| बाल श्रम (उन्मूलन और विनियमन) अधिनियम, 1986 चौदह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कारखानों, खानों और खतरनाक कामों में लगाने से रोकने और कुछ अन्य रोज़गारों में उनके काम की स्थितियों को विनियमित करने के लिए अधिनियमित किया गया था। इस अधिनियम के अनुसार, कोई बच्चा अनुसूची के भाग क में निर्धारित व्यवसायों में अथवा ऐसी कार्यशाला में जहां अनुसूची के भाग ख में निर्धारित प्रक्रियाएं चलाई जाती है, लगाया नहीं जाएगा, बशर्ते कि इस अधिनियम का कोई प्रावधान ऐसी कार्यशाला पर लागू नहीं होगा जहां कोई प्रक्रिया उसके स्वामी द्वारा अपने परिवार की मदद से चलाई जा रही हो अथवा ऐसे स्कूल पर जो सरकार द्वारा स्थापित हो या सहायता प्राप्त हो अथवा मान्यता प्राप्त हो। साथ ही केन्द्र सरकार सरकारी राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित करके अधिनियम की अनुसूची में व्यवसायों और प्रक्रियाओं को शामिल करने के प्रयोजनार्थ केन्द्र सरकार को सलाह देने के लिए 'बाल श्रम तकनीकी सलाहकार समिति' गठित कर सकती है।
श्रम मंत्रालय में केंन्द्रीय औद्योगिक संबंध तंत्र (सीआईआरएम) इस अधिनियम को लागू करने के लिए जिम्मेदार है। सीआईआरएम मंत्रालय का सम्बद्ध कार्यालय है और इसे मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) सीएलसी (सी) संगठन के नाम से भी जाना जाता है। सीआईआरएम के प्रमुख आयुक्त (केन्द्रीय) है। इसके अतिरिक्त, मौजूदा विनियमों के कार्यान्वयन की समीक्षा करने और कामकाजी बच्चों के कल्याण हेतु उपायों का सुझाव देने के लिए मंत्रालय के अंतर्गत केन्द्रीय बाल श्रम सलाहकार बोर्ड भी गठित किया गया है।
इस अधिनियम के मुख्य प्रावधान निम्नानुसार है:-
- किसी भी बच्चे को किसी भी स्थापना में, ऐसी स्थापना अथवा ऐसी श्रेणी की स्थापना हेतु निर्धारित घण्टों से अधिक न तो काम करना होगा अथवा न काम करने की अनुमति दी जाएगी। प्रत्येक दिन काम की अवधि इस तरह नियत की जाए कि कोई अवधि तीन घण्टे से अधिक न हो और कोई बच्चा तीन घण्टे से अधिक काम नहीं करेगा एवं इसके बाद उसे कम से कम एक घण्टा आराम करने के लिए समयान्तराल दिया जाएगा।
- किसी भी बच्चे को समयोपरि कार्य नहीं करना होगा और न ही इसकी अनुमति दी जाएगी। किसी भी बच्चे को किसी भी ऐसे दिन ऐसी स्थापना में कार्य नहीं करना होगा या अनुमति नहीं दी जाएगी जिस दिन वह पहले ही किसी स्थापना में कार्य करता रहा हो।
- किसी स्थापना में कार्य कर रहे प्रत्येक बच्चे को हर हफ्ते एक पूरे दिन की छुट्टी दी जाएगी, ऐसा दिन जो नियोक्ता द्वारा स्थापना में स्थायी रूप से सामने दिखाई देने वाले नोटिस पर निर्दिष्ट किया जाए और इस प्रकार निर्दिष्ट छुट्टी के दिन को नियोक्ता द्वारा तीन माह में एक बार से अधिक नहीं बदला जाएगा।
- प्रत्येक नियोक्ता किसी स्थापना में नियोजित या काम करने के लिए अनुमत बच्चों के संबंध में ऐसा रजिस्टर बनाकर रखेगा जो काम के घण्टों के दौरान या कार्य किए जाने के दौरान निरीक्षक द्वारा निरीक्षण किए जाने के लिए उपलब्ध हो और जिसमें यह सूचना दिखाई गई हो : (i) नियोजित या काम करने के लिए अनुमता बच्चे का नाम और जन्म तिथि; (ii) ऐसे प्रत्येक बच्चे के काम के घण्टे और अवधि और विश्राम का समयान्तराल जिसका वह हकदार है; (iii) ऐसे किसी बच्चे का कार्य का स्वरूप; और (iv) यथानिर्धारित अन्य ब्यौरा।
- संबंधित सरकार सरकारी राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित करके ऐसी स्थापना या स्थापनाओं की श्रेणी में नियोजित या काम करने के लिए अनुमत बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए नियम बना सकती है।
- जो व्यक्ति इस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए किसी बच्चे को नियोजित या काम करने की अनुमति देता है, कारावास या जुर्माने या दोनों के दण्ड का भागी होगा।
- कोई भी व्यक्ति, पुलिस अधिकारी या निरीक्षण इस अधिनियम के तहत किए गए अपराध की शिकायत सक्षम न्यायालय में दाखिला कर सकता है। इस अधिनियम के अंतर्गत हुए किसी अपराध की सुनवाई मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट या प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट से अवर न्यायालय नहीं करेगा।
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