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Investment Opportunities and Incentives
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Investment Opportunities and Incentives राष्‍ट्रीय स्‍तर का निवेश
Investment Opportunities and Incentives राज्‍य स्‍तरीय निवेश
   
 
Investment Opportunities and Incentives
नागालैण्‍ड:
निवेश के अवसर
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नागालैंड देश में निवेश का अधिकाधिक लोकप्रिय क्षेत्र बन गया है। यहाँ उर्वरा मृदा है, प्रचुर वर्षा है, स्‍वास्‍थ्‍यकर जलवायु है, बड़ी संख्‍या में पादप और प्राणी जातियाँ हैं, और रोपण के लिए खाली ज़मीन भी उपलब्‍ध है। फलस्‍वरूप, विभिन्‍न प्रकार के कृषि उत्‍पाद तैयार करने के लिए अनुकुल परिस्थितियाँ बन गई हैं। और फिर, नागालैंड के कृषि तथा संबंधित क्षेत्र अनेक उद्योगों के विकास के लिए उत्तम सामग्री उपलब्‍ध कराते हैं यथा पुष्‍प कृषि; उद्यान कृषि; रबड़ रोपण; चाय की खेती तथा संसाधन; बाँस प्ररोह संरक्षण; खुमी की खेती तथा संसाधन; मुर्गी पालन; आदि। राज्‍य के सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग में भी बहुत संभाव्‍यता है। इसके अतिरिक्‍त नागालैंड का समृद्ध वन आधार और प्राकृतिक सौदर्य इसे एक आदर्श पर्यटक क्षेत्र बनाते हैं। 

कृषि

नागालैंड मूलत: कृषि का क्षेत्र है। इसकी आबादी का लगभग 70 प्रतिशत कृषि पर निर्भर करता है। राज्‍य में कृषि का योगदान बहुत महत्त्‍वपूर्ण है। प्रमुख आहार चावल है। यह खेती के अंतर्गत कुल क्षेत्रफल के लगभग 70 प्रतिशत पर उगाया जाता है और राज्‍य के कुल खाद्य उत्‍पादन का लगभग 75 प्रतिशत होता है। अन्‍य मुख्‍य फ़सलें मक्‍का, गेहूँ, मिल्‍लेट, चना, सरसों, कपास, पटसन, ईख, चाय, रबर आदि हैं। ज़मीन के प्रयोग का सामान्‍य स्‍वरूप काटों और जलाओ है जिसे यहाँ पर झूम कहते हैं। झूम खेती के अंतर्गत क्षेत्रफल लगभग 1,01,400 हेक्‍टर है। ज़मीन के कुल 16,57,587 हेक्‍टर क्षेत्रफल में से लगभग 8,35,436 हेक्‍टर क्षेत्रफल वनाच्‍छादित है। नागालैंड वन उत्‍पादों में समृद्ध है यथा टिंबर, बेंत तथा बाँस, वनस्‍पतिजात और प्राणिजात इसके अतिरिक्‍त, सिंचाई के अंतर्गत कुल क्षेत्रफल 93,231.43 हेक्‍टर है।

बाग़बानी को राज्‍य में खेती का सबसे उपयुक्‍त उद्यम माना जाता है। राज्‍य की ऊँचाई 100 मीटर से लेकर राज्‍य के भीतरी भारा में 3,840 मीटर तक है, जिससे उष्‍णकटिबंधीय तथा उपोषण-कटिबंधीय फल और सब्जियाँ अदरक, लहसुन, लाल मिर्च, टमाटर, आलू, पत्ता गोभी आदि हैं और मुख्‍य फल केला, अनन्‍नास, बुखारा, शकरकंदी आदि हैं।

