राज्य स्तर पर उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए संगठनात्मक संरचना में एक पृथक विभाग शामिल है जो उपभोक्ता कार्यों से जुडे सभी मुद्दों पर कार्रवाई करता है; एक राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग तथा उस विशिष्ट राज्य के जिलों के सभी या कुछ जिलों में जिला मंच है।
केरल
नागरिक आपूर्ति विभाग , केरल सरकार सार्वजनिक वितरण, बाजार अनुशासन के प्रवर्तन, तथा उपभोक्ता जागरूकता के संवर्धन तथा उनके हित के संरक्षण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है। यह केरल सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता कार्य विभाग के अंतर्गत कार्य करता है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के अनुसार, केरल सरकार ने
केरल राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग तथा
14 जिला मंचों की स्थापना की है।.
पश्चिम बंगाल
उपभोक्ता कार्य विभाग , पश्चिम बंगाल सरकार की स्थापना उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण करने के लिए सितम्बर 1999 में की गई थी। साथ ही
पश्चिम बंगाल उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग तथा
20 जिला मंचों की स्थापना की गई है।
उपभोक्ता कार्य तथा उचित व्यवसाय व्यवहार निदेशालय भी 2001 से इस विभाग के अंतर्गत कार्य कर रहा है जिसके कार्यालय प्रत्येक जिले तथा महत्पूर्ण उप प्रभागों में हैं। इसके अतिरिक
कोलकाता उपभोक्ता संरक्षण परिषद की तथा साथ ही प्रत्येक जिले में जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद की स्थापना भी की गई है।
मध्य प्रदेश
खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता सरंक्षण विभाग, मध्य प्रदेश सरकार की स्थापना अनिवार्य वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा खाद्यान्नों पैट्रोलियम उत्पादों, चीनी तथा अन्य अधिसूचित मदों की आपूर्ति तथा व्यापार में कुप्रथाओं को रोकने के उद्देश्य से की गई है। उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में, विभाग को राज्य तथा जिला स्तर पर उपभोक्ता शिकायत निवारण मंचों के सहज कार्य करण का कार्य सौंपा गया है।
साथ ही वर्ष 1990 में मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का गठन किया गया था तथा
लगभग 45 जिला उपभोक्ता विवाद निवारण मंच भी राज्य में विद्यमान हैं।
तमिलनाडु
तमिलनाडु सरकार
नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण की स्थापना निम्न, उद्देश्यों से की गई है : (i) सभी उपभोक्ता खंडों में उपभोक्ता अधिकारों संबंधी जागरूकता का विस्तार करना; (ii) उपभोक्ता अधिकारों तथा गुणवत्ता के संबंध में विनिर्माताओं, सेवा प्रदायकों को सुग्राही बनाना; (iii), प्रभावित होने पर उपभोक्ताओं को न्याय प्राप्त करने में सहायता करना; (vi) उपभोक्ता सशक्तीकरण के लिए प्रत्येक क्षेत्र में अपेक्षित नीतिगत परिवर्तनों का निरंतर मूल्यांकन करना; (v) वस्तुओं तथा सेवाओं के परिदाय में अनुचित व्यापार व्यवहारों का पता लगाना तथा उनको समाप्त करना; तथा (vi) स्थायी खपत का संवर्धन करना। साथ ही, तमिलनाडु राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण
तमिलनाडु राज्य उपभोक्ता संरक्षण परिषद् तथा जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषदों की स्थापना की गई है। राज्य में अधिकांश जिलों में एक
जिला उपभोक्ता मंच है तथा उनमें से 31 मंच राज्य में प्रचालनरत हैं।.
गोवा
नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता कार्य विभाग, गोवा सरकार दो क्षेत्रों में द्विपक्षीय भूमिका निभाता है अर्थात नागरिक आपूर्ति से जुडे कार्य तथा उपभोक्ता कार्य उपभोक्ता कार्य के संबंध में, विभाग उपभोक्ताओं में जागरूकता का सृजन करने तथा उनके अधिकारों का संरक्षण करने की दोहरी जिम्मेदारी निभा रहा है। गोवा में उपभोक्ताओं के हित का संरक्षण करने तथा उसके लिए सुरक्षोपाथ करने के लिए तथा अपने उपभोक्ता अधिकारों को मान्य करने के साधन उन्हें उपलब्ध कराने और उनकी शिकायतों का निवारण करने के लिए मुक्त, निष्पक्ष तथा स्वतंत्र गोवा राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग तथा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण मंच उत्तर तथा दक्षिण गोवा की स्थापना की गई है तथा वे क्रमश: 1991 तथा 1989 से गोवा में प्रचालनरत है।
दिल्ली
खाद्य और आपूर्ति विभाग, दिल्ली सरकार अनिवार्य वस्तुओं के उत्पादन, उनकी पूर्ति तथा वितरण तथा उनमें व्यापार और वाणिज्य का विनियमन उनकी पूर्ति का अनुरक्षण तथा वर्धन करने के लिए तथा उचित मूल्य पर उन साम्यापूर्ण वितरण तथा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए करता है। विभाग का उपभोक्ता कार्य स्कंध उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत यथा उपबंधित के अनुसार उपभोक्ता विवादों के निवारण के लिए
दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग तथा जिला मंच की स्थापना करके उपभोक्ताओं के हित के बेहतर संरक्षण की व्यवस्था करता है। उपभोक्ता कार्य स्कंध उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण करने तथा उनके अधिकार्य का संरक्षण करने; उपभोक्ता जागरूकता का सृजन करने तथा दिल्ली में एक सशक्त उपभोक्ता संरक्षण आंदोलन का विकास करने के लिए कार्य में लगा हुआ है। दिल्ली में, दिल्ली के विभिन्न भागों में
10 जिला मंच प्रचालन रत हैं।
ओडिशा
खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण विभाग, ओडिशा सरकार की स्थापना राज्य में जनता को उचित मूल्य पर पीडीएस वस्तुओं का वितरण सुनिश्चित करने तथा राज्य में उपभोक्ता संरक्षण आंदोलन के सुदृढ़ीकरण के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने के उद्देश्यों से की गई है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के उपबंधों के तहत, राज्य सरकार ने 31 जिला उपभोक्ता विवाद निवारण मंच (जिन्हें जिला मंच कहा जाता है) तथा एक राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (जिसे राज्य आयोग कहा जाता है) की स्थापना की है।
हिमाचल प्रदेश
खाद्य, नागरिक पूर्ति और उपभोक्ता कार्य विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार की स्थापना स्थिरीकरण तथा भार और माप तोल से जुड़े मामलों के लिए अनिवार्य वस्तु अधिनियम 1955 के तहत विभिन्न नियंत्रण आदेशों के प्रवर्तन में विभाग को आधारित उत्तरदायित्व सौंपने के लिए की गई है। राज्य में एक
हिमाचल प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग तथा लगभग
12 जिला उपभोक्ता विवाद निवारण मंच प्रचालनरत हैं।