छोटी और मध्यम फर्मों के प्रबंधन के लिए आवश्यक प्रबंधकीय कौशल बड़े स्तर के व्यापार में अनिवार्य आवश्यकताओं से बहुत अधिक भिन्न नहीं है। आयोजना, आयोजन, कर्मचारी, निर्देशन और नियंत्रण के प्रबंधकीय कार्य दोनों के लिए एक समान है। परन्तु जिस स्तर पर विभिन्न कार्यों का निष्पादन स्वामी तथा प्रबंधक द्वारा किया जाता है वह भिन्न है और छोटे पैमाने पर जटिलता का स्तर भी कम होता है। दूसरे प्रकार की फर्मों की संगठनात्मक संरचना कम कर्मचारियों की उपस्थिति के कारण सरल होती है। यहां स्वामी स्वयं प्रबंधक के रूप में कार्य करता है और व्यक्तिगत नियंत्रण का उपयोग करता है। जबकि जैसे जैसे व्यापार आगे बढ़ता है, स्वामी / प्रबंधक छोटे छोटे व्यापार को भी प्रभावी रूप से प्रबंधित करना कठिन पाता है। इसके लिए उद्यम में जनशक्ति की संख्या बढ़ाना अनिवार्य हो जाता है।
अत: छोटे व्यापार उद्यमों के प्रबंधन में कमजोरियों को पहचानने के लिए अनेक पहलों और कदमों की आवश्यकता होती है, जो आम तौर पर मानव संसाधन प्रबंधन के संबंध में कठिनाइयों और समस्याओं के कारण उत्पन्न होती है। प्रशिक्षित और अनुभवी कर्मचारियों की कमी है, क्योंकि छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए आकर्षक वेतन और अपने कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण सुविधाएं देना कठिन होता है। पुन: उनके लिए कठिन होता है कि वे ऐसे कुशल प्रबंधकीय और तकनीकी कार्मिकों की भर्ती और उनका प्रेरण करें जो बड़े स्तर के उद्योगों में बेहतर अवसर पाने की तलाश में हैं। अत: वे उद्योग की सर्वोत्तम प्रतिभा को प्राप्त / धारित करने में सक्षम नहीं होते हैं और / या परिवार के सदस्यों पर निर्भर करते हैं जो उतने विविधीकृत तथा तकनीकी कौशल से सज्जित नहीं है।
जबकि छोटा और मध्यम क्षेत्र कृषि के बाद मानव संसाधन का दूसरा सबसे बड़ा नियोक्ता है, यह देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों की बड़ी संख्या को रोजगार प्रदान करता है। परन्तु यह कहना सत्य है कि छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमों के सामने जनशक्ति की अपेक्षित संख्या की भर्ती में और भर्ती किए गए कर्मचारियों का प्रभावी प्रबंधन करने के लिए उनके सामने बड़ी समस्याएं आती है। अत: केन्द्र और राज्य सरकारों के स्तर पर छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमी क्षेत्र में मानव संसाधन के उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने की और अधिक पहलें करने की आवश्यकता है। इससे उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, उनके विपणन और वितरण नेटवर्क में सुधार आएगा, देश और विदेश के विभिन्न भागों के अंदर लोगों / उद्योगों से संबंध बनेंगे और साथ ही इन क्षेत्रों में नई और प्रतिभावान जनशक्ति को आने की प्रेरणा मिलेगी।
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