हिमाचल प्रदेश पश्चिम हिमालय के हृदय स्थल पर अवस्थित है। इसका भौगोलिक क्षेत्रफल 55,673 वर्ग कि.मी. है और यह 350 से 7000 मीटर (1050 फुट से 21000 फुट) तक की ऊंचाई पर अवस्थित है। इसके उत्तर में जम्मू और कश्मीर है; पश्चिम और दक्षिण पश्चिम में पंजाब है; दक्षिण में हरियाणा है; दक्षिण पूर्व में उत्तर प्रदेश है; और पूर्व में तिब्बत और चीन हैं। इसकी स्थलाकृति, जलवायु और जंगलात के आवरण में भिन्नता है तथा यह वनस्पतियों और वन्य जीव जन्तुओं की अनेकों किस्मों से संपन्न है। यह छायादार घाटियों, ऊबड़-खाबड़ चट्टानों, हिम नदियों और विशालकाय देवदारों, और गर्जती हुई नदियों से संपन्न है। राज्य का पूर्वोत्तर भाग हिम आच्छादित, रजत मुण्डक पहाड़ों, प्रशांत झीलों, और निर्वृक्ष हरे-भरे मैदानों के विस्तार से सुसज्जित है। इसके अलावा, प्रदेश की पहचान देव भूमि के रूप में की जाती है तथा ऐसा माना जाता है कि यह देवी-देवताओं का निवास स्थल है। संपूर्ण प्रदेश में पत्थर और लकड़ी के मंदिर से चिह्नांकित है। समृद्ध संस्कृति और पंरपराओं ने हिमाचल प्रदेश को स्वयं में अनूठा बना दिया है।
हिमाचल प्रदेश (हि. प्र.) के जंगल इसके भौगोलिक क्षेत्र का दो-तिहाई हैं, तथा ये क्षेत्र के वातावरण और आर्थिक कल्याण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ये हिमालय के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण समृद्ध जैव-विविधता का भण्डार घर है, तथा ग्रामीण जनता के जीवन यापन के बुनियादी स्रोत के रूप में कार्य करता है। राज्य की अनुकूल कृषि संबंधी परिस्थितियों के कारण विभिन्न किस्मों की फसलें, जैसे सब्जियां, फल, फूल, चावल और व्यापारिक फसलें उगाने में सहायता प्राप्त होती है। हिमाचल में जल, भूमि और खनिज पदार्थों के भरपूर संसाधन है। इसके साथ ही वहां विद्युत उत्पादन और इसकी साधारण दरों पर आपूर्ति की स्थिति सुखद है। राज्य सरकार का व्यवसायिक दृष्टिकोण और साथ में दक्ष और मेहनती मानवशक्ति की उपलब्धता और साथ ही साथ विकसित परिवहन संजाल (नेटवर्क) ने मिलकर कृषि आधारित, वन आधारित, खाद्य संसाधन (फूड प्रोसेसिंग), पेय पदार्थो (बीवरेज), सूचना तकनीक, इलेक्ट्रोनिक और उच्च तकनीक (हाई टेक) उद्योगों के लिए अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध कराई हैं। इसके अलावा, शांतिपूर्ण औद्योगिक परिस्थितियां उपलब्ध हैं, हड़तालें और मज़दूरों में असंतोष न के बराबर हैं। इसके साथ ही, हिमाचल प्रदेश की सरकार, संभावित उद्यमियों और निवेशकर्ताओं को आकर्षक कर और वित्तीय लाभ उपलब्ध कराती है।
इन सभी सुविधाओं के कारण, हिमाचल प्रदेश निवेश के लिए एक अत्यधिक पसंद किया जाने वाला स्थान बन गया है। पर्यटन और इनसे संबंधित गतिविधियों के विकास के लिए बहुत संभावनाएं विद्यमान हैं। बहुत से बड़े और छोटे उद्योग घराने/व्यवसायी अपनी औद्योगिक इकाइयां राज्य में स्थापित कर रहे हैं। यहां अर्थ व्यवस्था के क्षेत्र में व्यवसाय के अनेक अवसर विद्यमान हैं।