चंडीगढ़ भारत का अनोखा संघ राज्य क्षेत्र है। यह एक मात्र शहर है जो दो राज्यों की राजधानी (पंजाब और हरियाणा) है। यह देश का पहला सुनियोजित शहर भी है जहां उच्च स्तर की नागरिक सुविधाएं हैं। इसके परिणामस्वरूप इस शहर में बड़ी मात्रा में व्यापार एवं वाणिज्यिक क्रियाकलाप होता है। इस सुंदर शहर का डिज़ाइन प्रसिद्ध फ्रांसीसी वास्तुविद ली-करबासियर द्वारा तैयार की गई है और यह इसके वास्तुकला और भू-आकृति के लिए जाना जाता है। एक सभ्यतापूर्ण भवन, घने वृक्षों का जंगल, बेहतरीन पेड़ों की प्रजातियां, विश्रामपूर्ण घाटी, उद्यान और ऐसी अन्य हरित पट्टी शहर की मनोहरी विशेषताएं हैं।
शहर का कुल भू-क्षेत्र 114 वर्ग कि.मी. है और इसकी भौगोलिक अवस्थिति 30 डिग्री 44'14 उत्तरी अक्षांश और 76 डिग्री 47'14 पूर्व देशान्तर पर है। शहर की ऊँचाई 304.8 से 365.76 मीटर समुद्रतल से ऊपर है। यह उत्तर में शिवालिक पर्वत श्रृंखला की तराई में स्थित है। पूर्वोत्तर में कंडी (बबर) और सिरोवाल (तराई) है और शेष भाग में जलोढ़ मिट्टी का मैदानी भाग है।
संघ राज्य क्षेत्र में अनेकानेक लाभदायक विशेषताएं हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं :-
- सक्षम और प्रतिक्रियाशील प्रशासनिक ढांचा;
- योजनाबद्ध शहर जो देश में एक सर्वोत्तम गुणवत्ता का जीवन मुहैया कराता है;
- सुनिश्चित और कुशल जनशक्ति;
- विश्व स्तरीय संस्थाएं;
- उत्कृष्ट सामाजिक और भौतिक मूल संरचना;
- देश में उच्च मानव विकास सूचकांक;
- भारत का सबसे धनी और संपन्न नगर; आदि।
उन सभी लाभों को पूरा करने के लिए चंडीगढ़ की सरकार ने अपनी अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए अनेकानेक नीतिगत उपाय और पहलें की है। इसके परिणामस्वरूप शहर उद्योग और सेवाओं, शिक्षा स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी पर्यटन तथा खाद्य एवं सब्जी प्रसंस्करण के क्षेत्र में तेजी से उभरता क्षेत्रीय केंद्र बन रहा है।
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