कम्पनी अपने निवेश से सतत लाभदायकता और उत्पादकता तभी सुनिश्चित कर सकती है जब वह अपने मानव संसाधन की देखभाल करे। इसका अति महत्वपूर्ण पहलू है कर्मचारियों को दिया गया कार्य का माहौल जिसमें कार्य के घण्टे, अवकाश, सुरक्षा आराम की अवधि, अवकाश दिवस और सेवा एवं रोजगार की अन्य परिस्थितियां शामिल हैं।
संगठन की कार्य परिस्थितियां ऐसी हों कि कर्मचारी अपना सर्वोत्तम प्रयास दे सकें और गुणवत्ता प्रतिफल उत्पन्न कर सकें। कार्य करते हुए उन्हें सुरक्षित और आराम का एहसास होना चाहिए। कार्य माहौल स्वच्छ, स्वास्थ्य, पर्याप्त जगह एवं स्वच्छतापूर्ण होना चाहिए। यह अनावश्यक ध्वनियों और बाधाओं से मुक्त हो। कार्य की संतोषजनक भौतिक दशा जैसाकि वायु के आवागमन, संतुलित तापमान, प्रकाश व्यवस्था एवं परिवेश आदि, कर्मचारियों की उकताहट और तनाव कम करने में सहायक होंगे।
नियमित अंतराल में कर्मचारियों के कार्य निष्पादन का उचित मूल्यांकन होना चाहिए। जो अच्छा निष्पादन करते हैं उन्हें पुरस्कृत किया जाना चाहिए। कर्मचारियों को विभिन्न प्रोत्साहन और लाभ दिया जाना चाहिए। वेतन प्रोत्साहन की प्रणाली नियोक्ताओं के लिए पर्याप्त आय सुनिश्चित करेगी और यह विश्वास दिलाएगी कि प्रबंधन उनके बेहतर जीवन स्तर के लिए इच्छुक है न कि केवल अपने लाभों के लिए।
भारत में, फैक्टरी अधिनियम, 1948 एक प्रमुख विधान है जिसका अधिनियमन फैक्टरियों में कार्य परिस्थितियों को विनियमित करने फैक्टरी कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्था और कल्याण की मूल न्यूनतम आवश्यकताओं के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने कार्य घण्टे अवकाश, अवकाश दिवस, बच्चों और महिलाओं की नियुक्ति आदि को विनियमित करने के लिए किया गया है