उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण सरकार की प्रमुख चिंताओं में से एक है। उपभोक्ताओं के हित का संवर्धन करने तथा उन्हें चयन, सुरक्षा, सूचना तथा निवारण के अधिकार प्रदान करने के लिए अनेक कि नीतिया तथा विधान सुव्यवस्थित किए गए है। तदनुसार, केन्द्र तथा राज्य, दोनों स्तरों पर एक सुस्थापित संगठनात्मक संरचना एक पृथक विभाग के रूप में विद्यमान है।
उपभोक्ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अंतर्गत उपभोक्ता कार्य विभाग उपभोक्ताओं के अधिकारों के संरक्षण, उपभोक्ता शिकायतों के निवारण तथा माल और सेवा मानकों के संवर्धन इत्यादि के लिए स्थापित नोडल संगठन है।
उपभोक्ता विवादों के त्वरित तथा सस्ते निपटान के लिए राष्ट्रीय, राज्य तथा जिला स्तरों पर एक त्रिस्तरीय अर्ध न्यायिक उपभोक्ता विवाद निवारण मशीनरी है। इसमें राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी), राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग तथा जिला मंच।
उपभोक्ता जागरूकता का सृजन/विस्तार करने के प्रयोजनार्थ केन्द्रीय, राज्य तथा जिला स्तरों पर उपभोक्ता संरक्षण परिषदों की स्थापना भी की गई है। इनमें केन्द्रीय उपभोक्ता संरक्षण परिषद, राज्य उपभोक्ता संरक्षण परिषद तथा जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद शामिल है।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकारों ने एक पृथक विभाग स्थापित किया है जो उपभोक्ता मामलों से जुड़े सभी मुद्दों पर कार्रवाई करता है।.

