भारत के पश्चिमी तट पर अवस्थित एक लघु ऐमेराल्ड भूमि गोवा महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमाओं के बीच अवस्थित है। यह भारत संघ का सबसे नया राज्य है। इसका कुल क्षेत्रफल 3,702 वर्ग कि.मी. है और इसमें उत्तरी गोवा और दक्षिणी गोवा नामक दो राजस्व जिले हैं। यह उत्तरी अक्षांश के 15 डिग्री 48’ से 14 डिग्री 53’ से 74 डिग्री 20’13” से 73 डिग्री 40’33” के मध्य अवस्थित है। इसके उत्तर में तेरेखोल नदी बहती है जो गोवा को महाराष्ट्र से पृथक करती है और दक्षिण में कर्नाटक का उत्तर कैनारा जिला पड़ता है। जबकि इसके पूर्व में पश्चिमी घाट है और पश्चिम में अरब सागर है। पणजी, मारगाओ, वास्को, मपुसा अौर पोंडा गोवा के मुख्य नगर हैं। इस राज्य की सबसे प्रभावशाली विशेषता, विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच में सौहार्दपूर्ण संबंधों का होना है।
गोवा, भारत के अति विकसित राज्यों में से एक के रूप में उभरा है। निवेश वातावरण और आधारभूत संरचना के मामलों में भी गोवा ने भारत के श्रेष्ठतम राज्यों में से एक का दर्जा हासिल किया है। यह महानगरों, व्यापारिक और वाणिज्यिक केंद्रों के साथ सड़क, रेल, समुद्री मार्गों के अलावा वायु मार्ग के द्वारा भी भली प्रकार जुड़ा हुआ है। नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने और राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ा होने के पश्चात् संपर्क के साधनों में और भी सुधार होगा। गोवा के मोरमुगांव में एक प्राकृतिक बंदरगाह है और साथ ही कई छोटे बंदरगाह भी हैं, जिनमें व्यवसायिक सुविधाओं के विकास की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। इसके अलावा, इसमें पूर्ण विकसित इन्टरनेट संयोजन (कनेक्टिविटी) और टेलीफोन एक्सचेंजों का विशाल नेटवर्क भी है, जो इसके नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाले जीवन की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। अत: भारतीय अर्थ व्यवस्था के विकास में यह अग्रणी राज्य है।
यह राज्य घने जंगलों और खनिज संपदा से संपन्न है। यहां विभिन्न प्रकार कृषि फसलों और उद्यान कृषि की उपज होती है। राज्य ने, पर्यटन, इलेक्ट्रॉनिकी, औषधि निर्माण और कृषि रसायनों के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। यह राष्ट्रीय राजकोष में, खनन और पर्यटन के माध्यम से विदेशी मुद्रा का उल्लेखनीय योगदान करता है। राज्य में विभिन्न उद्योग फले-फूले हैं और वर्तमान में, सरकार द्वारा सेटेलाइट सुविधायुक्त वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिकी और साफ्टवेयर पार्क स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा, इसका शांत और मित्रवत् सामाजिक वातावरण, इसे पर्यटकों के द्वारा सबसे पहली पसंद के रूप में चुनने का मुख्य कारण हैं।
राज्य की अन्य लाभकारी विशेषताएं हैं:-
- उत्तरदायी और लचीली प्रशासनिक व्यवस्था;
- न्यूनतम अपराध दर के साथ-साथ कानून और व्यवस्था की श्रेष्ठ स्थिति;
- उच्चतम साक्षरता दरों में से एक;
- प्रशिक्षित और दक्ष मानव शक्ति;
- शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए उत्कृष्ट मूल संरचना;
- पर्याप्त ऊर्जा रिजर्व और उचित टेरिफ दरें;
- बैंकों और वित्तीय संस्थापनों का विकसित नेटवर्क;
- भारत में उच्चतम प्रति-व्यक्ति आय वाले प्रदेशों में से एक;
- सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध;
- विकसित होता उपभोक्ता बाजार का आधार; इत्यादि।
ऐसी सुविधाओं के कारण, गोवा को निवेशकों का स्वर्ग कहा जाता है। यहां राज्य की अर्थव्यवस्था में, कृषि, उद्योग और सेवा के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं।