नैगम वैश्विक
बाजारों में महत्वपूर्ण प्रतिभागी है। वे विश्व में
वस्तुओं तथा सेवाओं में लेकर पूंजी तथा संसाधनों तक अधिकांश
आर्थिक क्रियाकलापों का सृजन करने के लिए मुख्य रूप से
उत्तरदायी है। नैगम शासन का सारतत्व कम्पनी प्रबंधन
में अखंडता, निष्ठा, पारदर्शिता तथा जबाबदेही का संवर्धन तथा अनुरक्षण करने तथा साथ ही नैगम के मूल्यों
सिद्धांतों तथा नीतियों की अभिव्यक्ति में निहित है।
केन्द्र तथा राज्य, दोनों स्तरों पर ऐसे अच्छे नैगम
शासन व्यवहारों को अपनाने को बढावा देने के लिए कई
प्रयास किए जा रहे हैं जो व्यवसाय संचालन तथा प्रबंधन का
अखंड तत्व है। तथापि अच्छे शासन की संकल्पनाओं तथा
सिद्धांतों से भारतीय व्यवसाय संघटन अभी तक स्पष्ट रूप
से अवगत नहीं है।
अत: उद्यमियों में नैगम शासन के विभिन्न पहलुओं के बारे
में जागरूकता बढ़ाने की अपेक्षाकृत अधिक आवश्यकता है।
कुछ क्षेत्र ऐसे है जिन पर विशेष ध्यान दिया जाना
आवश्यक है, नामत:
- लेखापरीक्षा की
गुणवत्ता जो प्रभावी नैगम शासन का आधार है।
- निदेशक मंडल की भूमिका तथा साथ ही सीएफओ तथा सीईओ की जवाबदेही।
- कानूनी प्रशासनिक तथा विनियामक ढांचे की गुणवत्ता तथा प्रभावात्मकता, इत्यादि।
इस का अर्थ है कि यह आवश्यक है कि नैगम को नैगम शासन
की संहिता, सिद्धांतो तथा आवश्यकताओं के अनुपालन में वांछनीय सुखद स्तर उपलब्ध कराया जाए तथा साथ
ही सभी पणधारको को कम्पनी के निष्पादन, नीतियों तथा
प्रक्रियाओं की संगत सूचना पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई
जाए। कम्पनियों द्वारा उचित वित्तीय तथा गैर वित्तीय
प्रकटन किए जाने चाहिए जैसे पारिश्रमिक पैकेज, वित्तीय
रिपोर्टिंग, लेखापरीक्षा, आंतरिक नियंत्रणों इत्यादि के
संबंध में।
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