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आयात और निर्यात
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Business निर्यात आयात नीति
Business संगठनात्‍मक ढांचा
आयात का अर्थ है भारत के बाहर से माल भारत में लाना। दूसरे शब्‍दों में इसका संबंध ऐसे माल से है जो विदेशी उत्‍पादकों द्वारा विदेशों में उत्पादित होते हैं और घरेलू उपभोक्‍ताओं की आवश्‍यकता पूरी करने के लिए घरेलू अर्थव्‍यवस्‍था में प्रयुक्‍त होते हैं। भारत में भारत को क्षेत्रीय जल शामिल है जिसका विस्‍तार समुद्र में 12 नौटिकल मील तक भारतीय तट पर फैला हुआ है। इसी प्रकार माल का निर्यात का अर्थ है भारत के बाहरी स्‍थानों पर माल को ले जाना है। इसका संबंध ऐसे माल से है जिनका घरेलू उत्‍पादन होता है और इनका उपयोग अन्‍य देशों में उपभोक्‍ताओं की आवश्‍यकताएं पूरी करने के लिए किया जाता है। माल खरीदने वाला देश आयातक देश के रूप में जाना जाता है और जो देश माल बिक्री करता है वह निर्यातक देश के रूप में जाना जाता है। ऐसे लेन-देनों में शामिल व्‍यापारी क्रमश: आयातक और निर्यातक होते हैं।

भारत में निर्यात और आयात का विनियमन विदेशी व्‍यापार (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1992 द्वारा होता है जो आयात और निर्यात (नियंत्रण) अधिनियम, 1947 को प्रतिस्‍थापित किया है और भारत सरकार को इसे नियंत्रित करने की बहुत अधिक शक्ति दी है। अधिनियम की मुख्‍य विशेषताएं निम्‍नलिखित हैं :-

  • इसने केन्‍द्र सरकार को आयात को सुकर बनाने द्वारा और भारत से निर्यात बढ़ाकर और इससे संबंधित सभी मामलों या आकस्मिक घटनाओं द्वारा विदेशी व्‍यापार के विकास और विनियमन के लिए प्रावधान करने की शक्ति दी है।
  • केन्‍द्र सरकार निर्यात और आयात का निषेध, प्रतिबंध और विनियमित कर सकती है सभी और विशिष्‍ट मामलों में तथा उनमें छूटें दे सकती है।
  • यह केन्‍द्र सरकार को निर्यात और आयात (एक्जिम) नीति तैयार करने और इसकी घोषणा करने के लिए प्राधिकृत किया है और शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा उसमें समय-समय पर संशोध्‍न करने के लिए प्राधिकृत करने के लिए प्राधिकृत किया है।
  • यह अधिनियम के प्रयोजन के लिए केन्‍द्रीय सरकार द्वारा विदेशी व्‍यापार महानिदेशक की नियुक्ति की व्‍यवस्‍था करता है। यह केन्‍द्रीय सरकार को निर्यात ओर आयात नीति तैयार करने एवं नीति क्रियान्वित करने में केन्‍द्र सरकार को परामर्श देगा।
  • अधिनियम के अंतर्गत प्रत्‍येक आयातक और निर्यातक को आयातक निर्यातक कोड नंबर (आईईसी) विदेशी व्‍यापार महानिदेशक से या इसके लिए प्राधिकृत अधिकारी से प्राप्‍त करना है।
  • महानिदेशक या इसके लिए प्राधिकृत कोई अन्‍य अधिकारी अधिनियम के अनुसार माल के निर्यात या आयात के लिए जारी लाइसेंस को निलंबित या रद्द कर सकता है। परन्‍तु वह लाइसेंसधारक को सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद ऐसा करता है।

विदेशी व्‍यापार अधिनियम (विकास और विनियमन) के अतिरिक्‍त कुछ अन्‍य कानून हैं जो माल के निर्यात और आयात को नियंत्रित करते हैं। इनमें निम्‍नलिखित शामिल हैं :-

^ ऊपर

 
विदेश व्‍यापार (विनियमन) अधिनियम, 1993
विदेश व्‍यापार महानिदेशक (डीजीएफटी)
निर्यात आयात डाटा बैंक
वाणिज्‍य और उद्योग मंत्रालय
केन्‍द्रीय उत्‍पाद शुल्‍क और सीमाशुल्‍क बोर्ड
 
 
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