मणिपुर राज्य का अधिकांश हिस्सा पहाड़ियों से भरा हुआ है। इसीलिए इस राज्य को ऐसी आधारभूत संरचना की आवश्यकता है, जो इस राज्य के सभी भागों से यहां पहुंचने को सुगम बनाता है। सड़क, रेल व विमान मार्ग का अच्छा नेटवर्क होना राज्य के सामाजिक व आर्थिक विकास की पूर्व शर्त है। इसके अलावा, मजबूत दूर संचार व बिजली की उपलब्धता राज्य के लोगों के जीवन को उन्नत बनाने के लिए अनिवार्य है।
राज्य की राजधानी ‘इंफाल’ में क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा हवाई अड्डा है। हवाई मार्ग से यह दिल्ली, कोलकाता व गुवाहाटी से अच्छी तरह जुड़ा है। राज्य में फैला राष्ट्रीय राजमार्ग इसे देश के हिस्सों/भू-भागों से जोड़ता है राज्य के प्राय: सभी गांव सभी मौसमों में चलने योग्य सड़कों से जुड़े हुए हैं।
सड़क मार्ग
जहां तक सड़कों का सवाल है, राज्य में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग हैं यथा राष्ट्रीय राजमार्ग – 39, राष्ट्रीय राजमार्ग 53 और राष्ट्रीय राजमार्ग 150 । इंफाल, जो कि मणिपुर की राजधानी है, वह राष्ट्रीय राजमार्ग 39 से उत्तर में नागालैंड, पूरब में म्यांमार, पश्चिम में राष्ट्रीय राजमार्ग 53 से असम के साथ और दक्षिण में राष्ट्रीय राजमार्ग 150 से मिज़ोरम के साथ जुड़ा है।
रेल
जिरीबाम में रेल मुख्यालय की स्थापना के बाद राजय देश के रेल मानचित्र में शामिल हो गया। सबसे निकटवर्ती रेलवे मुख्यालय दिमापुर में स्थित है। यह इंफाल से 215 किलोमीटर दूर स्थित है। एक नई रेल लाइन ‘जिरीबाम-तुपुल’ की नींव सन् 2004 में रखी गई थी।
विमान सेवा
इंफाल एयरपोर्ट एक मात्र ऐसा एयरपोर्ट है जो इंडियन एयरसाइंस, जेट एयरवेज व एलायंस एयर द्वारा क्षेत्र के अन्य स्टेशनों से जुड़ा हुआ है। इंडियन एयरलाइन्स इंफाल को गुवाहाटी व नई दिल्ली से जोड़ता है जबकि जेट एयरवेज इंफाल को गुवाहाटी और कोलकाता से जोड़ता है। एलायंस एयर इंफाल को ऐजवाल, सिल्चर, कोलकाता व गुवाहाटी से जोड़ता है।
दूर संचार
राज्य में दूर संचार सेवा के अंतर्गत निम्नलिखित शामिल हैं : दिल्ली और शिलॉग से स्वतंत्र उपग्रहीय संपर्क, माइक्रोवेब लिंक से कोहिमा व उससे बाहरी क्षेत्र के साथ, इंफाल स्थित 40 डिजिटल एक्सचेंज व इंटरनेट नेटवर्क सी –II के जरिए सभी जिला मुख्यालयों से संपर्क बना हुआ है।
बिजली
राज्य में बिजली उत्पादन की संस्थापित क्षमता 47.252 मेगावॉट (मार्च 2006) से अधिक है। राज्य की बिजली आपूर्तिराज्य के पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थित सेंट्रल सैक्टर जनरेटिंग स्टेशनों पर निर्भर करती है। इनमें लोकटक हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (एनएचपीसी), कोपिली एचई परियोजना, दोयांग, रंगानाही एचई परियोजना शामिल हैं। लोकटक हाइड्रो इलेक्ट्रिक (जल-विद्युत) राज्य में बिजली आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है। इस प्रकार मणिपुर बिजली के लिए लोकटक जल विद्युत (हाइड्रो इलेक्ट्रिक) पर प्रमुख रूप से निर्भर है। साथ ही सेंट्रल जनरेटिंग स्टेशनों पर राज्य निर्भर है। इसके अलावा राज्य में साल भर बहने वाली नदियां है जिन्हें लघु/छोटे/बड़े जल विद्युत (हाइडल) परियोजनाओं के जरिए बिजली उत्पादन के काम में लाया जा सकता है।
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