लगातार बदलते विश्व में नवाचार एक मात्र एक कुंजी है जो देश की वृद्धि को लंबे समय तक टिकाऊ बना सकती है। जितनी अधिक से अधिक फर्मे नवाचार के महत्व को समझ रहीं हैं, प्रतिस्पर्द्धात्मक लाभ पाने के लिए प्रयास करती हैं। तदनुसार वे विभिन्न नवाचार गतिविधियों में स्वयं को नियोजित करती हैं, जो निर्माण प्रक्रियाओं, उत्पाद सुधार, ब्रांड निर्माण पहलों से लेकर ग्राहक संतुष्टि तक हैं। आज व्यापार का परिवेश अधिक से अधिक मांग करने वाले ग्राहकों और सघन बाजार प्रतिस्पर्द्धा के साथ बहुत अधिक गतिशील बन गया है। इसे पूरा करने के लिए फर्मे अब नए उत्पाद, समाधान और सेवाएं प्रस्तुत करती हैं जो उपभोक्ताओं के लिए पूरी तरह से बेहतर अनुभव है।
नवाचार न केवल प्रौद्योगिकी के बारे में बल्कि यह प्रयोक्ताओं की उन अदोहित जरूरतों को समझने और खोजने के विषय में भी है जिन्हें दक्षतापूर्वक संबोधित करने की आवश्यकता है। यह उत्पाद या समाधान विकास तथा निर्मुक्ति चक्र के प्रत्येक चरण पर होना आवश्यक है इस प्रकार प्रबंधन नवाचार वैश्विक व्यापार परिवेश में तेजी से एक प्राथमिकता बनता जा रहा है।
जो फर्मे नवाचार को प्राथमिकता देती हैं वे आगे बढ़ती हैं और उनकी वृद्धि की सीमा अधिक होती है। सर्वाधिक सफल व्यक्ति, नवीनतम विश्वव्यापार में प्रबंधकों और टीम लीडरों का दर्जा उन्हें दिया जाता है जो न केवल अपने कार्यों में नवाचारी हैं बल्की अपने कार्य के प्रत्येक पक्ष में अन्य लोगों को भी नवाचार में सहायता देते हैं।
मुख्य नवाचार के कुछ क्षेत्र इस प्रकार है : उत्पाद विकास और सुधार, निर्माण प्रक्रिया, पूरी तरह से नए उत्पादों के एक समूह की रचना आदि। आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार से आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक उत्तरदायी, लचीला तथा दक्ष बनाने में सहायता मिलती है। आपूर्ति श्रृंखला नवाचार का उपयोग लागत को कम करने, ग्राहक केन्द्रित उत्पादों के बेहतर संयोजन प्रदान करने, बाजार में लगने वाले समय में कमी लाने तथा वृद्धि को प्रेरणा देने में उपयोग किया जा सकता है।
नवाचार नैगम जीवन को आकार देने और कंपनियों को विभिन्न कार्यनीतिक विकल्पों को अपनाने में सहायता देना है। इससे उत्पादन की कुल लागत में कमी आती है, आय के मार्गों में वृद्धि होती है, दक्ष प्रचालन प्रणाली का रखरखाव होता है आदि। इससे संभावित अधिग्रहण न केवल लागत आधार पर होता है बल्कि यह सर्वोच्च राजस्व वृद्धि के लाभ को बढ़ाने और दक्षता की वृद्धि का भी एक साधन है। यह देश भर में अनुसंधान और विकास आधार की खोज करता है तथा देश में नवीनतम प्रौद्योगिकियां लाता है। यह नए बाजार में तेजी से और गहराई से उतरने के लिए उन्हें एक धार प्रदान करता है।
पद 'नवाचार' का उपयोग उत्पादों, सेवाओं, प्रक्रमों या व्यापार मॉडल में बदलावों के रूप में संदर्भित किया जाता है। अपनी वृद्धि को जारी रखने और नई ऊंचाइयां पाने के लिए भारतीय फर्मों को अपने प्रतिस्पर्द्धात्मक पक्ष और वृद्धि को और भी अधिक आगे ले जाने के लिए नवाचार का महत्व पहचानने की जरूरत है। नवाचार को दक्षता, उत्पादकता, गुणवत्ता, प्रतिस्पर्द्धात्मक स्थिति, बाजार में हिस्सेदारी आदि के सुधार के जरिए निष्पादन और वृद्धि से जोड़ा जा सकता है।