Spacer
 
Spacer
  Business.gov.in Indian Business Portal
An Initiative of India.gov.in
 
 
तीव्र मीनू
 
मूल संरचना
spacer
मूल संरचना राष्‍ट्रीय स्‍तर की मूल संरचना
मूल संरचना राज्‍य स्‍तर की मूल संरचना
   
 
मूल संरचना
मूल संरचना
राष्‍ट्रीय स्‍तर की मूल संरचना :
दूरसंचार और इंटरनेट
Previous Page
spacer

दूरसंचार मूलसंरचना की पहचान राष्‍ट्र के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए महत्‍वपूर्ण औजार के रूप में की गई है। यह न केवल संचार नेटवर्क के माध्‍यम से देश के लोगों को जोड़ता है अपितु यह वैश्विक संपर्क और अर्थव्‍यवस्‍था की प्रतिस्‍पर्धा बढ़ाता है। भारत का दूरसंचार नेटवर्क विश्‍व में तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है और एशिया की उभरती अर्थव्‍यवस्‍था में दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है। यह विश्‍व में तेजी से विकसित होते दूरसंचार बाजारों में एक है। हमारा दूर संचार उद्योग दूरसंचार उपकरणों की पूरी किस्‍मों का विनिर्माण करता, इसमें यह अत्‍याधुनिक प्रौद्योगिकियों का इस्‍तेमाल किया जाता है, जिनकी डिजाइन विशेष रूप से विविध भूभाग और मौसम के अनुकूल बनाई गई है। दूर संचार उपकरणों का उत्‍पादन 2005-06 में 17,833 करोड़ रु. से बढ़ कर 2006-07 में 23,656 करोड़ रु. हो गया। इसके परिणामस्‍वरूप भारत के दूरसंचार उपकरणों के लिए विनिर्माण केंद्र बनने की संभावना है।

एक देश में दूरभाष लाइनों के भेदन को निर्धारित करने में दूर घनत्‍व सबसे महत्‍वपूर्ण कारक है जो दिसम्‍बर 2006 में 16.83 प्रतिशत से बढ़ कर दिसम्‍बर 2007 में 23.89 प्रतिशत हो गया। दूरभाषा की कुल संख्‍या 31 दिसम्‍बर, 2006 में 189.92 मिलियन से बढ़ कर 31 दिसम्‍बर, 2007 में 272.87 हो गई।

वर्ष 2003 से बेतार सेवाओं की वृद्धि असाधारण रूप से हुई जिसमें बेतार ग्राहकों की संख्‍या प्रतिवर्ष 87.7 प्रतिशत की संयुक्‍त वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ी है। इस प्रकार से बेतार ग्राहक फिक्‍स्‍ड लाइन वाले ग्राहकों से अधिक हो गए हैं और अत्‍यधिक तेजी से बढ़ रहे हैं। बेतार फोन की संख्‍या मार्च 2003 में 4.3 प्रतिशत से बढ़कर दिसम्‍बर 2007 में 85.6 प्रतिशत हो गई।

दूरसंचार उद्योग द्वारा किया गया ऐसा त्‍वरित विकास सरकार की समर्थक और उदार नीतियों और निष्‍पक्ष विनियामक ढांचा द्वारा सुकर बनाया गया है जो खरीद सकने लायक कीमतों पर भारतीय उपभोक्‍ताओं को दूरसंचार सेवाएं मुहैया कराता है। आर्थिक सुधारों के साथ इस क्षेत्रक में मुख्‍य परिवर्तन हुआ है, पहले जिसमें राज्‍य का एकाधिकार था अब वह प्रतिस्‍पर्धी मंच बन गया है और विश्‍व भर से निजी कंपनियों को आकर्षित कर रहा है। वर्ष 1994 की दूरसंचार नीति ने निजी कंपनियों के लिए क्षेत्रक का द्वार खोल दिया है और इस प्रकिया में 1999 में घोषित दूरसंचार नीति द्वारा और अधिक गति दी गई है। 1999 की नई दूर संचार नीति, में दूरसंचार के क्षेत्र में वैश्विक प्रौद्योगिकीय विकासों को ध्‍यान में रखा गया है। इसका लक्ष्‍य भारत को एक वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी सुपर पावर बनाना और देश में विश्‍वस्‍तरीय दूर संचार मूल संरचना का विकास करना है। यह ऐसा माहौल बनाने पर बल देता है जो उद्योग में लगातार निवेश आकर्षित करने में समर्थ बनाता है। इस लक्ष्‍य के लिए नीतिगत ढांचे में दूर संचार सेवा क्षेत्र में निम्‍नलिखित शामिल हैं :-

