अण्डमान व निकोबार का संघ शासित क्षेत्र बंगाल की खाड़ी में मुख्य भारतीय भूभाग के पूर्व में द्वीप समूहों की एक सकरी और लम्बी परन्तु टूटी हुई श्रंखला है। यह उत्तरी अक्षांश पर 6 डिग्री से 14 डिग्री तक और पूर्वी देशांतर पर 92 डिग्री से 94 डिग्री पर अवस्थित है। इसका क्षेत्रफल लगभग 8249 वर्ग किलोमीटर है तथा आबादी 0.36 मिलियन है। इस क्षेत्र में द्वीप समूहों के दो भिन्न समूह हैं अर्थात् अण्डमान व निकोबार । इस द्वीप समूह में 3000 से अधिक द्वीप, द्वीपक और चट्टानें हैं, जबकि इनमें से मात्र 300 ही उल्लेखनीय आकार के हैं। इनमें से केवल 39 द्वीपों में आबादी है। इसका सुदूर उत्तरी छोर ‘लैंडफाल द्वीप’ है जो हुगली नदी के मुहाने से 901 कि.मी. दूर है और बर्मा से लगभग 190 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। इसका सुदूर दक्षिणी द्वीप ‘ग्रेट निकोबार’ है, जिसका दक्षिण का अंतिम छोर ‘पिग्मालियन पाइंट’ है जिसे अब ‘इंदिरा पाइंट’ कहते हैं जो इंडोनेशिया से लगभग 150 कि.मी. दूर है।
द्वीप समूह के मूल निवासी जंगलों में रहते थे और शिकार व मछली पकड़ने पर आश्रित थे। इसके आदिम जनजातीय लोग जैसे कि अंडमानी, पोंग, जरावा और सैंटीनल, ये सभी हब्शी मूल के हैं, जबकि निकोबार की जनजातियां हैं निकोबारी और शोमपेन। ये दोनों मंगोल मूल के हैं। द्वीप समूहों की स्थलाकृति पहाड़ी हैं और सदाबहार जंगलों से परिपूर्ण हैं। समुद्र की लहरदार तटरेखा के रेतीले तटों पर नारियल के पेड़ों की कतारें हैं। द्वीपों के चारों ओर के समुद्र में जल के खेलों की अपार संभावनाएं हैं। दुर्लभ वनस्पति और जीव जंतु, पानी के नीचे समुद्री जीवन और प्रवाल, साथ में पारदर्शी जल, कच्छ वनस्पति युक्त संकरी खाड़ी ये सभी प्रकृति की अनुपम भेंट का दुर्लभ दृश्य प्रस्तुत करती हैं। गंदगी रहित साफ सुथरी चौड़ी सड़कें और साथ में प्रदूषण मुक्त वायु प्रकृति प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करती है। ट्रेकिंग, आइस्लैंड कैम्पिंग और स्कूबा गोताखोरी इत्यादि साहसिक पर्यटन के वास्तविक आकर्षण हैं। द्वीपों की विशेषता दर्शाने वाली अन्य मुख्य विशेषताएं हैं :-
- संभावित श्रेष्ठतम उपोष्ण कटिबंधी (सब ट्रापिकल) और उष्ण कटिबंधी (ट्रापिकल) जलवायु;
- तीन लाख वर्ग कि. मी. के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में विशाल सामुद्रिक संभावनाएं;
- कंटेनर पोर्ट की संभावनाएं दर्शाने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक कोरीडोर के पास;
- नगण्य औद्योगिक विवाद;
- उच्च शिक्षा दर;
- प्रदूषण रहित; इत्यादि
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इनके अलावा अंडमान निकोबार के शासन द्वारा अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए बहुत से नीतिगत उपायों और प्रोत्साहनों के माध्यम से सहयोगपूर्ण वातावरण तैयार किया है।
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