Spacer
 
Spacer
  Business.gov.in Indian Business Portal
An Initiative of India.gov.in
 
 
तीव्र मीनू

Corporate Governance
spacer
Corporate Governance संकल्‍पना तथा उद्देश्‍य
Corporate Governance अनुलाभ तथा संघटक
Corporate Governance संगठनात्‍मक ढांचा
Corporate Governance कानूनी ढांचे
Corporate Governance अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर दिशानिर्देश/सिद्धांत
Corporate Governance लाभ तथा परिसीमाएं
Corporate Governance भावी संभावनाएं
Corporate Governance सुझाव तथा मत
   
 
Corporate Governance
Corporate Governance
संगठनात्‍मक ढांचा
कारपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए)
Previous Page
कारपोरेट कार्य मंत्रालय, जिसे पहले वित्त मंत्रालय के तहत नैगम कार्य विभाग के नाम से जाना जाता था, प्राथमिक रूप से कम्‍पनी अधिनियम, 1956 और कानून के अनुसार नैगम क्षेत्र की कार्य शैली के विनियमन हेतु उनके तहत बनाए गए अन्‍य संबद्ध अधिनियमों आदि के साथ संबंधित है। यह प्रतिस्‍पर्द्धा अधिनियम, 2002 के प्रशासन और तीन व्‍यावसायिक निकायों नामत: इंस्‍टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई), इंस्‍टीट्यूट ऑफ कम्‍पनी सेक्रेटरीज़ ऑफ इंडिया (आईसीएआई) और इंस्‍टीट्यूट ऑफ कॉस्‍ट एण्‍ड वर्क्‍स एकाउंट ऑफ इंडिया (आईसीडब्‍ल्‍यूएआई) पर पर्यवेक्षण के लिए भी उत्तरदायी है, जो संबंधित व्‍यवसायों की उचित और क्रमबद्ध वृद्धि के लिए गठित की गई हैं।

यह केन्‍द्रीय सरकार के प्रतिभागिता अधिनियम, 1932, कंपनी (राष्‍ट्रीय कोष में दान) अधिनियम, 1951 और संस्‍था पंजीकरण अधिनियम, 1980 से संबंधित कार्यों के निर्वहन हेतु भी उत्तरदायी है।

नैगम लेखा और शासन पर नरेश चंद्र रिपोर्ट

कारपोरेट कार्य मंत्रालय में अगस्‍त 2002 के दौरान नैगम शासन के विभिन्‍न मुद्दों की जांच के लिए एक उच्‍च स्‍तरीय समिति का गठन किया गया। समिति को विविध क्षेत्रों में विश्‍लेषण और यदि अनिवार्य हो तो परिवर्तनों की सिफारिश करने का कार्य सौंपा गया है, जैसे कि

  • वैधानिक लेखा परीक्षक-कम्‍पनी के संबंध ताकि इस अंतरापृष्‍ठ के व्‍यावसायिक प्रकार को पुन: सुदृढ़ बनाया जा सके;
  • वैधानिक लेखा परीक्षण फर्म या भागीदारों के चक्रानुक्रम की आवश्‍यकता, यदि कोई हो;
  • लेखा परीक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया विधि और लेखा परीक्षण शुल्‍क का निर्धारण;
  • प्रतिबंध यदि अनिवार्य हों, गैर-लेखा परीक्षण शुल्‍क पर;
  • लेखा परीक्षण कार्यों की स्‍वतंत्रता;
  • यह सुनिश्चित करने की आवश्‍यकता, कि प्रबंधन और कम्‍पनियां वास्‍तव में कम्‍पनियों के वित्तीय कार्यो का ''सत्‍य और निष्‍पक्ष'' विवरण प्रस्‍तुत करते हैं;
  • प्रबंधन और निदेशकों द्वारा लेखा और वित्तीय विवरणों के प्रमाणन जैसे उपायों पर विचार करने की आवश्‍यकता;
  • लेखा परीक्षित लेखा विवरणों की यादृच्छिक संवीक्षा की एक पारदर्शी प्रणाली की अनिवार्यता;
  • सनदी लेखाकार, कम्‍पनी सचिव और अन्‍य समान प्रकार के वैधानिक ओवरसाइट पदाधिकारियों के विनियमन की पर्याप्‍तता;
  • सार्बानेस ऑक्‍सले अधिनियम (एसओएक्‍स अधिनियम) में सार्वजनिक कम्‍पनी लेखाकरण ओवरसाइट बोर्ड के समान स्‍वतंत्र विनियामक के गठन के लिए कोई लाभ, और ऐसा होने पर, इसका गठन; और
  • स्‍वतंत्र निदेशकों की भूमिका और उनकी स्‍वतंत्रता तथा प्रभावशीलता कैसे सुनिश्चित की जाए।
कम्‍पनी की सिफारिशें इनसे संबंधित हैं :
  • लेखा परीक्षण कार्यों के लिए अयोग्‍यताएं;
  • प्रतिबंधित गैर-लेखा परीक्षण सेवाओं की सूची;
  • परामर्श और अन्‍य इकाइयों के लिए स्‍वतंत्र मानक जो लेखा फर्मों से संबंधित हैं;
  • अनिवार्य लेखा परीक्षण भागीदार चक्रानुक्रम;
  • आकस्मिक देयताओं का लेखा परीक्षक द्वारा प्रकटन;
  • योग्‍यताओं और परिणाम स्‍वरूप की गई कार्रवाइयों का लेखा परीक्षक द्वारा प्रकटन;
  • लेखा परीक्षक के प्रतिस्‍थापन की स्थिति में प्रबंधन का प्रमाणन;
  • स्‍वतंत्रता का लेखा परीक्षक द्वारा वार्षिक प्रमाणन;
  • लेखा परीक्षकों की नियुक्ति;
  • स्‍वतंत्र गुणवत्ता समीक्षा बोर्ड का गठन;
  • लेखा परीक्षकों के लिए प्रस्‍तावित अनुशासनिक प्रक्रिया;
  • स्‍वतंत्र निदेशक को परिभाषित करना;
  • स्‍वतंत्र निदेशक का प्रतिशत;
  • सूचीबद्ध कम्‍पनियों के मंडल का न्‍यूनतम आकार;
  • मंडल की बैठकों / समिति की बैठकों की अवधि की घोषणा पर;
  • निदेशकों की ओर से अतिरिक्‍त प्रकटन;
  • सूचीबद्ध कम्‍पनियों की लेखा परीक्षण समितियों पर स्‍वतंत्र निदेशक;
  • लेखा परीक्षण समिति;
  • गैर-‍कार्यपालक निदेशकों का पारिश्रमिक;
  • गैर-कार्यपालक निदेशकों को कुछ विशिष्‍ट दायित्‍वों से छूट;
  • स्‍वतंत्र निदेशकों का प्रशिक्षण;
  • सेबी और स्‍वतंत्र विधान;
  • नैगम गंभीर धोखाधड़ी कार्यालय; आदि।
राष्‍ट्रीय नैगम शासन फाउंडेशन (एनएफसीजी)