ऐसी सभी पहलों के परिणामस्‍वरूप निजी भागीदारी दूरसंचार सेवा के लगभग सभी खंडों, अर्थात अंतरराष्‍ट्रीय लंबी दूरी, घरेलू लंबी दूरी मूलभूत, सैल्‍युलर, इंटरनेट, रेडियो पेजिंग और असंख्‍य मूल्‍यवर्धित सेवाओं में अनुमत है।

विनियामक ढांचा

दूरसंचार विभाग, दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन, दूरसंचार संबंधी सभी मामलों के लिए संबंधित प्राधिकरण है। यह विभाग विकासात्‍मक नीतियों के निर्माण, विभिन्‍न दूर संचार सेवाओं के लिए लाइसेंस देने, मानकीकरण का संवर्धन करने, अनुसंधान और विकास तथा क्षेत्रक में निजी निवेश के लिए जिम्‍मेदार है।

दूर संचार सेवाओं की व्‍यवस्‍था में निजी कंपनियों के प्रवेश के साथ सुरक्षा के पर्याप्‍त ढांचे की आवश्‍यकता थी ताकि निष्‍पक्ष और अच्‍छी प्रतिस्‍पर्धा सुनिश्चित की जा सके। तद्नुसार स्‍वतंत्र विनियामक निकाय जो भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) कहा जाता है, की स्‍थापना 1997 में भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 के तहत की गई थी।

अधिनियम के अनुसार प्राधिकरण के कुछ वर्ष निम्‍नलिखित हैं :-

  • नए सेवा प्रदाताओं को शुरू करने की आवश्‍यकता एवं समय की अनुशंसा करना तथा उनको लाइसेंस देने के निबंधनों और शर्तों की अनुशंसा करना;
  • विभिन्‍न सेवा प्रदाताओं के बीच तकनीकी अनुकूलता और प्रभावी आपसी संयोजकता सुनिश्चित करना;
  • सेवा प्रदाताओं के बीच राजस्‍व शेयरिंग की व्‍यवस्‍था का विनियमन करना;
  • लाइसेंस के निबंधनों और शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा अनुपालन न करने पर लाइसेंस वापस लेने की सिफारिश करना;
  • विभिन्‍न सेवा प्रदाताओं के बीच दूरसंचार के स्‍थानीय और लंबी दूरी के परिपथ प्रदान करने के लिए समयावधि रखना और सुनिश्‍चित करना;
  • दूरसंचार सेवा के संचालन में प्रतिस्‍पर्धा सुकर बनाना और क्षमता संवर्धन करना ;
  • दूरसंचार सेवाओं के उपभोक्‍ताओं के हितों की रक्षा करना;
  • सेवा प्रदाताओं द्वारा दी गई सेवाओं की गुणवत्‍ता पर निगरानी रखने के लिए समय-समय पर सर्वेक्षण करना; और
  • ऐसे अन्‍य कार्य करना जिनमें प्रशासनिक और ऐसे वित्‍तीय कार्य शामिल हैं जो केंद्रीय सरकार द्वारा इसे सौंपे जाते हैं अथवा अधिनियम के प्रावधानों को पूरा करने के लिए जो आवश्‍यक समझे जाते हैं।

