आंध्र प्रदेश देश में पाँचवां सबसे बड़ा राज्य है जो 2,75,069 वर्ग कि.मी. क्षेत्र में फैला हुआ है। यह दक्षिण में तमिलनाडु, उत्तर में ओडिशा और छत्तीसगढ़, पश्चिम में महाराष्ट्र और कर्नाटक और पूर्व में बंगाल की खाड़ी से घिरा हुआ है। भारत में सभी राज्यों से इसका समुद्र तट सबसे लंबा 974 कि.मी. है। इसमें विभिन्न प्रकार की भौतिक भौगोलिक विशेषताएं हैं जिनमें ऊंची पहाड़ियों से लेकर तटीय डेल्टा पर्यावरण से सटे हुए तरंगित मैदान हैं।
आंध्र प्रदेश में खनिज संसाधनों की बहुतायत है जिनमें कोयला तेल और प्राकृतिक गैस, बॉक्साइट, चूना पत्थर, सोना, हीरा और अनेक खनिज शामिल हैं। यह कृषि के रूप में संपन्न राज्य है जिसकी भूमि उपजाऊ है जल और अनुकूल कृषि, आबोहवा का वातावरण है। यह खाद्यान्नों, फलों, सब्जी, कपास, मक्का, डेयरी और पोल्टरी उत्पादों में देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक है। यह अनेक कृषि उत्पादों का निवल निर्यातक रहा है। राज्य में बहुत सी बड़ी-बड़ी सरकारी और निजी कंपनियां हैं। यह दक्षिण भारत में औद्योगिक कार्यकलाप के केंद्र के रूप में जाना जाता है। हैदराबाद और विशाखापट्टनम विनिर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी पर्यटन और सेवाओं के मुख्य केंद्र बन गए हैं।
राज्य में महानगरीय वातावरण है जहां तुलनात्मक लागत पर गुणवत्ता का जीवन है। यह अपने विभिन्न लाभदायक विशेषताओं के कारण देश में सबसे अच्छा व्यापारी राज्य समझा जाता है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं :-
- सक्रिय और उत्तरदायी प्रशासनिक ढांचा;
- निवेश के लिए सरल एवं पारदर्शी प्रक्रियाएं;
- समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों का आधार;
- पूर्व और दक्षिण पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार;
- शिक्षित और कुशल मानव संसाधन;
- विविधिकृत औद्योगिक ढांचा;
- अच्छी तरह जुड़ी हुई सड़कें, रेल और हवाई नेटवर्क;
- सक्षम विद्युत आपूर्ति प्रणाली;
- अनुकूल मानव विकास सूचकांक;
- अनेक उद्योगों का गढ़/अनुसंधान और विकास में उत्कृष्टता का केंद्र;
- उत्कृष्ट दूरसंचार नेटवर्क;
- बड़ा उपभोक्ता आधार आदि।
इसके परिणामस्वरूप आंध्र प्रदेश ने राज्य में अपने कार्यों की स्थापना करने हेतु बड़ी संख्या में निवेशकों को आकर्षित किया है। उन्होनें विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक यूनिटें स्थापित की हैं जैसे सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल,कपड़ा, औषधि और भेषज आदि। आंध्र प्रदेश की सरकार ने अपनी अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रकों में निवेश का और अधिक अन्तर्वाह प्रोत्साहित करने के लिए अनेकानेक नीतिगत उपाय और प्रोत्साहन आरंभ किया है।
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