रोजगार कार्यालय (रिक्तियों की अनिवार्य अधिसूचना) अधिनियम, 1959 में रिक्तियों की अनिवार्य अधिसूचना और नियोक्ताओं द्वारा रोजगार कार्यालयों को रोजगार विवरणिकाएं (ईआर-I और ईआर-II) प्रस्तुत करने का प्रावधान किया गया है। इस अधिनियम के अनुसार 'रोजगार कार्यालय' का अर्थ है 'सरकार द्वारा स्थापित और पोषित ऐसा कार्यालय या स्थन जो रजिस्टर बनाकर या अन्य रूप में इनके संबंध में सूचना एकत्र करता एवं प्रदान करता है :- (i) ऐसे व्यक्ति जो कर्मचारियों को नियुक्त करना चाहते हैं; (ii) ऐसे व्यक्ति जो रोजगार पाना चाहते हैं; और (iii) रिक्तियां जिन पर रोजगार चाहने वाले व्यक्तियों को नियुक्त किया जा सकता है। ''इस तरह रोजगार कार्यालयों के मुख्यकार्य नौकरी चाहने वालों का पंजीकरण, नियोजन, कैरियर परामर्श और व्यावसायिक मार्गदर्शन तथा रोजगार बाजार संबंधी सूचना एकत्र करना।
यह अधिनियम सरकारी क्षेत्र की ऐसी स्थापनाओं और निजी क्षेत्र की ऐसी स्थापनाओं पर लागू होता है जो कृषि भिन्न कार्यकलापों में लगी हों और जहां 25 या अधिक कामगारों को लगाया गया हो। किसी राज्य या क्षेत्र में स्थित सरकारी क्षेत्र की प्रत्येक स्थापना में नियोक्ता को उस स्थापना में हुई रिक्तियों या होने वाली रिक्तियों के संबंध में सूचना या निर्धारित विवरणी यथानिर्धारित रोजगार कार्यालयों को प्रस्तुत करनी होगी। लेकिन यह अधिनियम निम्नलिखित कार्यकलाप में रिक्तियों के संबंध में लागू नहीं होगा :-
- कृषि (बागवानी) में, निजी क्षेत्र की किसी स्थापना में, सिवाय कृषि या फार्म मशीनरी ऑपेरटिव के रूप में नियुक्ति के;
- घरेलू सेवा में;
- ऐसा रोजगार जिसकी कुल अवधि तीन माह के कम है;
- कार्यालय में अकुशल कार्य करने के लिए;
- संसद के स्टाफ से संबंधित।
जब तक केन्द्र सरकार इस संबंध में सरकारी राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित करके अन्यथा निर्देशित नहीं करती, यह अधिनियम इनके संबंध में लागू नहीं होगा :- (i) ऐसी रिक्तियां जिन्हें प्रोन्नति द्वारा अथवा उसी स्थापना क किसी शाखा या विभाग के अधिशेष स्टाफ के समामेलन द्वारा अथवा संघ या राज्य लोक सेवा आयोग इत्यादि जैसी किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षा या साक्षात्कार या उसकी सिफारिश पर भरा जाना है; और (ii) ऐसे रोजगार में रिक्तियां जहां पारिश्रमिक साठ रु. प्रति माह से कम है।
साथ ही इस अधिनियम के तहत यदि नियोक्ता अधिनिमा के उल्लंघन स्वरूप किसी रिक्ति को रोजगार कार्यालय को अधिसूचित नहीं करता तो उसे इस अपराध के लिए दण्ड दिया जा सकता है।
श्रम मंत्रालय में, रोजगार और प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीईटी) राष्ट्रीय रोजगार सेवा (एनईएस) चलपता है। एनईएस रोजगार कार्यालय (रिक्तियों की अनिवार्य अधिसूचना) अधिनियम, 1959 और उसके तहत बनाए गए नियमों के जरिए कार्य करता है। यह 947 रोजगार कार्यालयों के नेटवर्क के जरिए कार्य करता है और निम्नलिखित कार्य करता है :-
- नौकरी चाहने वालों का पंजीकरण और नियोजन ताकि मांग और आपूर्ति के बीच सही संतुलन बना रहे।
- श्रम की मांग और आपूर्ति के कारगार प्रबंधन, परामर्श देने के लिए कैरियर संबंधी साहित्य तैयार करनें में तथा व्यावसायिक शिक्षा देने में इस्तेमाल करने के लिए डाटाबेस के निर्माण हेतु तिमाही आधार पर विस्तृत रोजगार बाजार संबंधी सूचना एकत्र करना।
- कैरियर परामर्श सेवाएं एवं व्यावसायिक मार्गदर्शन करना।
- उपलब्ध कौशलों और विशेषकर ग्रामीण अनौपचारिक क्षेत्र में नौकरी चाहने वालों को स्व रोजगार के लिए प्रोत्साहित करने की दृष्टि से जरूरी बाजार-योग्य कौशलों के आकलन के लिए क्षेत्र विशिष्ट विशेष अध्ययन/सर्वेक्षण करना।
- कुछ राज्य सरकारें नौकरी चाहने वालों की कुछ श्रेणियों के लिए उनके पास पंजीकृत रोजगार कार्यालयों के जरिए अपने संसाधनों से बेरोजगारी भत्ता संवितरित करती है।
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