जाता है।
- कोई भी डीलर या विनिर्माता किसी भी ऐसे भार या मापन का निर्यात या आयात नहीं करेगा जब तक कि वह यथामामला उसके निर्यातक या
आयातक के रूप में पंजीकृत न हो। प्रत्येक व्यक्ति, जिसका इरादा किसी भार
या मापन के निर्यातक या आयातक के रूप में व्यवसाय आरम्भ करने या उसे
जारी रखने का हैं, निर्धारित समय के भीतर अपने नाम को इस प्रयोजनार्थ
अनुरक्षित रजिस्टर में पंजीकृत कराने के लिए एक आवेदन पत्र करेगा। आवेदन
निदेशक के नाम किया जाएगा तथा ऐसा प्रत्येक आवेदन निर्धारित प्रपत्र में
तथा निर्धारित शुल्क की अदायगी करके किया जाएगा, आवेदन पत्र प्राप्त होने
पर, निदेशक, यदि वह ऐसी पूछताछ जो वह उचित समझे के पश्चात संतुष्ट है कि
सार्वजनिक हित में ऐसा करना यथोचित है, रजिस्टर में आवेदक का नाम शामिल
करेगा तथा आवेदक को इस आशय का प्रमाणपत्र जारी कर देगा कि उसके नाम को इस
प्रकार शामिल कर लिया गया है तथा उक्त प्रमाणपत्र की एक प्रति उस राज्य
में कानूनी मीट्रोलॉजी नियंत्रक को भेजे गए। जहां निर्यातक या आयातक अपना
व्यवसाय संचालन कर रहा है।
- भार तथा मापन मानक (प्रवर्तन) अधिनियम, 1985
इस अधिनियम का अधिनियमन भार तथा मापन मानक अधिनियम 1976
द्वारा था उसके तहत स्थापित भार तथा मापन मानकों तथा उससे जुड़े या
अनषंगिक मामलों के प्रवर्तन के लिए किया गया था।
अधिनियम के अनुसार, ऐसी किन्ही भी वस्तुओं वस्तुओं या
माल, जो बेचा गया, अंतरित, वितरित या परिदत्त किया गया है अथवा प्रदत्त किसी
भी सेवा के संबंध में (सिवाए जो मानक अधिनियम के अंतर्गत अनुमत है), किसी भी
व्यक्ति को निम्न की अनुमति नहीं हैं (i) कोई भी
मूल्य या प्रभार बोलकर या अन्यथा उद्धृत करना या उसकी घोषणा करना; अथवा (ii)
किसी मूल्य सूची, इन्वायस, कैश मीमो या अन्य दस्तातेज का निर्गम या
प्रदर्शन करना; अथवा (iii) किसी विज्ञापन, पोस्टर या
अन्य दस्तावेज में किसी भार या मापन का उल्लेख करना; अथवा (iv)
किसी भी पैकेज की निवल विषय सामग्री के भार या माप या संख्या को निर्दिष्ट
करना; (v) किसी लेन देन औद्योगिक उत्पादन या संरक्षण
के संबंध में किसी प्रमात्रा या आयाम को अभिव्यक्त करना।
प्रत्येक व्यक्ति, जो किसी लेनदेन में या औद्योगिक
उत्पादन के लिए अथवा संरक्षण के लिए किसी भार या मापन के प्रयोग को आरंभ
करने या उसे जारी रखने का इरादा रखता है। निर्धारित समय के भीतर अपने नाम को
इस प्रयोजनार्थ अनुरक्षित किए जाने वाले रजिस्टर में, जिसे " प्रयोक्ता
रजिस्टर" कहा जाता है। शामिल करवाने के लिए निर्धारित प्रपत्र में तथा
विनिर्दिष्ट शुल्क का भुगतान करके एक आवेदन पत्र प्राप्त करेगा। आवेदन पत्र नियंत्रक
को अथवा नियंत्रक द्वारा प्राधिकृत ऐसे किसी अन्य व्यक्ति के नाम किया
जाएगा।
आवेदन पत्र प्राप्त होने पर नियंत्रक या उसके द्वारा
प्राधिकृत व्यक्ति ऐसे व्यक्ति के नाम को प्रयोक्ता रजिस्टर में शामिल
