मेघालय को जब 1972 में पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया गया तब यह भारत का 21वां राज्य बना। खासी, गारो, जयन्तिया व अन्य अल्पज्ञात जनजातियों का निवास स्थल, मेघालय में मातृवंशिता की अनोखी व्यवस्था है। मेघालय देश के अति सुंदर प्रदेशों में से एक है। प्रकृति ने इसे पर्याप्त वर्षा, धूप, अछूते जंगल, ऊंचे पठार, गिरते हुए जल प्रपात, पारदर्शी नदियां, टेढ़े-मेड़े बहते नाले और इन सबसे अलग हटकर तगड़े, कुशाग्र व मिलनसार लोग प्रदान किए हैं। यहां भरपूर मात्रा में प्राकृतिक संसाधनों, जैसे कोयला, यूरेनियम हैं तथा यह अकेला ऐसा राज्य है जहां अतिरिक्त विद्युत उत्पादन होता है। यह अपनी पर्यटन संभावनों के लिए भी प्रसिद्ध है। इसकी जलवायु न केवल पर्यटक व स्वास्थ्य सैरगाह विकसित करने के , वरन् वड़ी संख्या में बागवानी फसलें, जैसे फल, मसाले और मशरूप उत्पादन के भी अनुकूल है। निम्नलिखित के कारण यह अनेक राज्यों की तुलना में लाभदायक स्थिति में है :-
- प्राकृतिक संसाधनों का भंडार घर;
- कुशल, अर्द्धकुशल और अकुशल लेबर का पर्याप्त बड़ा केंद्र;
- निवेश के लिए अनुकूल वातावरण;
- उदारीकृत औद्योगिक नीति के साथ-साथ एकल खिड़की से अनुमति सुविधा;
- पर्याप्त आधारभूत संरचना सुविधाएं;
- अनुकूल विनियामक वातावरण;
- सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध वातावरण; इत्यादि।
सहयोगी वातावरण के होते हुए, अपनी अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आमंत्रित करने के लिए मेघालय सरकार ने बहुत से नीतिगत उपाय किए हैं और प्रोत्साहन दिए हैं।