कुल 44,212 वर्ग कि.मी. क्षेत्रफल वाला हरियाणा उत्तर भारत में अवस्थित है। यह उत्तरी अक्षांश के 27 डिग्री 37’ से 30 डिग्री 35’ और पूर्वी देशांतर के 74 डिग्री 28’ से77 डिग्री 36’ के मध्य अवस्थित है। इसकी पूर्वी सीमा पर उत्तर प्रदेश; पश्चिम में पंजाब; उत्तर में हिमाचल प्रदेश; और दक्षिण में राजस्थान हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं के साथ यह तीन ओर से सटा हुआ है, और इस प्रकार यह विश्वभर के निवेशकों के लिए पसंदीदा स्थान है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का लगभग 40 प्रतिशत क्षेत्र हरियाणा राज्य में पड़ता है, और राज्य का 30 प्रतिशत क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के रूप में अधिसूचित है। हरियाणा की समुद्र तल से ऊंचाई 700 फुट से 900 फुट के बीच है।
चंडीगढ़, जो कि हरियाणा की राजधानी है, उच्च स्तरीय नागरिक सुविधाओं से युक्त देश का पहला नियोजित नगर है। यह काफी बड़ी मात्रा में व्यवासियक और वाणिज्यक गतिविधियों का केंद्र है। इसके अलावा, हरियाणा के दिल्ली, जो कि उत्तर भारत का विशालतम व्यवसायिक केंद्र है, के साथ निकटतम संबंधों के कारण, राज्य की अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों में निवेश के अनेकों अवसर उपलब्ध हैं। हरियाणा में सुदृढ़ औद्योगिक और आधारभूत संरचनाएं उपलब्ध हैं, जो कि उद्यमियों को अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए बढिया स्थान उपलब्ध कराती हैं। यहां सौहार्दपूर्ण और शांतिप्रिय औद्योगिक संबंध परिदृश्य के साथ-साथ दक्ष, अभिप्रेरित और तुलनात्मक दृष्टि से सस्ती मानवशक्ति का भण्डार उपलब्ध हैं। यह देश में उच्चतम प्रति व्यक्ति आय वाले कुछ प्रदेशों में से एक है। इसके परिणामस्वरूप यह राज्य, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, बड़े उद्योग घरानों, विदेशी निवेशकों, अनिवासी भारतीयों तथा छोटे स्तर के उद्यमियों से काफी बड़ा निवेश आकर्षित करने में सफल रहा है।
इसकी मौके स्थिति के कारण, हरियाणा को व्यवसायिक मित्र राज्य का दर्जा दिया गया है। पानीपत, रोहतक, गुड़गांव, फरीदाबाद और सोनीपत में त्वरित सामाजार्थिक विकास की विशेष संभावनाएं विद्यमान हैं। राज्य से निर्यात की जाने वाली वस्तुओं में मुख्य हैं साफ्टवेयर, हैंडलूम उत्पाद, वैज्ञानिक उपकरण, वस्त्र, आटोमोबाइल और आटोमोटिव उपस्कर, इलैक्ट्रिक उपकरण, चावल, अचार, इत्यादि। इसके अलावा भूमि और जल राज्य के महत्वपूर्ण संसाधन हैं, जो हरियाणा को कृषि के क्षेत्र में एक समृद्ध राज्य बनाते हैं । उपलब्ध सिंचाई सुविधाओं का उपयोग करके बहुत बड़ी मात्रा में अनाज और बागवानी की फसले उगाई जाती हैं।
राज्य की अन्य लाभकारी विशेषताएं हैं:-
- उत्तम उतरादायित्वपूर्ण और सहयोग प्रदान करने वाला प्रशासनिक ढांचा;
- कानून और व्यवस्था की उत्तम स्थिति;
- निवेश की सरलीकृत और पारदर्शी प्रक्रिया;
- मेहनती, शिक्षित और दक्ष मानवशक्ति (कामगार);
- परिवहन सुविधाएं (रेल, सड़क और वायुयान द्वारा);
- विश्वसनीय बिजली और संचार संजाल (नेटवर्क);
- भली प्रकार विकसित औद्योगिक संपदा (एस्टेट्स);
- उत्तम बैंकिग और वित्तीय सेवाएं;
- आधुनिक तकनीकी और शैक्षिक संस्थापनों का केंद्र;
- व्यापक उत्पादन क्षमता और बाजार की उपलब्धता;
- कार्यकुशल और मज़बूत निजी सेक्टर की उपस्थिति; इत्यादि।
ऐसे अवसरों की उपलब्धता के साथ-साथ, हरियाणा सरकार द्वारा निवेशकों को प्रोत्साहनों और योजनाओं का एक भली प्रकार संतुलित पैकेज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके द्वारा आधारभूत संरचना के नियोजित विकास, कृषि और औद्योगिक आधार में विविधता, और राज्य के निवासियों के जीवन स्तर की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है।