करेगा तथा आवेदक को इस आशय का आवेदन पत्र जारी करेगा कि उसके नाम को इस प्रकार
शामिल कर लिया गया है।
अधिनियम में आगे यह कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति किसी
भी मापन या भार का निर्माण, विनिर्माण, मरम्मत या बिक्री नहीं करेगा अथवा
मरम्मत या बिक्री की पेशकश, प्रतिपादन नहीं करेगा या अपने पास नहीं रखेगा जब
तक कि उसके पास नियंत्रक द्वारा इस बारे में जारी वैध लाइसेंस हो जिससे उसे
ऐसा करने के लिए प्राधिकृत किया गया हो।
प्रत्येक व्यक्ति, जो किसी भार या मापन के निर्माता,
विनिर्माता, मरम्मतकर्ता या विक्रेता के रूप में व्यवसाय आरंभ करने का
इरादा रखता है, निर्धारित प्रपत्र में तथा निर्धारित शुल्क का भुगतान करके
उसे ऐसा लाइसेंस जारी किए जाने के लिए आवेदन पत्र करेगा तथा इस प्रकार जारी
प्रत्येक लाइसेंस को नवीकृत किया जा सकता है यदि ऐसे व्यक्ति निर्धारित
प्रपत्र में इसकी वैधता की अवधि समाप्त होने से कम से कम एक माह पूर्व किया
जाए। - भार तथा मापन से जुड़ी नियमावली
वाणिज्यिक लेनदेन, औद्योगिक उत्पादन में प्रयुक्त माप
उपकरणों तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा मावन सुरक्षा में अंतर्ग्रस्त माप
के विनिर्देशन भार तथा
मापन मानक (सामान्य) नियमावली, 1987 में
दिए गए है। उपभोक्ता कार्य विभाग ने पहले ही भार तथा मापन उपकरणों की
नवीनतर किस्मों को विनियमित करने के लिए
अंतरराष्ट्रीय कानूनी मीट्रोलॉजी संगठनों द्वारा
की गई अनुशंसाओं के अनुसार इन नियमों में नए विनिर्देशनों को अपनाने की
प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इस उद्देश्यार्थ, अंतरराष्ट्रीय कानूनी
मीट्रोलॉजी संगठन की सिफारिशों के आधार पर स्वचालित रेल भारपुलों, डिजिटल
किस्म के नैदानिक थर्मामीटरों, स्वचालित ग्रेवीमैट्रिक फिलिंग उपकरणों
उच्चतर क्षमता की भार तोल मशीनो का परीक्षण करने के लिए मानक भारों,
टोटलाईजिंग स्वचालित भार तोल उपकरणों स्फाई गोमैनोमीटर तथा सी एनजी गैस
डिस्पैंसर्स को बंद करने के नए विनिर्देशनों को शामिल करने के लिए नियमों को
संशोधित किया गया है।
भारत में भार तथा मापन विनियम अंतरराज्य व्यापार या
वाणिज्य के दौरान पहले से पैक किए गए स्वरूप में वस्तुओं की बिक्री को भी विनियमित
करते है। भार
तथा मापन (पैकेज बंद वस्तु) मानक नियमावली 1977
में विनिर्माताओं/पैकेटों से यह अपेक्षित है कि वे उपभोक्ताओं के हित का
संरक्षण करने तथा साथ ही पैकेज में उत्पाद की घोषित मात्रा की उपलब्धता
सुनिश्चित करने के लिए पैकेज की गई वस्तुओं पर कुछ आधारित सूचना की
अनिवार्य योजना निर्दिष्ट करें। नियमावली में आयातकों से ये अपेक्षा भी की
गई है कि वे स्वदेशी पैकेजों के समान ही आयातित पैकेजों पर भी कुछ आधारित
घोषणाएं उपलब्ध कराएं। तथापि, सम्पूर्ण नियमावली को अपेक्षाकृत सरल तथा
पारदर्शी बनाने के लिए उनकी समीक्षा की जा रही है।
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