पुष्‍प कृषि को राज्‍य में एक लाभकर उद्योग के रूप में अपनाया जा सकता है। राज्‍य में उपलब्‍ध ऑर्किड की विभिन्‍न किसमों का निर्यात करके मूल्‍यवान विदेशी मुद्रा कमाई जा सकती है। नागालैंड में ऑर्किड की अनेक जातियाँ उपलब्‍ध हैं जिनकी वाणिज्यिक संभाव्‍यता बहुत अधिक है। टिशू के माध्‍यम से ऑर्किड की विदेशी तथा नई किसमें उगाने की गुंजायश है। गुवाहाटी को अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डा घोषति कर दिए जाने से राज्‍य से कटे हुए फूलों का भी निर्यात किया जा सकता है। राज्‍य के पहाड़ी इलाकों में अनेक औषधीय जड़ी बूटियाँ तथा पौधे प्रचुरता से उपलब्‍ध हैं।

इसके अतिरिक्‍त कृषि जलवायु परिस्थितियाँ राज्‍य में रेशम उत्‍पादन के लिए बहुत उपयुक्‍त हैं। राज्‍य में रेशम के कीड़ों की जो चार मुख्‍य किसमें पाली जाती है, वे हैं एरी, मल्‍बरी, ओक टसर तथा मूगा। इस क्षेत्र के प्रोत्‍साहन के लिए राज्‍य में रेशम प्रदर्शन फ़ार्म और कताई यूनिट स्‍थापित किए गए हैं।

खनिज आधारित उद्योग

नागालैंड खनिज संसाधनों में समृ‍द्ध है। राज्‍य भूविज्ञान एवं खनन विभाग द्वारा और अन्‍य केंद्रीय एजेंसियों यथा भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, तेल और प्राकृतिक गैस निगम लि. आदि द्वारा भी किए गए अन्‍वेषण ने अनेक खनिज भंडारों की पुष्टि की है। इनमें से कुछ हैं: पट्रोलियम और प्रा‍कृतिक गैस; कोयला; उच्‍च ग्रेड का चूना पत्‍थर; निकल-कोबाल्‍ट-क्रोमियम धारक मैग्‍नेटाइट अयस्‍क; मार्बल और दिशिक/सजावटी पत्‍थर; बैसाल्‍ट; ड्यूनाईट; ग्रैनोडियोराइट; सर्पेन्‍टाईन; क्‍वार्टजाइट आदि। अन्‍वेषण की गति को तेज़ करने की बहुत ज़रूरत है विशेषत: हाइड्रोकार्बन भंडारों तथा घात्विक भंडारों की उप्रयुक्‍त संभाव्‍यता के लिए/इसके लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी का और घरेलू तथा विदेशी निवेशकों से अपेक्षित निधि का प्रयोग करना होगा। और पूर्वी नागालैंड में उच्‍च रासायनिक ग्रेड के चूना पत्‍थर के 1000 मिलियन टन से अधिक के विशाल भंडार खनिज संसाधन आधारित उद्योग स्‍थापित करने के लिए एक बड़ी संभावना हैं।

