भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 1986 भारत में मानकों के निर्माण और प्रवर्तन के लिए शासी अधिनियम है। यह अधिनियम सम्पूर्ण भारत में लागू है। इस अधिनियम के अंतर्गत, केन्द्र सरकार ने देश में मानकीकरण आंदोलन का बढ़ावा देने तथा संवर्धित करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय मानक निकाय के रूप में भारतीय मानक ब्यूरो (बी आई एस), जो भारतीय मानक संस्थान (आई एस आई) का नया नाम है, स्थापित किया है। बी आई एस अधिनियम 1986 और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों एवं विनियमों के तहत, भारतीय मानक ब्यूरो विभिन्न प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन योजनाएं चला रहा है जिनके अंतर्गत विभिन्न उद्योग एवं सेवा संगठनों को लाइसेंस प्रदान किए जाते हैं :-
- गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन योजना - आई एस/आई एस ओ 9001 (क्यू एम एस)
- पर्यावरणीय प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन योजना - आई एस/आई एस ओ 14001 (ई एम एस)
- व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रबंधन प्रणालियां – आई एस 18001 (ओ एच एस एम एस)
- जोखिम विश्लेषण और क्रांतिक नियंत्रण बिंदु – आई एस 15000 (एच ए सी सी पी) प्रमाणन
भारतीय मानक ब्यूरो (बी आई एस) आई एस ओ (अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन) का संस्थापक सदस्य है। आई एस ओ राष्ट्रीय मानक निकायों का विश्वव्यापी संघ है जिसका लक्ष्य एक ऐसे मानकों का एकल सेट तैयार करना है जिसे विश्व भर के लोग मान्यता और सम्मान दें। आई एस ओ का उद्देश्य विश्व में मानकीकरण तथा संबद्ध कार्यकलापों के विकास को बढ़ावा देना है ताकि वस्तुओं एवं सेवाओं के अंतरराष्ट्रीय विनिमय में सुविधा हो सके और बौद्धिक, वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकीय और आर्थिक कार्यकलाप के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके। आईएसओ का कार्यक्रम कृषि और निर्माण जैसी परम्परागत गतिविधियों के लिए मानक बनाने से लेकर मैकेनिकल इंजीनियरिंग, चिकित्सीय उपकरणों तथा सूचना प्रौद्योगिकी के नवीनतम घटनाक्रम, जैसे मल्टी मीडिया अनुप्रयोगों के लिए श्रव्य दृश्य सिग्नलों का डिजिटल कोडिंग शामिल है।
आई एस ओ ने अंतरराष्ट्रीय मानकों की विस्तृत श्रृंखला प्रकाशित की है। आई एस ओ 9000 श्रृंखला अब तक आईएसओ के सबसे सुविख्यात मानक हैं। इसका तात्पर्य गुणवत्ता प्रबंधन मानकों का एक सेट है। यह अच्छी प्रबंधन पद्धतियों के संबंध में अंतरराष्ट्रीय सर्वसम्मति का प्रतिनिधित्व करता है जिसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि संगठन बार-बार ऐसे उत्पादों या सेवाओं की सुपुर्दगी कर सके जो ग्राहक की गुणवत्ता संबंधी अपेक्षाओं को पूरा करते हो। इसके ग्राहक के लिए उत्पादों एवं सेवाओं के उत्पादन और सुपुर्दगी की सभी प्रक्रियाओं में गुणवत्ता प्रबंधन हेतु संरचना का प्रावधान किया गया है। यह विभिन्न कारोबारों के बीच प्रक्रियाओं में गुणवत्ता अपेक्षाओं हेतु अंतरराष्ट्रीय संदर्भ बन गया है। 149 से अधिक देशों में पांच लाख से ज्यादा संगठन इन मानकों को कार्यान्वित कर रहे हैं। यह श्रृंखला किसी भी संगठन को गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली स्थापित करने और ऐसे उत्पादों एवं सेवाओं की आपूर्ति करने में सक्षम बनाती है जिसका उद्देश्य ग्राहकों को संतुष्ट करना होता है। इस बात पर ध्यान दिए बिना कि संगठन क्या करता है, इसका आकार क्या है या क्या यह सरकारी क्षेत्र में है या निजी क्षेत्र में – यह श्रृंखला गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली हेतु मानकीकृत अपेक्षाएं के सेट का प्रावधान करती है।
आई एस ओ 9000 परिवार के तहत गुणवत्ता प्रबंधन का अभिप्राय है कि संगठन को निम्नलिखित अपेक्षाएं पूरी करनी है :-
- ग्राहक की गुणवत्ता संबंधी अपेक्षाएं, और
- प्रयोज्य विनियामक अपेक्षाएं, तथा उद्देश्य यह है कि
- ग्राहक को अधिकाधिक संतुष्ट किया जाए, और
- इन उद्देश्यों को प्राप्त करने में अपने निष्पादन में निरंतर सुधार किया जाए।
आईएसओ 9000 मानकों का परिवार चार केन्द्रीय मानकों से बना है :-
- आई एस ओ 9000 : 2000 :- गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली – मूलभूत सिद्धांत और शब्दावली
- आई एस ओ 9001 : 2000 :- गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली – अपेक्षाएं
- आई एस ओ 9004 : 2000 :- गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली – निष्पादन सुधार हेतु मार्गनिर्देश
- आई एस ओ 19011 : 2002 :- गुणवत्ता और/अथवा पर्यावरणीय प्रबंधन प्रणाली ऑडिटिंग हेतु मार्गनिर्देश
भारतीय मानक ब्यूरो (बी आई एस) ने इन आई एस ओ 9000 मानकों को अपना लिया है और उन्हें आई एस/आई एस ओ 9000 : 2000; आई एस/आई एस ओ 9001 : 2000; आई एस/आई एस ओ 9004 : 2000; और आई एस/आई एस ओ 19011 :2002 की संख्या दी है। बी आई एस द्वारा प्रकाशित ये मानक आई एस ओ 9000 मानकों की यथातथ्य अनुकृति हैं। |