भारत उपमहाद्वीप के उत्तर-पूर्व भाग में स्थित ओडिशा 1,55,707 किलोमीटर में फैला है। यह 17 डिग्री 49 से. उत्तर से 22 डिग्री 34 से. उत्तरी अक्षांश के बीच स्थित है जब कि पूरब में 81 डिग्री 27 से. से लेकर 87 डिग्री 29 से. देशांतर के बीच यह स्थित है। पूरब में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में छत्तीसगढ़ स्थित है, जबकि झारखंड उत्तर में, आंध्र प्रदेश दक्षिण में और उत्तर-पूर्व में पश्चिम बंगाल स्थित है। राज्य को जिन पांच बड़े भू-भागों में बांटा गया है वे हैं - ओडिशा तटीय क्षेत्र पूरब में, बीच में पहाड़ व ऊंचे भू-भाग, केंद्रीय पठार, पश्चिम में ढलान वाले ऊंचे भू-भाग और बाढ़ के प्रमुख मैदान। राज्य में समुद्र तट की लंबाई 500 किलोमीटर है। यहां दुनिया का सबसे सुंदर तट हैं। चिल्का झील, जो काले रंग का लैगून है, वह ओडिशा के तटीय क्षेत्र के दक्षिणी हिस्से में स्थित है। हरियाली से भरे यहां के जंगलों में कई वनस्पतियां एवं जीव जंतु है। मनोरम पहाड़ियों व घाटियों के बीच कई जलप्रपात व नाले हैं जो दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यह लाखों पक्षियों के लिए स्वर्ग के समान है। यहां के जंगलों में मशहूर बंगाल टाइगर भी हैं।
ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत काफी समृद्ध है। यहां प्राकृतिक संसाधनों व खनिजों का विशाल भंडार है जो राज्य के औद्योगिक आधार को बनाने में काफी सहायक हैं। यहां कई छोटे व बड़े मध्यम व छोटे उद्योग है जो मजबूत कॉपोरेट सैक्टर के विकास की नींव प्रदान करते हैं। सार्वजनिक क्षेत्र में जो प्रमुख उद्योग है। वे हैं, सनुरकेला स्थित इस्पात संयंत्र, कोरापुट के पास एल्युमीनियम रिफाइनरी, अंगुल स्थित एल्युमिनियम को पिघलाने वाला संयंत्र इंडियन रेयर अर्थ लिमिटेड जो कि भारी धातु बनाते हैं, की यूनिट, पारादीप स्थित खाद कारखाना व ताल्चर स्थित यूरिया संयंत्र। निजी क्षेत्र में कई बड़े समूह हैं जो कागज़, वाहन, टायर, सिंथेटिक फाइबर, सीमेंट, चीनी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कच्चे एल्यूमीनियम के टुकड़े, स्पांज, आयरन आदि।
विभिन्न विशेषताओं के कारण इसे भारत की आत्मा भी कहा जाता है :-
- सहायक व लचीली प्रशासनिक व्यवस्था
- शिक्षित व कुशल जन शक्ति
- प्राकृतिक संसाधनों का विशाल भंडार
- मजबूत कृषि व औद्योगिक आधार
- मजूबत परिवहन व्यवस्था व संचार तंत्र
- बिजली की उत्कृष्ट आपूर्ति
- निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल
- वनस्पति एवं जीव-जंतु की कई किस्में
- बड़ा उपभोक्ता बाजार आदि।
इन सबके तहत ओडिशा सरकार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई उपाय। प्रयास कर रही है। यहां निवेशक कई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना यहां उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के बाद कर सकते हैं साथ ही वे यहां दिए जाने वाले कई प्रोत्साहनों व योजनाओं के जरिए ऐसा कर सकते हैं।
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