Spacer
 
Spacer
  Business.gov.in Indian Business Portal
An Initiative of India.gov.in
 
 
तीव्र मीनू
 
Legal Aspects
spacer
Legal Aspects औद्योगिक अधिनियम और विधान
Legal Aspects बौद्धिक सम्‍पत्ति अधिकार से संबंधित कानून
Legal Aspects मुख्‍य विनियम
Legal Aspects मध्‍यस्‍थ निर्णय और समाधान
Legal Aspects विशिष्‍ट उद्योगों से संबंधित कानून
Legal Aspects विदेश में व्‍यापार करने संबधी कानून
   
 
Legal Aspects
Legal Aspects
जनशक्ति:
सामाजिक सुरक्षा और क्षतिपूर्ति से संबंधित कानून
Previous Page
spacer
 
Business उपदान भुगतान अधिनियम, 1972
Business कर्मगारों को क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923
Business कर्मचारी भविष्‍य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952
Business कर्मचारी राज्‍य बीमा अधिनियम, 1948
सामाजिक सुरक्षा को विकास प्रक्रिया के अभिन्‍न अंग के रूप में देखा जा रहा है क्‍योंकि यह वैश्विकरण की चुनौतियों और इसके परिणामस्‍वरूप ढांचागत एवं प्रौद्योगिकीय परिवर्तनों के प्रति सकारात्‍मक रवैया सृजित करने में सहायता करती है। यह अभिकल्पित करती है कि कर्मचारियों को सभी प्रकार के सामाजिक जोखिमों से संरक्षण दिया जाए जा उनकी मूल आवश्‍यकताओं को पूरा करने में अनावश्‍यक बाधाएं उत्‍पन्‍न करते हैं। कर्मगारों के पास बीमारी, दुर्घटना, वृद्धावस्‍था, रोग, बेरोजगार आदि के कारण उत्‍पन्‍न जोखिमों का सामना करने के लिए पर्याप्‍त वित्तीय संसाधन नहीं है और संकट के समय में उनकी सहायता करने के लिए जीविका का वैकल्पिक साधन भी उनके पास नहीं हैं। इसलिए कर्मगारों को सामाजिक सुरक्षा संबंधी बीमा देकर उनकी सहायता करना राज्‍य का दायित्‍व हो जाता है। यह तथ्‍य हमारे नीति निर्माताओं द्वारा पहचाना गया है और तदनुसार सामाजिक सुरक्षा से संबद्ध विषयों को राज्‍य के नीति निर्देशक तत्‍व और समवर्ती सूची में सूचीबद्ध किया गया है।

राज्‍य के नीति निर्देशक तत्‍वों के तहत :-

  • अनुच्‍छेद 41 में कार्य के अधिकार शिक्षा और कुछ मामलों में सार्वजनिक सहायता की व्‍यवस्‍था की गई है। इसका तात्‍पर्य है कि राज्‍य अपनी आर्थिक क्षमता और विकास की सीमा के भीतर कार्य के अधिकार, शिक्षा का अधिकार और बेरोजगारी, वृद्धावस्‍था, बीमारी एवं अक्षमता के मामले में और अन्‍य अभाव के मामले में सार्वजनिक सहायता प्राप्‍त करने की प्रभावी व्‍यवस्‍था करेगा।
  • अनुच्‍छेद 42 में कार्य की उचित और मानवीय परिस्थिति और मातृत्‍व राहत की व्‍यवस्‍था की गई है। इसका तात्‍पर्य है कि राज्‍य उचित और मानवीय कार्य परिस्थिति और मातृत्‍व राहत प्राप्‍त करने की व्‍यवस्‍था करेगा।

भारत के संविधान की समवर्ती सूची मे उल्लिखित सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे निम्‍नलिखित हैं :-

  • सामाजिक सुरक्षा और बीमा, रोजगार और बेरोजगार
  • कार्य परिस्थिति, भविष्‍य निधियां, नियोक्‍ताओं का दायित्‍व, कर्मगारों की क्षतिपूर्ति अवैधता, और वृद्धावस्‍था पेंशन और मातृत्‍व लाभ सहित श्रम कल्‍याण।

इस प्रकार से सामाजिक सुरक्षा का प्रावधान हमारी औद्योगिक ढांचा में महत्‍वपूर्ण स्‍थान रखता है। राज्‍य की मुख्‍य जिम्‍मेदारी अपने कार्य बल की रक्षा और सहायता के लिए उपयुक्‍त प्रणाली का विकास करना है। इस प्रणाली में विभिन्‍न विधान, नीतियां और योजनाएं, जो कर्मगारों को विभिन्‍न प्रकार की सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराती हैं, शामिल हैं। यह रोजगार के दौरान चोटग्रस्‍त होने पर कर्मचारियों को नियोक्‍ता द्वारा क्षतिपूर्ति का भुगतान भी शामिल है। इसलिए श्रम और रोजगार मंत्रालय ने एक सामाजिक सुरक्षा प्रभाग की स्‍थापना की है जो कर्मगार सामाजिक सुरक्षा से संबंधित सभी कानूनों के प्रशासन के लिए सामाजिक सुरक्षा नीति एवं योजनाएं बनाने और क्रियान्वित करने का कार्य करता है।

^ ऊपर

 
Government of India
spacer
 
 
Business Business Business
 
  खोजें
 
Business Business Business
 
Business Business Business
 
मैं कैसे करूँ
Business कम्‍पनी पंजीकरण करूं
Business नियोक्‍ता के रूप में पंजीकरण करें
Business केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) में शिकायत भरें
Business टैन कार्ड के लिए आवेदन करें
Business आयकर विवरणी भरें
 
Business Business Business
 
Business Business Business
 
  हमें सुधार करने में सहायता दें
Business.gov.in
हमें बताएं कि आप और क्‍या देखना चाहते हैं।
 
Business Business Business
Business
Business Business Business
 
निविदाएं
नवीनतम शासकीय निविदाओं को देखें और पहुंचें...
 
Business Business Business
Business
Business Business Business
 
 
पेटेंट के बारे में जानकारी
Business
कॉपीराइट
Business
पेटेंट प्रपत्र
Business
अभिकल्पन हेतु प्रपत्र
 
 
Business Business Business
 
 
 
Spacer
Spacer
Business.gov.in  
 
Spacer
Spacer