नैगम शासन को
प्रणालियों, प्रक्रियाओं तथा सिद्धांतों के समूह के रूप
में, परिभाषित किया जा सकता है जो यह सुनिश्चित करते है कि
कम्पनी का अभिशासन सभी शेयरधारकों के सर्वोत्तम हित में
किया जा रहा है। यह वह प्रणाली है जिसके द्वारा कम्पनियां
निदेशित तथा नियंत्रित होती है। यह नैगम औचित्य,
पारदर्शिता तथा जवाबदेहिता के संवर्धन से संबंधित है।
अन्य शब्दों में, "अच्छा नैगम शासन" सरल शब्दों में
अच्छा व्यवसाय है। यह निम्न सुनिश्चित करता है:-
-
नैगम उद्देश्यों को हासिल करने के लिए पर्याप्त
प्रकटन तथा प्रभावी निर्णयन;
- व्यवसाय लेनदेनों में पारदर्शिता;
- सांविधिक तथा कानूनी अनुपालन;
- शेयरधारक हितों का संरक्षण;
- व्यवसाय के मूल्यों तथा नैतिक आचरण के प्रति प्रतिबद्धता।
अन्य शब्दों, में, नैगम शासन प्रबंधन द्वारा नैगम के
सही मालिकों के रूप में शेयरधारकों के स्वस्वाधिकारों
तथा शेयरधारकों की ओर से न्यासियों के रूप में उनकी अपनी
भूमिका की स्वीकृति है। यह कम्पनी के कार्यों का इस
प्रकार संचालन करने से संबंधित है कि सभी शेयरधारकों के
साथ उचित व्यवहार हो तथा इस के लाभ अधिकाधिक संख्या में
पणधारकों को लाभान्वित करें। इस संबंध में, प्रबंधन को
शेयरधारकों के विभिन्न संभागों, विशेषतया मालिक प्रबंधकों
तथा शेष शेयरधारकों के बीच लाभों की विषमता का निवारण करने
की आवश्यकता है।
यह मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता के बारे में नैतिक
व्यवसाय आचरण के बारे में तथा कम्पनी के
प्रबंधन में वैयक्तिक तथा नैगम निधियों के बीच अंतर करने
के बारे में है। नैतिक असमंजस में लिप्त पक्षकारों के
संघर्षकारी हितों से उत्पन्न होता है। इस संबंध में,
प्रबंधन संगठन के मूल्यों, संदर्भ तथा संस्कृति से
प्रभावित सिद्धांतों के समूह के आधार पर निर्णय करते हैं।
नैतिक नेतृत्व व्यवसाय के लिए अच्छा हैं क्योंकि संगठन
सभी पणधारकों की प्रत्याशाओं के समनुरूप अपने व्यवसाय का
संचालन करता है।
"अच्छे नैगम शासन" का उद्देश्य कम्पनी के
शेयरधारकों तथा अन्य सभी भागीदारों के लिए कम्पनी के
दीर्घावधिक मूल्य को अधिकतम करने के लिए पारदर्शी तरीके
से कम्पनी के प्रबंधन में बोर्ड की प्रतिबद्धता को
सुनिश्चित करना है। यह प्रक्रिया में अंतर्ग्रस्त सभी
प्रतिभागियों को एकीकृत करता है जो मितव्ययी तथा साथ ही
सामाजिक भी है।
नैगम शासन का मूल उद्देश्य नैगम निष्पादन तथा
जवाबदेही में सुधार लाकर शेयरधारक मूल्य का संवर्धन
करना तथा अन्य पणधारकों के हितों का संरक्षण करना है। अत:
यह शेयरधारकों की संपत्ति को बढ़ाने की आवश्यकता तथा उसी
समय किसी भी प्रकार कम्पनी के अन्य पणधारकों के हितों पर
प्रतिकूल प्रभाव न डालने के बीच सदैव संतुलन बनाने की
कम्पनी की आवश्यकता को सुमेल बनाता है। इसके अतिरिक्त,
इसका उद्देश्य प्रतिस्पर्धी तथा विरोधी हितों वाले लोगों
में विश्वास तथा भरोसे के माहौल का सृजन करना है।
यह कम्पनी के अस्तित्व के लिए एक अखंड भाग है तथा
अपेक्षाकृत उच्च संवृद्धि तथा लाभों के प्रति कम्पनी की
प्रतिबद्धता सुनिश्चित करके निवेशक विश्वास को सुदृढ़
करता है। मोटे तौर पर, इस का प्रयास निम्न उद्देश्यों को
हासिल करना है:-
- कार्यकलापों के क्षेत्र में स्वतंत्र तथा वस्तुनिष्ठ
निर्णयन लेने में सक्षम एक उचित प्रकार संरचित बोर्ड सुव्यवस्थित है;
- गैर कार्यपालक तथा स्वतंत्र निदेशकों की पर्याप्त संख्या के
प्रतिनिधित्व के संबंध में बोर्ड में संतुलन है जो उनके हितों तथा सभी
पणधारकों की बेहतरी का ध्यान रखेंगे।
- बोर्ड पारदर्शी प्रक्रियाओं तथा व्यवहारों का अनुसरण करता है तथा
पर्याप्त सूचना के आधार पर निर्णय लेता है।
- बोर्ड में पणाधारकों की चिंताओं क निवारण करने के लिए प्रभावी तंत्र
विद्यमान है।
- बोर्ड शेयरधारकों को कम्पनी को प्रभावित करने वाले संगत घटनाक्रमों से अवगत
रखता है।
- बोर्ड प्रभावी ढंग से तथा नियमित रूप से प्रबंधन दल के कार्यकरण की निगरानी करता है।
- बोर्ड सदैव कम्पनी के कार्यकलापों पर प्रभावी नियंत्रण रखता है।
बोर्ड का समग्र प्रयास संगठन को आगे बढ़ाना होना चाहिए
ताकि दीर्घावधिक मूल्य तथा शेयरधारक संम्पत्ति को अधिकतम
किया जा सके।
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