एक उद्यमी को अपना व्यापार स्थापित करने के लिए न केवल निरंतर धनराशि की आवश्यकता होती है बलिक उसे औद्योगिक इकाई को नियमित रूप से उन्नत बनाने / आधुनिकीकरण की भी आवश्यकता होती है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए सरकार (केन्द्र और राज्य स्तर दोनों पर) द्वारा अनेक कदम उठाए जाते हैं जैसे बैंकों और वित्तीय संस्थानों की स्थापना, विभिन्न नीतियों और योजनाओं आदि का निर्धारण, ये सभी उपाय छोटे और मध्यम उद्यमों के प्रोत्साहन और विकास के प्रति विशेष रूप से फोकस हैं।
भारत सरकार द्वारा विभिन्न उद्योगों और सेवाक्षेत्रों में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय कदम उठाए जाते हैं। इसकी ओर से अनेक नीति उपायों की घोषणा की गई है तथा देश भर के छोटे उद्यमों की वैश्विक प्रतिसपर्द्धा बढ़ाने के लिए योजनाओं और कार्यक्रमों का कार्यान्वयन किया जाता है।
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