अपने समृद्ध और बहुतायत प्राकृतिक संसाधन से युक्त राज्य तथा विविध कृषि और वन संपदा से युक्त यह राज्य, राज्य में उल्लेखनीय निवेश के अवसर मुहैया कराता है। यह तेजी से क्रियाशील औद्योगिक अर्थव्यवस्था में परिवर्तित हो रहा है। इसकी तकनीकी जन शक्ति का बड़ा पूल, प्रतिसक्रिय सरकारी नीतियां, उत्कृष्ट मूलसंरचना सुविधाएं, विविध फसल के तरीके, सुदृढ़ विनिर्माण और खनन क्षेत्रक निवेशकों के लिए इसे एक सबसे अधिक मनपसंद केंद्र बनाता है। पारम्परिक क्षेत्रक जैसा कि कपड़ा, चमड़ा, खनिज और खाद्य प्रसंस्करण का भी और अधिक विकास किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सूचना प्रौद्योगिकी और पर्यटन अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रकों में महत्वपूर्ण निवेश आकर्षित करने के लिए आवश्यक समर्थन देता है।
कृषि
आंध्र प्रदेश में कृषि लोगों का मुख्य व्यवसाय है। चावल मुख्य खाद्य फसल और राज्य का मुख्य भोजन है जिसका खाद्यान्न उत्पादन में 77 प्रतिशत योगदान है। अन्य महत्वपूर्ण फसलें हैं बाजरा, मक्का, रागी, छोटे अनाज, दाल, कास्टर, तंबाकू, कपास और गन्ना। राज्य की बागवानी में मजबूत आधार है जो विभिन्न प्रकार के मसाले, फल और सब्जियां जैसे आम, खट्टे फल, अंगूर, शरीफा, केला, अन्नानास टमाटर और प्याज का उत्पादन करता है। यह बागवानी उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है जहां, 1.24 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में खेती की जाती है। यह कुछ मसालों का भी अग्रणी उत्पादक है जैसे मिर्च, हल्दी, इमली, अदरक, धनिया आदि। इसके अलावा वन राज्य के 23 प्रतिशत क्षेत्र में फैला हुआ है। महत्वपूर्ण वन उत्पाद हैं - टीक, यूकेलिप्टस, काजू, कसूरीना, बांस मुलायम लकड़ी आदि।
राज्य में कृषि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग हैं, ब्रेड, तिलहन (खाद्य) नाश्ता का भोजन, बिस्कुट, कॉन्फेकशनरी, कोकोआ प्रसंस्करण और चॉकलेट सहित, तेल निष्कर्षक और शोधन, माल्ट निकासी, प्रोटीन पृथक्करण, उच्च प्रोटीन खाद्य, वीनिंग खाद्य, खाने के लिए तैयार खाद्य उत्पाद और अन्य प्रसंस्कृत खाद्य।
सूचना प्रौद्योगिकी
आंध्र प्रदेश सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र को राज्य का एक मुख्य विकास इंजन के रूप में मान्यता दी है। इसका लक्ष्य राज्य को ज्ञान समाज में परिवर्तित करना और सभी नागरिकों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के लाभों को उपलब्ध करना विशेषकर वे जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं। यह राज्य को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) में अग्रणी बनाना चाहती है और सूचना अर्थव्यवस्था में मुख्य कारोबारी बनाना चाहती है। उच्च कौशल आईटी जन शक्ति के पर्याप्त उपलब्धता रूप में तथा विश्व स्तरीय तकनीकीय एवं सामाजिक मूल संरचना के रूप में राज्य के पास असंख्य लाभ हैं और राज्य में अनेक प्रतिष्ठित कॉपोरेट भी आ गए हैं। इस प्रकार से आईटी राज्य में वैश्विक आईटी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है और इस तरह से अर्थव्यवस्था का समग्र विकास हासिल करता है।
ऑटोमोबाइल
