विश्व भर में अर्थव्यवस्थाओं के खुलने से, प्रत्येक देश उदारीकृत निवेश नीतियों के ज़रिए विदेशी पूंजी आकृष्ट करने की कोशिश में लगा है। ऐसी स्थिति में सभी निवेशक निवेशों के लिए ऐसे गन्तव्य ढूंढ रहे है जो उनके निवेशों के लिए सर्वाधिक सुरक्षित, अनुकूल और लाभकर माहौल मुहैया कराते हों। इसलिए अनेक देशों ने द्विपक्षीय निवेश संधियां या करार निष्पादित किए हैं जो न सिर्फ उनके अपने देशों में पूंजीप्रवाहों को प्रोत्साहित करते हैं बल्कि विदेशों में उनके अपने निदेशकों के लिए भी सुरक्षित कारोबारी माहौल प्रदान करते हैं।
द्विपक्षीय निवेश संवर्धन और संरक्षण करार (बिपा) एक ऐसी द्विपक्षीय संधि है जिसे दो देशों (राज्यों) के बीच ऐसे करार के रूप में परिभाषित किया गया है जो किसी भी एक देश (या राज्य) में आधारित कम्पनियों द्वारा एक दूसरे के राज्य क्षेत्र में किए गए निवेश के पारस्परिक प्रोत्साहन, सवंर्धन और संरक्षण के लिए किया गया है। इन करारों का उद्देश्य ऐसी स्थितियां पैदा करना है जो एक देश के लिए निवेशकों द्वारा दूसरे देश के राज्य क्षेत्र में अधिक निवेशों को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल हों। ऐसे करार दोनों देशों के लिए लाभकर होते हैं क्योंकि वे उनकी व्यापारिक पहल को प्रेरित करते हैं और इस तरह उनकी समृद्धि बढ़ती है।
सामान्यतया इन द्विपक्षीय करारों में मोटे तौर पर मानक धारक होते हैं और वे संबंधित देशों में निवेशकों के अधिकारों को प्रवर्तित करने का कानूनी आधार प्रदान करते है। वे निवेशकों को यह आश्वासन देते हैं, कि उनके विदेशी निवेशों को उचित एवं साम्यपूर्ण व्यवहार, पूर्ण एवं निरन्तर कानूनी सुरक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया के ज़रिए विवाद समाधान प्रदान किया जाएगा।
भारत की विदेश निवेश नीति के उदारीकरण के चलते, सरकार ने अनेक देशों के साथ वार्ताएं की और उनके साथ द्विपक्षीय निवेश संवर्धन और संरक्षण करार (बिपा) निष्पादित किए। ऐसा भारत में विदेशी निवेशों को निश्चित निवेश माहौल मुहैया कराने तथा विदेशों में भारतीय निवेशों के सुरक्षा प्रदान करने की दृष्टि से किया गया। भारत सरकार ने अब तक 62 देशों के साथ बिपा पर हस्ताक्षर किए हैं जिनमें से 50 बिपा प्रवृत्त हो चुके हैं और शेष करारों को प्रवृत्त किए जाने की कार्रवाई चल रही है। इसके अलावा, अन्य कई देशों के साथ करारों को अंतिम रूप दिया गया है और/अथवा उनके साथ बातचीत की जा रही है।
भारत द्वारा हस्ताक्षरित द्विपक्षीय निवेश संवर्धन और संरक्षण करारों (बिपा) की मुख्य विशेषताएं निम्नानुसार है:-
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