त्रिपुरा का वातावरण निवेशकों के लिए अनुकूल हैं। सरकार राज्य में निवेशों का स्वागत करती है, घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों से/सरकार की सभी अपेक्षित अनुमतियों में सुविधा के लिए निवेशकों को एक ही स्थान पर सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से त्रिपुरा औद्योगिक विकास एजेंसी (टीडा) की स्थापना की गई हैं।
प्राकृतिक गैस
त्रिपुरा में नॉन-एसोसिएट रूप में प्राकृतिक गैस के व्यापक भंडार हैं। गैस उत्तम किस्म की है जिसमें मीथेन की मात्रा बहुत अधिक है, 97 % तक। रियायती दाम पर बढिया किस्म की प्राकृतिक गैस की उपलब्धता भावी निवेशकों को प्रचुर अवसर पेश करती है कि वे कच्ची सामग्री के रूप में प्राकृतिक गैस का प्रयोग करके गैस-आधारित औद्योगिक यूनिट स्थापित कर सकें यथा यूरिआ, मेथेनोल, पीवीसी तथा अन्य उत्पाद। इसके अतिरिक्त, विभिन्न ऊर्जा के सस्ते स्रोत के रूप में भी प्राकृतिक गैस का उपयोग किया जा सकता हैं।
खाद्य संसाधन
राज्य सरकार ने खाद्य संसाधन की पहचान एक मुख्य क्षेत्र के रूप में की है। राज्य में खाद्य संसाधन यूनिट स्थापित करने की बहुत संभाव्यता हैं। त्रिपुरा में कृषि-जलवायु की परिस्थितियाँ विभिन्न प्रकार की उद्यान कृषि की फसलों के उत्पादन के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं। त्रिपुरा की अनान्नास की ''क्वीन'' और ''क्यू'' किस्में, जंपुई संतरे, लीची तथा काजू देश भर में प्रसिद्ध हैं। ये उत्पाद अधिकांशत: ऑर्गेनिक स्वरूप के हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी))
त्रिपुरा को उत्तर पूर्व में आईटी का दूसरा सर्वोत्तम स्थान माना गया है। राज्य द्वारा आईटी क्षेत्र (आईटी समर्थित सेवाओं सहित) की पहचान एक प्रमुख भावी विकास वाले क्षेत्र के रूप में की गई है1 राज्य की साक्षरता की उच्च दर इस क्षेत्र के विकास के लिए अतिरिक्त लाभ उपलब्ध कराती हैं। आईटी उद्योग एक ज्ञान आधारित उद्योग है, अत: शिक्षित मानव संसाधन राज्य का सबसे आशाजनक संसाधन है। इसमें स्कूलों तथा कालेजों का एक उत्तम नेटवर्क भी हैं जो सारे राज्य में फैला हुआ हैं। उसमें एक इंजीनियरी कालेज, एक पॉलिटेक्निक और चार आईआईटी भी हैं। राज्य सरकार ने भी इस उद्योग को विशेष दर्जा दिया है और नए प्रोत्साहन पैकेज में आईटी उद्योग के लिए विशेष प्रोत्साहन घोषित किए गए हैं।
पर्यटन
त्रिपुरा पर्यटन के लिए एक आकर्षक स्थान हैं। राज्य की एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत हैं। अनेक ऐतिहासिक हिंदू और बौद्ध स्थल हैं। राज्य में वनस्पतियों और प्राणियों की भी बहुत विविधता पाई जाती हैं। उत्तरपूर्व के सभी राज्यों को शामिल करके पर्यटक सर्किट बनाने की भी बहुत संभावना हैं। त्रिपुरा में, पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से होटलों को उद्योग माना गया हैं। अत: अन्य औद्योगिक यूनिटों को मिलने वाले सभी प्रोत्साहन होटल स्थापित करने के लिए भी उपलब्ध होते हैं।
हस्तशिल्प
अनादि काल से त्रिपुरा ने हस्तशिल्प के क्षेत्र में अपना नाम बनाया हुआ है। प्रतिभाशाली कारीगर बेंत, बांस तथा लकड़ी जैसी साधारण सामग्री से शिल्प की आश्चर्यजनक वस्तुएँ बनाते हैं। त्रिपुरा की विलक्षण स्थलाकृति और उदार प्रकृति ने त्रिपुरा के आनुवंशिक कारीगरों को सर्वोत्तम प्रतिभाएँ उपलब्ध कराई हैं। विभिन्न जातीय समूहों द्वारा बांस तथा बेंत का प्रयोग करके उत्कृष्ट कोटि के सारे देश में खूब नाम और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में उद्योग के विकास की विपुल संभाव्यता को देखते हुए राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू की हैं। सरकार इस क्षेत्र में निजी उद्यम का भी स्वागत करती हैं।
परियोजना प्रोफ़ाइल
-
उद्योग और वाणिज्य विभाग की निविदाएं
-
त्रिपुरा सरकार की निविदाएं
^ ऊपर