पंजाब राज्य भारत की मुस्कुराती आत्मा है। यह परिश्रमी, ऊर्जावान, उत्साही और साहसी नागरिकों के लिए प्रसिद्ध है। यह राज्य अत्यंत उपजाऊ भूमि वाला है जहां पांच नदियां और पीले खेत हैं। सांस्कृतिक रूप से यह एक समृद्ध राज्य है, जिसे तीन क्षेत्रों में बांटा गया है, नामत: मालवा, माझा और दोआबा। इस ने निष्पादन तथा दृश्य कला के साथ साहित्य में और संगीत, नृत्य, नाटक, कविता, पेंटिंग आदि में एक विशिष्ट स्थान प्राप्त किया है। इससे राज्य की सांस्कृतिक विरासत के प्रति गर्व की भावना उत्पन्न हुई है।
पंजाब का कुल क्षेत्रफल 50,362 किलोमीटर है जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 1.54 प्रतिशत है। पंजाब देश के उत्तर-पश्चिमी कोने में 29’30’’ उत्तर से 32’32’’ उत्तर लेटीट्यूड और 73’55 पूर्व से 76’50 पूर्व लांगीटयूड के बीच स्थित है। यह पश्चिम में पाकिस्तान से जुड़ता है; उत्तर में जम्मू और कश्मीर; उत्तर पूर्व में हिमाचल प्रदेश; और दक्षिण में हरियाणा और राजस्थान से जुड़ता है।
पंजाब में ढेरों अवसर हैं, जो इसकी लाभकारी स्थिति में निहित हैं। इनमें शामिल हैं :-
- सरल और उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था;
- कुशल कामगारों की बहुतायत के साथ शिक्षित और व्यावसायिक कार्य बल;
- सशक्त कृषि एवं औद्योगिक आधार;
- दक्ष मूल संरचनात्मक व्यवस्था के साथ परिवहन, दूर संचार, स्थिर और सस्ती बिजली;
- सुविकसित निर्यात आधार;
- उच्च प्रति व्यक्ति आय के कारण अच्छा उपभोक्ता बाजार प्रदान करना आदि।
पंजाब सरकार ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने के लिए अनेक नीतिगत उपाय और पहलें की हैं। ये सभी मिलकर निवेशक को राज्य में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए एक शांतिपूर्ण और सहजीवी परिवेश भी प्रदान करते हैं। यह कृषि, उद्योग एवं सेवा, शिक्षा, समाज कल्याण और ग्रामीण उन्नयन के क्षेत्र में पंजाब की तीव्र वृद्धि से प्रदर्शित होता है। अत: आज यह सीमा पर स्थित राज्य जीवन की उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ देश का सर्वाधिक समृद्ध हिस्सा है।
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