आंध्र प्रदेश की सरकार ने समय-समय पर अनेक नीतियां बनाई है ताकि राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा सके। नीतिगत दस्तावेज में निवेशकों के लिए, विभिन्न प्रोत्साहन और योजनाएं शामिल है। उनका मुख्य लक्ष्य रोजगार के अवसरों का सृजन करना, जनता के समग्र जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना, और उनके लिए मूल संरचनात्मक सुविधाएं मुहैया करना है। वे राज्य के औद्योगिक महौल को बढ़ाने के लिए कार्य योजना को उजागर करते हैं और अर्थव्यवस्था में पूंजी अंतर्वाह को सुकर बनाते है।
इनमें से मुख्य औद्योगिक नीति है जिनका निर्माण प्रदान किए जाने वाले प्रोत्साहनों के विभिन्न संघटकों, गुणवत्ता विद्युत की आपूर्ति, विकसित मूल संरचनात्मक सुविधाओं का स्पष्ट उल्लेख करते हुए औद्योगिक विकास बढ़ाने की दृष्टि से किया गया है। नीति का लक्ष्य मौजूदा बाधाओं को दूर करना और विघ्न मुक्त निवेश माहौल तैयार करना है। नीति के उद्देश्य हैं :-
- आंध्र प्रदेश को औद्योगिक निवेश के लिए आकर्षक जगह के रूप में संवर्धित करना;
- स्थानीय रूप से पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध संसाधनों का मूल्यवर्धन सुनिश्चित करने के लिए समर्थकारी माहौल बनाना;
- निवेशकों की आवश्यकता से ताल-मेल बनाने के लिए राज्य की जनता का जीवन स्तर सुधारना;
- उपयुक्त उद्यमी नेतृत्व, प्रबंधन और मानव संसाधन विकास प्रणाली विकसित करना;
- आर्थिक विकास में क्षेत्रीय विसंगति दूर करना;
- मूल संरचना सुविधाओं में सुधार लाना;
- नए छोटे और लघु उद्योगों की स्थापना प्रोत्साहित करना विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में;
- रोजगार के अवसरों का सृजन करना;
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करना प्रौद्योगिकी उन्नयन और बौद्धिक संपत्ति अधिकार की रक्षा करने द्वारा गुणवत्ता प्रतिस्पर्धा पर विशेष बल देना;
- फार्मों का प्रवेश और प्रचालन के लिए प्रभावी विनियामक प्रक्रम विकसित करना;
- निजी क्षेत्र को विकास का मुख्य इंजन बनाते हुए बाजार अभिप्रेरित माहौल का सृजन करना;
- रुग्ण उद्योग यूनिटों का पुनगर्ठन और समेकन करना।
दूसरी महत्वपूर्ण नीति सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) नीति, है; जिसको सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) में निवेश के लिए राज्य को अग्रणी स्थान दिलाना और सूचना अर्थव्यवस्था में मुख्य स्थान बनाना। नीति का लक्ष्य राज्य को ज्ञान समाज में परिवर्तित करना और सूचना प्रौद्योगिकी के लाभों को सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध करना है। यह इन्फो अवस्था सरकार (नेटवर्क, तेज, खुर्ला, जिम्मेदार वैश्विक रूप से बैंचमार्क युक्त और सक्षम सहित) की प्राप्ति के लिए आईसीटी को बढ़ाता है। नीति के लक्ष्य हैं :-
- जनता केंद्रित, समाविष्ट और विकासोन्मुखी सूचना समाज का निर्माण करना;
- व्यक्तियों और समुदायों को स्थायी विकास करने और अपने जीवन स्तर सुधारने में अपनी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए समर्थ बनाना;
- अंकीय विभाजन को समाप्त करना;
- स्थानीय उद्यम का विकास करके (व्यापार संगठन) और स्तरीय आईसीटी कंपनियों और संस्थाओं को आकर्षित करके सूचना अर्थव्यवस्था में नेतृत्व हासिल करना;
- मानव संसाधन और मूल संरचनात्मक आधार विकसित करना;
- राज्य के भीतर मौजूदा आईसीटी कंपनियों को सेवा पश्च देखभाल प्रदान करना;
- राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए उचित माहौल सृजित करना
इसके अतिरिक्त जैव-प्रौद्योगिकी नीति, है जिसका लक्ष्य राज्य में जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्रक का विकास करना है। इसका जैव प्रौद्योगिकी के त्वरित वाणिज्यिकरण के लिए राज्य की मौजूदा शक्ति को बढ़ाने का लक्ष्य हैं ताकि व्यापक क्षेत्रों में नवपरिवर्तनात्मक जैव प्रौद्योगिकी उत्पाद और सेवाओं का उत्पादन किया जा सके। नीति के लक्ष्य हैं :-
- विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों और निजी एजेंसियों की सहायता से राज्य में जैव-संसाधनों की वस्तुसूची विस्तृत रूप से बनाना;
- जैव विविधता का संरक्षण और जैव संसाधनों का स्थायी दोहन संवर्धित करना;
- जैव प्रौद्योगिकी और संबद्ध क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास प्रोत्साहित करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना;
- राज्य के विभिन्न भागों में विशेषीकृत जैव प्रौद्योगिकी पार्क की स्थापना करने द्वारा विनिर्माण के लिए अपेक्षित सहायता सेवाओं के साथ उच्च गुणवत्ता की मूल सरंचना विकसित करना;
- जैव प्रौद्योगिकी उद्योग और संबद्ध क्षेत्रकों को विशेष प्रोत्साहन देना;
- क्षेत्र में मानव संसाधन विकास पर ध्यान केंद्रित करना;
- जैव प्रौद्योगिकी उद्योग के विकास के लिए समर्थकारी परिवेश का सृजन करना, विशेष रूप से स्वीकृति प्राप्त करने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण, नए जैव प्रौद्योगिकी उत्पादों के वाणिज्यीकरण के लिए और औषधि अनुसंधान के लिए पशु प्रयोगशाला के उपयोग के लिए ;
- जैव सूचना विज्ञान का विकास करना, अर्थत जैव प्रौद्योगिकी के विकास के लिए राज्य की मौजूदा क्षमता जो सूचना प्रौद्योगिकी के लिए है, उसे बढ़ाना ;
- जैव प्रौद्योगिकी कंपनियों में उद्यम पूंजी निधि और बैंक क्रेडिट का अंतर्वाह सुकर बनाना।
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