भारत के विशाल प्राय:द्वीप (दक्षिण भारत) के केंद्र में अवस्थित कर्नाटक का कुल क्षेत्रफल 1,91,791 वर्ग कि.मी. है। यह देश में 8वां सबसे बड़ा राज्य है। यह उत्तरी अक्षांश पर 11 डिग्री 31’ से 18 डिग्री 14’ तक और पूर्वी देशांतर पर 74 डिग्री 12’ से 78 डिग्री 10’ के मध्य में अवस्थित है। इसकी तटरेखा 320 कि.मी. लम्बी है जिसमें कई समुद्री तट हैं। कर्नाटक की पूरे विश्व में आम पहचान इसके कर्नाटक संगीत के कारण है। इसकी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं ने पुश्तों से कला प्रेमियों और दार्शनिकों को प्रेरित किया है।
कर्नाटक भारत का सूचना प्रौद्यागिकी (आई.टी.) का ऊर्जा केन्द्र (पावर हाउस) बन गया है। सूचना प्रौद्यागिकी की अधिकांश गतिविधियां इसकी राजधानी बेंगलोर (बंगलुरू) से संचालित होती हैं। राज्य में बहुत बड़ी संख्या में साफ्टवेयर कंपनियां हैं जो प्रत्येक वर्ष सैंकड़ों आई.टी. पेशेवरों को रोजगार प्रदान करती हैं। बेंगलोर विभिन्न जातियों और संस्कृतियों की सच्ची कुठाली (मेल्टिंग पाट) है। बागों के इस नगर में, सुव्यवस्थित उपवन, बाग-बगीचे, हरे-भरे पेड़ों वाली लम्बी वीथिकाएं हैं और है स्वास्थ्यवर्धक जलवायु। यह विश्व के अग्रणी नगरों के समतुल्य जीवन शैली उपलब्ध कराता है और यह खरीदारों के लिए वास्तव में स्वर्ग है। यहां अन्य सेक्टरों जैसे इन्जीनियरी, औषधीय, जैव प्रौद्योगिकी(बायो टेक्नोलाजी), खाद्य संस्करण (फूड प्रोसेसिंग), परिधान, इलेक्ट्रॉनिक्स और आटोमोबाइल्स के क्षेत्र की सर्वोच्च कंपनियां भी हैं। इसी कारण, यह भारत का विज्ञान नगर कहलाता है।
कर्नाटक भारत के कृषि और बागवानी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और यहां विभिन्न प्रकार के अन्न और नगदी फसलें उगाई जाती हैं। इसकी प्राकृतिक सुंदरता इसे पर्यटकों के आकर्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु बनाती है। राज्य की निम्नांकित लाभदायक विशिष्टताओं के कारण यह औद्योगिक महानगर भी बन गया है:-
- सकारात्मक और सहयोग प्रदान करने वाला प्रशासनिक ढांचा ;
- निवेश के लिए सरलीकृत प्रक्रिया ;
- भूमि, गुणवत्ता युक्त ऊर्जा और जल की उपलब्धता ;
- कानून और व्यवस्था की उत्तम स्थिति ;
- सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध ;
- उत्तम परिवहन नेटवर्क और विश्व भर के साथ संयोजन ;
- देशभर की तुलना में बढिया दूर संचार आधारभूत संरचना ;
- सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रोनिक्स और भारी मशीनरी क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियों की उपस्थिति ;
- श्रेष्ठ सामाजिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य सुविधाएं ;
- विश्व स्तरीय तकनीकी मानव शक्ति की उपलब्धता ;
- विश्व स्तरीय शिक्षण संस्थापनों और अनुसंधान एवं विकास केंद्रों का केंद्र स्थल ;
- भारत में तेजी से बढ़ रहे और बड़े बाजारों में से एक ; इत्यादि।
उपर्युक्त के कारण, कर्नाटक विश्व भर के निवेशकों के लिए पहली पसंद बनता जा रहा है। इसे देश की प्रौद्योगिकी राजधानी माना जाता है। राज्य में कई बड़ी और छोटी कंपनियां विद्यमान हैं, जो अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में व्यवसाय के कई अवसर उपलब्ध कराती हैं।