Spacer
 
Spacer
  Business.gov.in Indian Business Portal
An Initiative of India.gov.in
 
 
तीव्र मीनू
 
विदेशों में व्‍यापार करना
spacer
विदेशों में व्‍यापार करना विदेशी निवेश नीति
विदेशों में व्‍यापार करना विदेशी निवेश बीमा
विदेशों में व्‍यापार करना परिपत्र तथा दिशानिर्देश
विदेशों में व्‍यापार करना निवेश मार्ग तथा प्रक्रियाएं
विदेशों में व्‍यापार करना विदेशी निवेश प्रवृत्तियां
विदेशों में व्‍यापार करना कानूनी पहलू
विदेशों में व्‍यापार करना विदेशी निवेश निधियन
विदेशों में व्‍यापार करना विदेशी व्‍यापार अवसर
विदेशों में व्‍यापार करना कराधान
   
 
Doing Business Abroad
Doing Business Abroad
दोहरा कराधान राहत :
एकपक्षीय राहत
Previous Page
spacer

इसका संदर्भ उस राहत योजना से है जो कर दाता को गृह देश द्वारा उपलब्‍ध कराई जा सकती है बावजूद इसके कि इसके अन्‍य देशों के साथ कोई करार है अथवा इसने दोहरे कराधान के संबंध में अन्‍यथा कोई राहत प्रदान की है। ऐसी राहत की आवश्‍यकता उत्‍पन्‍न हो सकती है क्‍योंकि प्रत्‍येक देश दोहरा कराधान अपवंचन करार करने की स्थिति में नहीं होता है।

भारत में आयकर अधिनियम की धारा 91 एक पक्षीय राहत से संबंधित है। इसके अंतर्गत, यदि कोई व्‍यक्ति/कंपनी जो किसी विगत वर्ष में भारत का निवासी रहा हो, यह सिद्ध कर देता है कि विगत वर्ष के दौरान भारत के बाहर उपार्जित या उत्‍पन्‍न होने वाली आय के संबंध में उसने किसी ऐसे देश में जहां राहत के लिए दोहरे कराधान उपवंचन के लिए कोई करार (धारा 90 के अंतर्गत) नहीं है, उस देश में प्रवृत कानून के अंतर्गत कटौती द्वारा या अन्‍यथा आयकर का भुगतान कर दिया है तो वह ऐसी दोहरी कर आरोपित आय पर औसत भारतीय कर दर पर या उक्‍त देश की औसत कर दर पर, जो भी निम्‍नतर हो, अथवा भारतीय कर दर पर, यदि दोनों दरें समान हैं, परिकलित राशि उसके संदेय भारतीय आय से कम करने का पात्र होगा।

अन्‍य शब्‍दों में, एकपक्षीय राहत करदाता को उपलब्‍ध होगी, यदि निम्‍न शर्तें पूरी होती हैं :-

  • प्रश्‍नाधीन व्‍‍यक्ति या कंपनी (निर्धारिती) विगत वर्ष में भारत का निवासी रहा होना चाहिए;


  • विगत वर्ष के दौरान भारत से बाहर उसे वही आय उपार्जित या प्रत्‍युत्‍पन्‍न हुई होनी चाहिए तथा यह प्राप्‍त भी भारत के बाहर हुई होनी चाहिए। ऐसी आय को भी भारत के बाहर हुई होनी चाहिए ऐसी आय को भारत में उपार्जित या प्रत्‍यत्‍पन्‍न नहीं माना जाएगा;


  • आय पर भारत में तथा विदेश दोनों में कर लगाया गया होना चाहिए तथा उस देश के साथ दोहरा कराधान अपवंचन या राहत के लिए कोई पारस्‍परिक व्‍यवस्‍था नहीं होनी चाहिए जहां आय उपार्जित या प्रत्‍युत्‍पन्‍न हुई है।


  • उस आय के संबंध में, व्‍यक्ति या कंपनी (निर्धारिती) ने कटौती द्वारा या अन्‍यथा प्रश्‍नाधीन विदेश में जहां, भारत से बाहर आय प्रत्‍युत्‍पन्‍न हुई है, प्रवृत कानून के अंतर्गत कर अदा किया होना चाहिए।


  • यह आवश्‍यक है कि उस देश में विदेश कर का उद्ग्रहण किया जाए जिसके साथ भारत का दोहरा कराधान अपवंचन के लिए राहत हेतु कोई करार नहीं है किन्‍तु यह महत्‍वहीन है कि ऐसे विदेश में अदा किया गया कर किसी अन्‍य विदेश में प्रत्‍युत्‍पन्‍न आय से संबंध में है जिसके साथ भारत ने ऐसा करार किया हुआ है।

इस धारा के अंतर्गत राहत का परिकलन करने में शामिल कदम निम्‍न प्रकार हैं :- (क) कुल आय (विदेश में प्राप्‍त आय सहित) पर कर का परिकलन करें तथा उस पर प्रयोज्‍य राहत के लिए दावा करें (ख) धारा 88 ई के अंतर्गत छूट का दावा करने के पश्‍चात अधिभार तथा शिक्षा उपकर जोड़ें (ग) विगत चरण में परिकलित आय को कुल आय से विभाजित कर के औसत कर दर का परिकलन करें (घ) देय समस्‍त राहत को काटने के पश्‍चात उक्‍त देश में वस्‍तुत: अदा किए गए आय कर को विदेश की औसत कर दर से विभाजित कर के परि‍कलित करें (ङ) विगत दो चरणों में परिकलित दर पर, जो भी कम हो, भारत में संदेय राहत का दावा करें।

^ ऊपर

 
 
Government of India
spacer
 
 
Business Business Business
 
  खोजें
 
Business Business Business
 
Business Business Business
 
मैं कैसे करूँ
Business कम्‍पनी पंजीकरण करूं
Business नियोक्‍ता के रूप में पंजीकरण करें
Business केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) में शिकायत भरें
Business टैन कार्ड के लिए आवेदन करें
Business आयकर विवरणी भरें
 
Business Business Business
 
Business Business Business
 
  हमें सुधार करने में सहायता दें
Business.gov.in
हमें बताएं कि आप और क्‍या देखना चाहते हैं।
 
Business Business Business
Business
Business Business Business
 
निविदाएं
नवीनतम शासकीय निविदाओं को देखें और पहुंचें...
 
Business Business Business
Business
Business Business Business
 
 
पेटेंट के बारे में जानकारी
Business
कॉपीराइट
Business
पेटेंट प्रपत्र
Business
अभिकल्पन हेतु प्रपत्र
 
 
Business Business Business
 
 
 
Spacer
Spacer
Business.gov.in  
 
Spacer
Spacer