भारत की राजधानी दिल्ली तीसरा सबसे बड़ा शहर है जो 1483 वर्ग कि.मी क्षेत्र में फैला हुआ है। यह देश के उत्तरी भाग में स्थित है और पूर्व को छोड़कर सभी तरफ से हरियाणा से घिरा हुआ है, पूर्व में इसकी सीमा उत्तर प्रदेश से सटी हुई है। देश के इतिहास में इस शहर का सामरिक महत्व है। इसमें दो विरोधी परन्तु सौम्य हिस्से हैं, पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली। साथ ही यह उत्तर भारत का यात्रा केंद्र है।
गंगा के मैदान के पश्चिमी किनारे पर स्थित शहर ऐसी छवि प्रस्तुत करता है जो समृद्ध संस्कृति, वास्तुकला और मानव विविधता को परिलक्षित करता है। आज यह भारत का एक सबसे तेज़ विकसित होता शहर है। यह काफी मात्रा में व्यापार और वाणिज्यिक क्रियाकलापों का केंद्र है। इसकी अर्थव्यवस्था कृषि, पर्यटन, वाणिज्य तथा औद्योगिक स्थापना से परिपोषित होती है। इसके अतिरिक्त शहर भारत का अति उदीयमान सर्जनात्मक कला केंद्र है। इसकी पच्चीस से अधिक गैलरियां हैं। दौरे, सम्मेलन, फिल्म प्रदर्शन और कला मूल्यांकन पर इतिहास एवं संरक्षण संबंधी कक्षाओं का हमेशा आयोजन किया जाता है। दिल्ली में असंख्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की भी मेजबानी की जाती है जिनमें खेलकूद संबंधी आयोजन, सम्मेलन और संगोष्ठियां आदि शामिल हैं।
इसकी अन्य लाभदायक विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं :-
- सक्षम और जिम्मेदार प्रशासनिक ढांचा;
- योग्य और सक्षम जनशक्ति;
- मजबूत कृषि और औद्योगिक आधार
- सरकार का निवेशक अनुकूल मनोभाव
- स्वच्छ और हरित शहर जो जीवन को गुणवत्ता प्रदान करता है;
- विश्व स्तरीय संस्थाओं का केंद्र
- उत्कृष्ट सामाजिक और भौतिक अवसंरचना
- बड़ा उपभोक्ता बाजार आधार; आदि।
ऐसे लाभों को सहायता मुहैया कराने के लिए दिल्ली की सरकार ने अनेकानेक नीतिगत उपाय और प्रोत्साहन शुरू किया है। उनका लक्ष्य पूरे विश्व से निवेशकों को आकर्षित करना और शहर में निवेश करने के लिए उन्हें प्रेरित करना है। इसके परिणामस्वरूप दिल्ली राष्ट्र का एक सबसे मनपसंद निवेश केंद्र बनती जा रही है लगभग सभी क्षेत्रों में अवसर दे रही है और विशेषकर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पर्यटन और लघु क्षेत्रक।
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