हथकरघा और हस्‍तशिल्‍प

प्रचुर मात्रा में कुशल श्रमिकों तथा कच्‍ची सामग्री की उपलब्‍धता के कारण और यहाँ के लोगों की समृद्ध सांस्‍कृतिक परंपराओं के कारण भी, नागालैंड में हस्‍तशिल्‍प और हथकरघा क्षेत्र के विकास की बहुत संभाव्‍यता है। ये महत्त्‍वपूर्ण कुटीर उद्योग हैं, जिनका प्रबंध मुख्‍यत: सहकारी समितियों द्वारा किया जा सकता है। दीमापुर में नागालैंड हथकरघा और हस्‍तशिल्‍प विकास निगम लि. राज्‍य का अपना निगम है जो राज्‍य में हथप्रवर्धन और विपणन के लिए उत्तरदायी है। नागा जन्‍मजात कुशल लोग होते हैं और उनके हस्‍तशिल्‍प तथा हथकरघा उत्‍पाद सौंदर्य और काम की बारीकियों और विदेशी बाज़ारों में बहुत सराहना की जाती है और भारी माँग है। नागाओं की नैसर्गिक कुशलताएँ टोकरी बनाने, मिट्टी के बर्तन बनाने, खेती, कताई व बुनाई, नक्‍काशी, घातुकर्म की रँगाई आदि में पाई जाती है। नागाओं द्वारा बुनी गई रंगबिरंगी शालें, थैले तथा जैकेटें अत्‍यंत लोकप्रिय हैं। बुनाई के लिए आम तौर पर 'बैकस्‍ट्रैप' या लायन खड्डी का प्रयोग किया जाता है। नागा लकड़ी की नक्‍काशी में सिद्धहस्‍त होते हैं और अपनी इस कला के लिए सारे संसार में प्रसिद्ध हैं। क्‍योंकि बेंत तथा बाँस राज्‍य के जंगलों तथा पहाडों में प्रचुरता से उगते हैं और सुलभ हैं, अत: नागा टोकरियाँ बनाने में कुशल हो गए हैं। राज्‍य के लगभग हर गाँव में टोकरियाँ बनाने का काम होता है। टोकरियों के अलावा राज्‍य के कारीगारों ने फ़र्नीचर और कई प्रकार के सजावटी पदार्थ बनाने का काम भी शुरू कर दिया है।

पर्यटन

नागालैंड को कई बार ''पूर्व का स्विट्ज़रलैंड'' कहा जाता है। यहाँ अत्‍यंत मनोरम भूदृश्‍य है, लहलहाते हरे वन हैं और सदाबहारी गहरी घाटियाँ हैं। यहाँ वर्ष भर स्‍वास्‍थ्‍यकर मौसम रहता है जो यात्रा तथा जोखिम की गतिविधियों के लिए सही परिवेश उपलब्‍ध कराता है। हर प्रकार के पर्यटकों के लिए सही मूल संरचना तैयार करने के उद्देश्‍य से सरकार मनोरंजन पार्कों, रज्‍जुमार्गों, बड़े रिज़ार्टों और होटलों के विकास में लगी हुई है। और प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट (आरएपी) में ढील देकर राज्‍य के अंतररार्ष्‍टीय पर्यटकों के लिए खोल दिए जाने से हर वर्ष अनेक विदेशी और घरेलू पर्यटक नागालैंड आने लगे हैं। नागालैंड को ठीक ही 'उत्‍सवों की भूमि' कहा जाता है और यहाँ पर्यटन के लिए असीम संभाव्‍यताएँ हैं। पर्यटन विभाग द्वारा शुरू किया गया हार्नबिल उत्‍सव एक वार्षिक आयोजन है जो दिसंबर के पहले सप्‍ताह में मनाया जाता है। इसे नागालैंड की सभी जनजातियाँ एक साथ मिलकर मनाती हैं। वे अपने बर्तनों, खाद्य पदार्थो तथा दस्‍तकारी का प्रदर्शन करती हैं और बेचाती हैं। तीन पारंपरिक उत्‍सवों की पहचान दर्शनीय उत्‍सवों के रूप में की गई है। ये हैं: कोहिमा जिले में ताउफेमा में सेक्रेन्‍यी (26-27 फ़रवरी), लोगलेंग उप-मंडल में पोंगो में मोन्‍यू (1-3 अप्रैल) और मोकोकचुंग जिले में चुचुयिमलांग में मोआत्‍यू (1-3 मई) । राज्‍य में पर्यटकों की रूचि के मुख्‍य स्‍थल है: दीमापुर, किफायर, कोहिमा, लोंग लेंग, मोकोकचुंग, मोन, पेरेन, फेक, तुएनसांग, वोखा और जुन्‍हेबोतो।

परियोजना प्रोफ़ाइल

^ ऊपर

नागालैंड औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (एनआईडीसी)
नागालैंड का कृषि विभाग
नागालैंड का बाग़बानी विभाग
नागालैंड का रेशम उत्‍पादन विभाग
नागालैंड का पर्यटन विभाग
नागालैंड का सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
 
 
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