कुल 83,743 वर्ग कि.मी. क्षेत्रफल वाला अरुणाचल प्रदेश, क्षेत्रफल की दृष्टि से पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा राज्य है। इसकी अंतरराष्ट्रीय सीमाएं भूटान, तिब्बत, चीन और म्यांमार के साथ क्रमश: पश्चिम, पूर्वोत्तर, उत्तर और पूर्व में हैं, तथा राष्ट्रीय सीमाएं असम और नागालैंड के साथ लगती हैं। यह उत्तरी अक्षांश पर 26 डिग्री 30’ से 29 डिग्री 30’ पर और पूर्वी देशांतर पर 91 डिग्री 30’ से 97 डिग्री 30’ पर अवस्थित है। अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर है जो कि समुद्र तल के न्यूनतम स्तर से लगभग 530 मीटर की ऊचाई पर अवस्थित है। राज्य में मुख्यत: छोटे पर्वत और पर्वतीय श्रंखलाएं हैं तथा ढाल असम प्रदेश के मैदानों की ओर हैं। ये राज्य को 5 नदी घाटियों, कामेंग, सुबनसिरी, सियांग, लोहित और तिराप में विभाजित करती हैं।
यह राज्य, हिमालयी अंचल के सबसे समृद्ध जैव भौगोलिक क्षेत्र के पूर्वी हिमालयी क्षेत्र में अवस्थित है। यह समृद्ध वन संसाधनों और खनिज संपदा के लिए प्रसिद्ध है। यह गहरी नदी घाटियों और सुंदर पठारों की भूमि है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत (हेरिटेज) के कारण राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में बहुत अधिक संभावनाएं विद्यमान हैं। वनस्पतियों और जीव जंतुओं की समृद्ध जैव विविधता के कारण, अरुणाचल प्रदेश में आर्किड और कई औषधीय पौधों की खेती के लिए विशाल बाजार की संभावनाएं हैं। इसके अलावा राज्य के उद्योग स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कच्चे माल वन उत्पादों पर आधारित हैं। बांस, कालीन बनाने और बुनाई इत्यादि जैसे अपने हैंडलूम और हस्तशिल्प उद्योग के कारण विश्व भर में प्रसिद्ध है।
राज्य की अन्य लाभदायक विशेषताएं हैं:-
- सहायक और विश्वसनीय प्रशासनिक व्यवस्था;
- निवेशकों के अनुकूल परिवेश;
- अल्प भूमि और मानव अनुपात;
- वनस्पतियों और जीव जंतुओं और विभिन्न बागवानी उत्पादों की अनेक किस्में;
- अनेक औषधीय जड़ी-बूटियों की उपलब्धता;
- दक्ष और कार्यकुशल कामगार;
- पूर्वोत्तर के राज्यों में सर्वोच्च प्रति व्यक्ति आय;
- ठोस आधारभूत संरचनाओं का जाल; इत्यादि।
तदनुसार अरुणाचल प्रदेश की सरकार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आमंत्रित करने के लिए कई उपाय कर रही है। निवेशक, राज्य में उपलब्ध विभिन्न संसाधनों और प्रोत्साहन योजनाओं का इष्टतम उपयोग करके भिन्न–भिन्न औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर सकते हैं।
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