| किसी फर्म द्वारा उत्पादित उत्पादों या सेवाओं का वितरण व्यापार प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण भाग है। वितरण का संदर्भ उस प्रक्रिया से है जिसके माध्यम से उत्पाद या सेवाएं विनिर्माता या कारखाने से इसके लक्षित उपभोक्ताओं तक पहुंचती है। उत्पादों को वितरण के प्रत्यक्ष (सीधे) चैनलों के माध्यम से वितरित किया जा सकता है जिसमें विनिर्माता अपने स्वयं के वितरण नेटवर्क की स्थापना द्वारा उपभोक्ताओं को अपने उत्पादों का परिदाय करते हैं। वितरण के अप्रत्यक्ष चैनल भी हैं जिनमें एक या अधिक मध्यवर्तियों (व्यष्टि तथा संगठन) की सेवाएं शामिल होती हैं जो विनिर्माताओं को उपभोक्ताओं के साथ जोड़ते हैं। ये मध्यवर्ती या बिचौलिए वितरण कार्यकलापों का निष्पादन करने में विशेषज्ञता प्राप्त होते हैं। थोक विक्रेता तथा खुदरा विक्रेता बिचौलियों के दो महत्वपूर्ण स्वरूप हैं जो उत्पादकों एवं उपभोक्ताओं के बीच उत्पाद सूचना तथा फीडबैक के विनिमय के माध्यम से संचार चैनल के रूप में कार्य करते हैं।
एक प्रभावपूर्ण चैनल, जो उद्यमी के उत्पादी को विस्तृत बाजार कार्यक्षेत्र उपलब्ध करा सके तथा साथ ही मितव्ययी भी हो, के बारे में निर्णय उद्यमी को करना है। वितरण चैनल का उपयुक्त चयन अनेक कारकों पर निर्भर है जैसे अंतर्गत उत्पादों का स्वरूप, बाजार का स्वरूप, बिचौलियों की किस्मों की संख्या, प्रतिस्पर्द्धी माहौल, कानूनी बाधाएं तथा कम्पनी का स्वरूप एवं आकार, वितरण के उपयुक्त चैनल का चुनाव किसी व्यापारी फर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि :- (i) यह वितरण के सामय तथा लागतों को प्रभावित करता है; (ii) यह बिक्री की प्रमात्रा को प्रभावित करता है; (iii) यह कीमत निर्धारण तथा संवर्धनात्मक प्रयासों पर प्रभाव डालता है। ऐसा निर्णय उद्यमी के व्यापार की लाभप्रदता का निर्धारण करेगा।
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