पूर्वोत्तर भारत में अवस्थित सात राज्यों में से त्रिपुरा एक है यह उत्तरी अक्षांश पर 22 डिग्री और 56 मिनट एवं 24 डिग्री और 32 मिनट तक पूर्वी अक्षांश में 90 डिग्री और 9 मिनट व 92 डिग्री और 20 मिनट में मध्य अवस्थित है। इस की सीमाएँ उत्तर, पश्चिम, दक्षिण व दक्षिण पूर्व में बंगलादेश के साथ लगती हैं तथा पूर्व में इसकी सामान्य सीमाएँ असम व मिजोरम के साथ लगती हैं। अंतरराष्ट्रीय संदर्भ में एक तरफ बंगलादेश होने व दूसरी तरफ दक्षिण पूर्व एशिया होने के कारण त्रिपुरा का स्थान बहुत सामरिक महत्व का हैं।
जनसंख्या की दृष्टि से यह देश के पूर्वोत्तर के राज्यों में दूसरा सबसे बड़ा प्रदेश है। राज्य प्राकृतिक संपदा व शिक्षा के उच्च स्तर के मानव संसाधनों के मामले में समृद्ध है। यहां उच्च मेथेनॉल अंश युक्त प्राकृतिक गैस बड़े भण्डार हैं। यहां गैस आधारित उर्वरक़, मीथेन, पीवीसी सम्पीडित प्राकृतिक गैस (सी. एन. जी.) व इनमें संबधित अन्य परियोजनाएँ लगाने की संभावनाएं विद्यमान है। राज्य में बहुत किस्मों के फलों की फसलें जैसे अन्नानास, संतरा, कटहल, लीची इत्यादि हैं व जो अन्य गुणवत्ता वाली है और खाद्य संसाधन की यूनिटें लगाने की संभावनाएं है।
इन अवसरों के रहते हुए, त्रिपुरा सरकार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए बहुत से उपाय कर रही है। निवेशक राज्य में उपलब्ध विभिन्न संसाधनों के साथ–साथ, प्रोत्साहनों व योजनाओं का इष्टतम प्रयोग करके विभिन्न औ़द्योगिक इकाइयां स्थापित कर सकते हैं।
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