ऑटोमोटिव संघटकों के विनिर्माताओं का व्यापक आधार और उच्च प्रशिक्षित, कुशल और अनुशासित जनशक्ति का एक बड़ा पूल आंध्र प्रदेश को ऑटोमोबाइल उद्योगों के लिए मनपसंद जगह बना देते हैं। 100 से भी अधिक ऑटोमोटिव संघटक विनिर्माता कंपनियां राज्य में हैं जिनमें प्रथम टायर आपूर्तिकार शामिल हैं। वे प्रिसीजन एल्युमिनियम कास्टिंग, उच्च दाब वाली डाई कास्टिंग, फोर्जिंग, मशीन के संघटक, दाबित धातु संघटक, गेयर, पिस्टन, लीफ स्प्रिंग, फ्रन्ट एक्सेल, ब्रेक लाइनर, सिलेण्डर लाइनर, कवर, ईंधन फिल्टर, नोज़ल्स, डिलीवरी वॉल्व, स्टार्टर मोटर्स, आल्टरनेटर्स, ग्रे आयरन, तेल और स्नेहक, डीजल ईंधन इंजेक्शन उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स। इलेक्ट्रॉनिक रेग्युलेटर सीएडी/सीएएम आदि में विशेषज्ञता हासिल करते हैं।
औषधि तथा भेषज
प्रशिक्षित और कुशल जनशक्ति की उपलब्धता के कारण, अच्छी मूल संरचना एवं अनुसंधान और विकास सुविधाओं के चलते राज्य देश में भेषज उद्योग के विकास का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। हैदराबाद, जिसका योगदान भारत के थोक औषध उत्पादन की एक तिहाई है जो देश की औषध राजधानी माना जाता है। बड़ी संख्या में बड़े औषध यूनिट राज्य में और आस-पास स्थित हैं। सरकार ने भी निजी क्षेत्रक की भागीदारी से विशाखापट्टनम के पास फार्मा सिटी खोलने का निर्णय लिया है।
खान और खनिज पदार्थ
आंध्र प्रदेश में भारत में दूसरा सबसे बड़ा खनिज संसाधनों का भंडार है। इनमें कोयला का विशाल भंडार चूना पत्थर स्लैब्स तेल और प्राकृतिक गैस, मैंग्नीज, एस्बेस्टस, लौह अयस्क, बॉल क्ले, फायर क्ले, सोना, हीरा, ग्रेफाइट, डोलोमाइट क्वार्ट्ज , टंगस्टन, स्टीटाइटिक, फेल्डस्पार, सिलिका, आदि शामिल हैं। इन खनिजों के विस्तृत क्षेत्र का उपयोग उर्वरक, मृत्तिका, रिफैक्टरीज़ एब्रेसीव, शीशा, फाउण्ड्री, तेल कूप खुदाई, फिल्टर और पिगमेंट में होता है और राज्य में सिगरैनी कोयला खान समस्त दक्षिण भारत को कोयले की आपूर्ति करता है। राज्य सरकार अपनी परिकल्पना 2020 दस्तावेज़ में खान और खनिज क्षेत्रक को उद्योग और मूल संरचना के समग्र विकास के लिए विकास इंजन माना है। इसके अतिरिक्त राज्य के पास दोहन न किए गए और दोहन किए जा रहे खनिजों की अपार क्षमता है। यह खान और खनिज परियोजनाओं के लिए निवेश और विकास के असंख्य अवसर मुहैया कराता है।
पर्यटन
आंध्र प्रदेश वास्तव में सौंदर्य और अवसर की भूमि है। यह अपनी सभी गौरव में भारतीय संस्कृति और धरोहर को प्रातिनिधित्व करता है। यह अपने मोती, चूड़ी बाजार और विशिष्ट बिरयानी के लिए विश्व प्रसिद्ध है। समुद्र तट, पहाड़ी, वन्य जीवन और जंगल, किले ऐतिहासिक स्मारक, बौद्ध स्थल राष्ट्रीय उद्यान और पक्षी विहार राज्य के मुख्य आकर्षण हैं। इसमें बहुत से पवित्र मंदिर है जिनकी वास्तुकला सुंदर है। पर्यटक आकर्षण की मुख्य जगहें हैं :- चारमीनार, सालारजंग संग्रहालय, हैदराबाद में गोलकोंडा का किला, हजार स्तंभों का मंदिर और वारंगल में किला, यदागिरीगुटा में लक्ष्मीनरसिंहा मंदिर, नागार्जुनकोंडा में बौद्ध स्तूप और नागार्जुन सागर, तिरूमाल तिरूपति में श्री वेंकटेश्वर मंदिर, श्री सैलम में श्री मलिकार्जुन स्वामी मंदिर, विजयवाड़ा में कनक दुर्गा मंदिर, अन्नावरम में श्री सतनारायण स्वामी मंदिर, सिम्हाचलम में वरहा नरसिंहा स्वामी मंदिर, भद्राचलम में श्री सीता राम मंदिर, अरकू घाटी, हॉर्सली हिल्स, मेलापुट आदि। इसके अलावा भगवान बुद्ध की 60 फीट की मूर्ति हुसैन सागर झील के जिब्राल्टर चट्टान पर खड़ी की गई हैं, जो हैदराबाद और सिकंदराबाद शहरों को अलग करता है।
परियोजना की रूपरेखा
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