किसी भी संगठन के लिए कर्मचारियों का सतत आधार पर कौशल निर्माण और प्रशिक्षण बहुत महत्व रखता है। प्रशिक्षण किसी एक कार्य विशेष में कर्मचारी के ज्ञान, कौशल, रुझान और योग्यता को कार्य दक्ष तरीके से बढ़ाने की प्रक्रिया है। इसका अर्थ है कर्मचारियों के तकनीकी ज्ञान देना, व्यवहार कुशल बनाना, समस्या सुलझाने की योग्यता और सकारात्मक रवैया देना। मानव संसाधन प्रशिक्षण में इस्तेमाल हुए संसाधन मानव आस्तियों में एक प्रकार का निवेश होता है और इस प्रक्रिया में हासिल किया गया कौशल उद्यम और कर्मचारियों दोनों के लिए लाभकर होता है।
प्रौद्योगिकीय परिवर्तन, उत्पादों एवं सेवाओं के लिए वैश्विक बाजारों को उभारना, अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्द्धा, नई कारोबारी कार्य नीतियां, नई प्रबंधन पद्धतियां और कारोबारी संगठनों के नए रूप कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं जिनके कारण किसी भी प्रतिस्पर्द्धात्मकता बनाए रखने के लिए कर्मचारियों का प्रशिक्षण जरूरी हो गया है। इससे संगठन की उत्पादकता में सुधार होता है, कामगार प्रेरित होते हैं, उनका कौशल उन्नयन होता है, नौकरी की सुरक्षा और सामाजिक समानता को बढ़ावा मिलता है तथा तेजी से बदलते आंतरिक और बाहरी श्रम बाजारों में उनके रोजगार के अवसरों में वृद्धि होती है।
श्रम मंत्रालय में रोजगार और प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीई एण्ड टी) राष्ट्रीय स्तर पर व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार सेवाओं से संबंधित विकास एवं समन्वय की शीर्ष संस्था है। रोजगार सेवा रोजगार कार्यालयों के देशव्यापी नेटवर्क के जरिए कार्य करती है। डीजीई एण्ड टी के प्रमुख कार्य निम्नानुसार हैं :-
- व्यावसायिक प्रशिक्षण की समग्र नीतियां, मापदण्ड और मानक तैयार करना।
- कारीगर और शिल्प प्रशिक्षण के प्रशिक्षण के संदर्भ में प्रशिक्षण सुविधाओं को विविधीकृत करना, अद्यतन बनाना एवं उनका विस्तार करना।
- विशेष रूप से स्थापित प्रशिक्षण संस्थानों में विशिष्ट प्रशिक्षण एवं अनुसंधान आयोजित और संचालित करना।
- प्रशिक्षु अधिनियम, 1961 के तहत प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण के कार्य क्षेत्र को कार्यान्वित, विनियमित करना और उसमें वृद्धि करना।
- महिलाओं के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।
- व्यावसायिक मार्गदर्शन और रोजगार परामर्श प्रदान करना।
- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एवं अपंग व्यक्तियों की वेतन रोजगार और स्वरोजगार के लिए क्षमताओं को बढ़ाकर उनकी मदद करना।
- रोजगार अधिकारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना और रोजगार सेवा कार्मिकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने हेतु स्टाफ प्रशिक्षण सामग्री तैयार करना।
- रोजगार और बेरोजगारी से संबंधित सूचना एकत्र एवं प्रचारित करना तथा रिपोर्टिंग की एक समान प्रक्रियाएं निर्धारित करना।
इस महानिदेशालय के प्रमुख रोजगार और प्रशिक्षण महानिदेशक/संयुक्त सचिव, भारत सरकार हैं। इसके संगठनात्मक ढांचे में तीन मुख्य स्कंध है नामत :-
- रोजगार निदेशालय:- राष्ट्रीय स्तर पर इन कार्यों के लिए जिम्मेदार शीर्ष संगठन :- (i) देश में रोजगार, बेरोजगारी और श्रम शक्ति का आकलन और निगरानी करना; (ii) रोजगार कार्यालयों के नेटवर्क के जरिए चलाई जा रही रोजगार सेवाओं से संबंधित कार्यक्रम का विकास एवं समन्वय काना; (iii) अपंग व्यक्तियों का व्यावसायिक पुनर्वास करना; (iv) नौकरी चाहने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों को कोचिंग देना एवं मार्गदर्शन करना।
- प्रशिक्षण निदेशालय :- विशेष रूप से साझी नीतियों, साझे मानकों एवं प्रक्रियाओं से संबंधित क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम के विकास में रत।