ट्राई की स्‍थापना दूरसंचार के विकास के लिए ऐसी परिस्थिति का सृजन और पोषण करने के लिए की गई है जो भारत को वैश्विक सूचना समाज में अग्रणी भूमिका निभाने में समर्थ बनाएगी। इसका मुख्‍य उद्देश्‍य निष्‍पक्ष और पारदर्शी नीतिगत परिवेश प्रदान करना है जो घरेलू और विदेशी दोनों कंपनियों के लिए समान कार्य क्षेत्र प्रदान करता है। इन जिम्‍मेदारियों को पूरा करने के लिए ट्राई समय-समय पर अनेकानेक विनियमन, आदेश और दिशानिर्देश जारी करते आ रहा है जिनमें व्‍यापक विषय शामिल हैं जैसे प्रशुल्‍क, इंटर कनेक्‍शन और सेवा की गुणवत्‍ता आदि।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 का संशोधन भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2000. द्वारा किया गया। संशोधन अधिनियम के द्वारा एक अपीलीय न्‍यायाधिकरण जो दूर संचार विवाद निपटान और अपीलीय ट्रिब्‍यूनल (टी डी एस ए टी) कहलाता है, की स्‍थापना, सेवा प्रदाताओं और दूरसंचार क्षेत्रक के हितों की रक्षा करने के लिए की गई है और इस प्रकार से क्षेत्रक का व्‍यवस्थित विकास सुनिश्‍चित किया जाता है। इसे लाइसेंस देने वाले और लाइसेंस धारक के बीच किसी विवाद का अधिनिर्णय का अधिकार दिया गया है, दो या अधिक सेवाप्रदाताओं के बीच, सेवा प्रदाताओं और दूरसंचार क्षेत्रक के हितों की रक्षा करने के लिए की गई है और इस प्रकार से क्षेत्रक का व्‍यवस्थित विकास सुनिश्‍चित किया जाता है। इसे लाइसेंस देने वाले और लाइसेंस धारक के बीच किसी विवाद का अधिनिर्णय का अधिकार दिया गया है, दो या अधिक सेवाप्रदाताओं के बीच, सेवा प्रदाता और उपभोक्‍ता समूह के बीच और ट्राई के किसी निदेशन, निर्णय या आदेश के विरुद्ध अपीलों की सुनवाई और निपटान करने की शक्ति प्रदान करता है। ‍

वर्तमान दूरसंचार ढांचे के होते हुए क्षेत्रक के भावी परिकल्‍पना में 2012 तक 650 मिलियन टेलीफोन कनेक्‍शन (66 मिलियन तार एवं 584 मिलियन बेतार कनेक्‍शन) हो जाने की अभिकल्‍पना की गई है। समवर्ती प्रावधान में 200 मिलियन ग्रामीण टेलीफोन कनेक्‍शन, जो ग्रामीण घनत्‍व का 25 प्रतिशत होता है, मांग पर ब्रॉड बैंड कनेक्टिविटी की उपलब्‍धता गति पर सीमारहित तथा इंटरनेट और ब्रॉड बैंड ग्राहकों में क्रमश: 40 मिलियन एवं 20 मिलियन की वृद्धि वर्ष 2010 तक करने की अभिकल्‍पना की गई है।

इंटरनेट

भारतीय जनसमूह के लिए इंटरनेट बुनियादी मूलसंरचनात्‍मक आवश्‍यकता बनता जा रहा है। यह लोगों के दिन प्रतिदिन के जीवन में गहरी पैठ बना रहा है। यह एक माध्‍यम है जिसके द्वारा वे किसी भी विषय पर किसी भी समय और किसी जगह से सूचना प्राप्‍त कर सकते हैं। आज, 64 किलोबाइट्स प्रति सैकंड से आरंभ होकर विभिन्‍न गति पर स्‍पीड नेट की अभिगम्‍यता है। जबकि हमेशा उच्‍च गति पर इंटरनेट की अभिगम्‍यता जो 128 केबीपीएस ब्रॉड बैंड के रूप में माना जाता है।

वर्षों से इंटरनेट और ब्रॉडबैंड के ग्राहकों की संख्‍या देश में स्‍थायी रूप से बढ़ी है। यह क्रमश: 69 लाख और 13 लाख (31 मार्च, 2006 की स्थिति के अनुसार) से बढ़कर क्रमश: 86 लाख और 20 लाख हो गई है (31 दिसम्‍बर, 2006 की स्थिति के अनुसार) 'ब्रॉड बैंड नीति' का लक्ष्‍य वर्ष 2010 के अंत तक ब्रॉड बैंड ग्राहकों का आधार और अधिक बढ़ाना है।

वर्ष 1998 में घोषित इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) नीति के तहत इंटरनेट पर टेलीफोनी को प्रतिबंधित किया गया था। जबकि नई दूर संचार नीति, 1999 में इंटरनेट टेलीफोनी को खोलने की संकल्‍पना की गई है। वर्तमान में देश में (31 अगस्‍त, 2008 के अनुसार) लगभग 355 इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) लाइसेंसधारी कार्यरत हैं।

