नवाचार से हमारे दैनिक जीवन को अधिक सार्थक और सामग्री के संदर्भ में समृद्ध बनाने के लिए हमारी कल्पना को नए ज्ञान और नए आयाम मिलते हैं। नवाचार को मोटे तौर पर प्रौद्योगिकी नवाचार, उत्पाद नवाचार, प्रक्रम नवाचार और प्रबंधन नवाचार में बांटा जा सकता है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत में केन्द्रीय प्राधिकरण है जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के समग्र विकास तथा भारत में नवाचार प्रक्रमों को प्रोत्साहन देने के लिए उत्तरदायी है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी गतिविधियों के आयोजन, समन्वय और प्रोत्साहन के लिए मंत्रालय का नोडल विभाग है। डीएसटी ने स्काउटिंग को संस्थागत समर्थन प्रदान करने, प्रसार करने, बुनियादी स्तर के हरित नवाचारों को टिकाऊ बनाने तथा उन्नयन के साथ इन्हें स्वयं समर्थन गतिविधियों में रूपांतरित करने के लिए सहायता देने के मुख्य लक्ष्य के साथ भारतीय राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन (एनआईएफ) की स्थापना की है।
केन्द्र और राज्य स्तरों पर विभिन्न नीतिगत उपाय और प्रोत्साहन किए गए हैं ताकि देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मूल संरचना तथा नवाचार गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जा सके। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति की घोषणा है जो वैश्विक स्तर पर समान और सघन रूप से भागीदारी की वचनबद्धता को पुन: प्रबलित करती है ताकि संपूर्ण मानव जाति के लाभ के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उन्नतियों का दोहन और उत्पादन किया जा सके।
समय समय पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा और केन्द्रीय स्तर के प्राधिकरण तथा राज्य सरकारों द्वारा ऐसी अनेक योजनाएं और प्रोत्साहन प्रदान किए जाते हैं। ये योजनाएं मोटे तौर पर देश में सशक्त विज्ञान और प्रौद्योगिकी मूल संरचना निर्मित करती हैं, जो नवाचार की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती हैं, ये प्रौद्योगिकी के वाणिज्यीकरण में प्रोत्साहन देती हैं और इस प्रकार देश के लोगों की सामाजिक - आर्थिक परिस्थितियों को बेहतर बनाने में सहायता देती है।
इस दिशा में की गई मुख्य पहलों में से एक प्रौद्योगिकी प्रवर्तन, विकास और उपयोगिता (टीडीपीयू), कार्यक्रम का प्रारंभ है जो देश में प्रौद्योगिकी विकास को प्रोत्साहन देने के साथ औद्योगिक अनुसंधान पर लक्षित है और साथ ही यह अर्थव्यवस्था के विभिन्न वर्गों द्वारा इसकी उपयोगिता को प्रोत्साहन देता है, चाहे यह उद्योग हो, वैज्ञानिक संस्थान या बड़े पैमाने पर समाज।
नवाचार का पूरा लाभ पाने के लिए नीतिगत क्षेत्रों के बीच एक व्यापक रेंज में एक प्रभावी और दक्ष रूपरेखा की आवश्यकता होती है, जो व्यापार, सरकार और समाज के बीच एक समेकित मार्ग और सहयोग की मांग करती है।
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