वैश्वीकरण के इस युग में उद्यमशीलता को बढ़ावा देना, इन दिनों यह सरकार के नीति निर्माताओं की प्रमुख चिंता बन गई है। इस प्रकार उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए नीति कार्यान्वयन का सबसे अधिक भरोसेमंद साधन सूक्ष्म आर्थिक परिस्थिति पर एक मात्र फोकस या वित्त पर पहुंच होना चाहिए। इसमें कोई संदेह नहीं है कि ये नीतियां एक व्यापार आरंभ करने के लिए उद्यमियों के आधार को व्यापक बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं परन्तु केवल नीतियां काफी नहीं हैं।
भारत सरकार द्वारा योजना पूरकताओं को समर्थन दिया जाता है और अन्य नीतियों को समर्थन देकर उद्यमशीलता गतिविधियों का एक प्रेरक परिवेश बनाया जाता है। इस संबंध में सरकारी समर्थन योजनाएं भली भांति डिजाइन की जाती हैं और फलदायी परिणाम के लिए भली भांति लक्षित होती हैं। सरकार द्वारा लगातार मौजूदा कार्यक्रमों का मूल्यांकन और पुनरीक्षण किया जाता है।