भारत संचार निगम लि. (बीएसएमएल) और महानगर टेलीफोन निगम लि. (एमटीएनएल) देश में इंटरनेट सेवा प्रदान करने वाले दो बड़े प्रदाता हैं:-

बीएसएनएल देशभर में इंटरनेट सेवा प्रदान करता है, नई दिल्‍ली और मुंबई को छोड़करा इसके 17 लाख से अधिक ग्राहक है और यह इंटरनेट सेवा संचारनेट के ब्रांड नाम के तहत प्रदान करता है। इसके अंतर्गत फ्री ऑल इंडिया रोमिंग की व्‍यवस्‍था है जो अपने प्रयोक्‍ताओं को अपना खाते की पहुँच और उसी एक्‍सेस कोड (172233) और प्रयोक्‍ता आईडी देश में कहीं से भी उपयोग करने में समर्थ बनाता है।

एमटीएनएल डायलअप इंटरनेट एक्‍सेस से ब्रॉड बैंड इंटरनेट एक्‍सेस सेवा तक विस्‍तृत पैमाने पर इंटरनेट संबंधी सेवाएं दिल्‍ली और मुंबई में प्रदान करता है। इनमें निम्‍नलिखित शामिल हैं :-

  • एडीएसएल (एसीन्‍क्रोनस डिजिटल सब्‍सक्राइबर लाइन) इंटरनेट सेवा
  • प्रीपेड इंटरनेट एक्‍ससे सेवा
  • पोस्‍ट पेड इंटरनेट एक्‍सप्रेस सीएलआई सेवा
  • एमटीएनएल जीएसएम मोबाइल ग्राहकों के लिए मोबाइल से मुफ्त वेब
  • इंटरनेट टेलीफोन सेवा
  • बिल भुगतान सेवा
  • ई-मेल टेलीफोन पर एमटीएनएल मेल सेवा
  • वेबसाइट होस्टिंग सेवा
  • वेब सर्वर होस्टिंग सेवा
  • पट्टे की लाइन के मार्फत इंटरनेट सेवा
  • इंटरनेट उपयोग के लिए फोन कनेक्‍शन

^ ऊपर

मूल सेवा लाइसेंस
सैल्‍युलर मोबाइल सेवा लाइसेंस
इंटरनेट सेवा प्रदाता
इंटरनेशनल लांग डिसटैस सर्विस लाइसेंसीज़
नेशनल लांग डिसटैंस सर्विस लाइसेंसीज़
पीएमआरटीएस सर्विस लाइसेंसीज़
यूनीफाइड एक्‍सेस सर्विस लाइसेंसीज़
वीएसएटी सर्विस लाइसेंसीज़
महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल)
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल)
बीएसएनएल द्वारा प्रदान किए जाने वाले इंटरनेट कनेक्‍शन के प्रकार
बीएसएनएल द्वारा स्‍थापित मुख्‍य इंटरनेट नोड्स
बीएसएनएल द्वारा इंटरनेट प्रशुल्‍क
बीएसएनएल द्वारा सेवाओं संबंधी बारम्‍बार पूछे गए प्रश्‍न
एमटीएनएल दिल्‍ली द्वारा सेवाओं संबंधी बारम्‍बार पूछे गए प्रश्‍न।
 
 
Government of India
spacer
 
 
Business Business Business
 
  खोजें
 
Business Business Business
 
Business Business Business
 
मैं कैसे करूँ
Business कम्‍पनी पंजीकरण करूं
Business नियोक्‍ता के रूप में पंजीकरण करें
Business केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) में शिकायत भरें
Business टैन कार्ड के लिए आवेदन करें
Business आयकर विवरणी भरें
 
Business Business Business
 
Business Business Business
 
  हमें सुधार करने में सहायता दें
Business.gov.in
हमें बताएं कि आप और क्‍या देखना चाहते हैं।
 
Business Business Business
Business
Business Business Business
 
निविदाएं
नवीनतम शासकीय निविदाओं को देखें और पहुंचें...
 
Business Business Business
Business
Business Business Business
 
 
पेटेंट के बारे में जानकारी
Business
कॉपीराइट
Business
पेटेंट प्रपत्र
Business
अभिकल्पन हेतु प्रपत्र
 
 
Business Business Business
 
 
 
Spacer
Spacer
Business.gov.in  
 
Spacer
Spacer