कारपोरेट कार्य मंत्रालय ने सीआईसी, सीएसएआई और आईसीएसआई के साथ मिलकर राष्‍ट्रीय नैगम शासन फाउंडेशन (एनएफसीजी) का गठन किया है, जो एक अलाभकारी न्‍यास के रूप में कार्य करता है। यह अच्‍छे नैगम शासन से संबंधित मुद्दों पर विचार विमर्श का एक मंच प्रदान करता है, ताकि नैगम के नेताओं को अच्‍छी नैगम शासन प्रथाओं के महत्‍व और नैगम नेताओं, नीति निर्माताओं, विनियामकों, कानून का प्रवर्तन करने वाले अभिकरणों तथा गैर-सरकारी संगठनों के बीच अनुभव और विचारों के आदान प्रदान से अवगत कराया जा सके।

एनएफसीजी के प्रबंधन में एक त्रिस्‍तरीय संरचना है, जो है नैगम कार्य मंत्री की अध्‍यक्ष‍ता में शासी परिषद, न्‍यासी मंडल तथा कार्यकारी निदेशक।

एनएफसीजी ने एक कार्य योजना तैयार की है, जिसमें अभिज्ञात विषयवस्‍तुओं पर अच्‍छे नैगम शासन सिद्धांतों का विकास शामिल है अर्थात. (i) संस्‍थागत निवेशकों के लिए नैगम शासन मानक, (ii) स्‍वतंत्र निदेशकों के लिए नैगम शासन मानक और (iii) लेखा परीक्षण के लिए नैगम शासन।

फाउंडेशन का गठन निम्‍नलिखित मिशन के साथ किया गया है :

  • अच्‍छे शासन स्‍वैच्छिक पालन को प्रोत्‍साहन देना और विभिन्‍न पणधारियों की प्रभावी प्रतिभागिता के लिए एक संस्‍कृति का पोषण;
  • सर्वोत्तम प्रथाओं संरचना, प्रक्रम और नैतिकता का एक नेटवर्क तैयार करना;
  • भारत में स्‍थायित्‍व और वृद्धि पाने की दिशा में भारत में नैगम शासन के मानक ऊंचे बनाकर भारतीय नैगम क्षेत्र में अंतर लाना।

^ ऊपर

कारपोरेट कार्य मंत्रालय
राष्‍ट्रीय नैगम शासन फाउंडेशन  
नरेश चंद्र समिति रिपोर्ट  
 
Government of India
spacer
 
 
Business Business Business
 
  खोजें
 
Business Business Business
 
Business Business Business
 
मैं कैसे करूँ
Business कम्‍पनी पंजीकरण करूं
Business नियोक्‍ता के रूप में पंजीकरण करें
Business केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) में शिकायत भरें
Business टैन कार्ड के लिए आवेदन करें
Business आयकर विवरणी भरें
 
Business Business Business
 
Business Business Business
 
  हमें सुधार करने में सहायता दें
Business.gov.in
हमें बताएं कि आप और क्‍या देखना चाहते हैं।
 
Business Business Business
Business
Business Business Business
 
निविदाएं
नवीनतम शासकीय निविदाओं को देखें और पहुंचें...
 
Business Business Business
Business
Business Business Business
 
 
पेटेंट के बारे में जानकारी
Business
कॉपीराइट
Business
पेटेंट प्रपत्र
Business
अभिकल्पन हेतु प्रपत्र
 
 
Business Business Business
 
 
 
Spacer
Spacer
Business.gov.in  
 
Spacer
Spacer