मणिपुर सरकार ने राज्य में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है और इस प्रकार अर्थव्यवस्था में कई योगदान दिए जा रहे है। इन नीतिगत दस्तावेज़ों में निवेशकों के लिए कई प्रोत्साहन और योजनाएं है। निवेश में विकास लाने व आने वाली विभिन्न रुकावटों को दूर करने के लिए इन नीतियों का निर्माण किया गया है, ताकि राज्य में व्यापार का उचित माहौल बन सके तथा राज्य को औद्योगिक आबोहवा मिल सके और यहां व्यापार का उचित माहौल बन सके।
इन नीतियों में जो सर्वाधिक महत्वपूर्ण नीति हैं वह मणिपुर की औद्योगिक नीति है। इसका मकसद राज्य में निवेशकों के लिए उपयुक्त माहौल बनाकर आधारभूत व संस्थागत सहयोग देकर साथ ही आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज देकर और संसाधनों के अधिकतम उपयोग से राज्य के औद्योगिक विकास में तेजी लाना व अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि लाना है:-
- स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना
- उच्च गुणवत्ता युक्त मूलभूत सुविधाएं हासिल कराना
- निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रिया संबंधी गतिरोध को दूर करना
- निर्यात आधारित उद्योग को बढ़ावा देना जिससे पड़ोसी देशों के उभरते बाजार के अवसरों को उपयोग में लाया जा सके।
- औद्योगिक उत्पादों के लिए विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराना
- राज्य में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देना
- राज्य के बीमार उद्योगों की पुर्नस्थापना एवं पुर्नवास
- अग्रगामी और पश्चगामी सह संबंधों को बढ़ावा देकर खाद्य संस्करण उद्योग का विकास
- त्वरित तकनीकी विकास कर उत्पादों प्रक्रम की कीमत में वृद्धि
मणिपुर सरकार ने राज्य को सूचना प्रौद्योगिकी आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में बदलने के लिए एक व्यापक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नीति बनाई है। इस नीति का उद्देश्य निम्नलिखित है :-
- सूचना प्रौद्योगिकी नीति को लागू करने व निगरानी करने के लिए संस्थागत ढांचा का निर्माण
- प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता एवं स्तर को बढ़ावा देने के लिए ई-शासन का प्रयोग और नागरिकों के निमित्त, दक्ष व प्रभावी सरकार देना।
- आईटी उद्योग में निवेश व विकास को बढ़ावा देना साथ ही आईटी से संबंधित आधारभूत संसाधनों व सेवाओं में निजी क्षेत्र को पहल के लिए प्रोत्साहित करना।
- राज्य में अनुकूल आधारभूत संसाधन उपलब्ध कराना जिससे आईटी उद्योग फल-फूल सकें।
- राज्य में आईटी साक्षरता व शिक्षा को निचले स्तर तक ले जाने के लिए प्रोत्साहित करना।
- शिक्षित युवकों के लिए आईटी से संबंधित रोजगार के अवसर तैयार करना और
- लोगों की आय अर्जित करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए आईटी का उपयोग।
इन सबके अलावा राज्य सरकार द्वारा एक पर्यटक नीति बनाई गई है जिससे राज्य को पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके और क्षेत्र में निवेश को आकर्षित किया जा सके। इस नीति के निम्नलिखित उद्देश्य हैं :-
- राज्य में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना।
- बाहरी निवेश आकर्षित करने के लिए व्यावसायिक (बिज़नेस) का माहौल तैयार करना।
- राज्य की अतिथि सत्कार के रूप में विश्व में पहचान बनाना व इसे देश की सर्वोकृष्ट पर्यटन केंद्रों में से एक बनाना है।
- परंपरागत शिल्पकारों, बुनकरों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करना।
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