मिज़ोरम राज्य के नव निर्मित राज्यों में एक है। यहां खड़ी ढ़लान वाली पहाड़ियों की श्रृंखला है, जो छोटी-छोटी घाटियों के कारण एक-दूसरे से अलग है। नदियां, पहाड़ों की चोटियां व झील मिज़ोरम के खजाने है। यहां प्राकृतिक सौंदर्य का खजाना ही है जहां प्राकृतिक छटाएं इतनी हैं कि के खत्म होने का नाम ही नहीं लेती। यहां का पहाड़ी भू-भाग, बहती नदियां, गहरे दर्रे (गहरी घाटियां) के साथ-साथ वनस्पति व फूलों का भरा-पूरा भंडार है। धर्म, संस्कृति व भाषा के मामले में मिजो समाज बारीकी से जुड़ा हुआ है और इन मामलों में वह एक जैसा है जो कि इस समुदाय के विकास को शक्ति प्रदान करता है।
मिज़ोरम 21,087 वर्ग किलोमीटर भू-भाग में फैला है और यह 21.58 डिग्री से लेकर 24.35 डिग्री उत्तरी अक्षांश व 92.15 डिग्री से लेकर से 93.29 डिग्री पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। राज्य की राष्ट्रीय सीमाएं त्रिपुरा, असम व मणिपुर से जुड़ी हुई है। राज्य का सामरिक रूप से पूर्वोत्तर में काफी महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि म्यांमार (पूर्व में) और बांग्लादेश (पश्चिमी) के साथ राज्य की लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा है। दोनों एशियाई देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए यह राज्य को अनोखा एवं प्रत्यक्ष लाभ का अवसर प्रदान करता है।
मिज़ोरम प्रमुख रूप से कृषि प्रधान राज्य है। साक्षरता की दर/प्रतिशत के हिसाब से पूरे देश में इसका दूसरा स्थान है। यहां के लोग मेहनती, सक्रिय और मेहनतकश है, जो राज्य के बहुमूल्य संपत्ति है। इन सबके अलावा यहां बांस, कृषि-बागवानी, पर्यटन व सूचना तकनीक के क्षेत्र में निवेश की कई संभावनाएं है। मिज़ोरम सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने, खास तौर पर उपर्युक्त क्षेत्रों में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए व राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कई नीतियों व प्रोत्साहनों की घोषणा की है।
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