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आज की ज्ञानोन्मुख अर्थव्यवस्था में, सभी व्यापारिक निर्णयों में बौद्धिक सम्पदा (आईपी) एक मुख्य आवश्यकताएं बन गई है। नए उत्पाद, ब्रांड तथा बाजार में लाए गए नए सृजनात्मक डिज़ाइन मानव की नव प्रवृत्ति और सृजनात्मक प्रतिभा का परिणाम हैं। यह नवीनता और सृजनात्मक क्षमता बौद्धिक सम्पदा प्रणाली के अंतर्गत सुरक्षित है। यदि इसे सुरक्षित नहीं रखा जाता तो यह प्रतियोगियों के मध्य लुप्त हो जाएगी जो मूल खोजकर्ता या सर्जक को बिना किसी इनाम अथवा वित्तीय लाभ के उत्पाद अथवा सेवा को व्यापारिक बना देंगे। अत: किसी कम्पनी की समुचित सुरक्षा बौद्धिक सम्पदा के लिए आवश्यक है जिससे ऐसे विचारों को व्यापारिक धरोहर के रूप में रखा जा सके, जो वास्तव में बाजार मूल्य है।
बौद्धिक सम्पदा की सुरक्षा किसी कम्पनी को निम्नलिखित तरीकों से सहायता करती है।
- यह कम्पनी के उत्पादों अथवा सेवाओं की नकल करने से प्रतिस्पर्धियों को रोकेगी।
- इससे अनुसंधान एवं विकास (आर एण्ड डी) में निवेश की फिजूल खर्ची को रोका जा सकेगा।
- इससे ट्रेडमार्क और ब्रांड नीति को माध्यम से कॉर्पोरेट पहचान सृजित करने में मदद मिलेगी।
- इससे कंपनी को लाइसेंस की बातचीत, विशेष विक्रय अधिकार अथवा अन्य बौद्धिक सम्पदा आधारित अनुबंधनीय करार के लिए सहायता मिलेगी।
- इससे कंपनी की बाजार साख बढ़ाने में मदद मिलेगी।
- इससे कम्पनी को वित्तीय वृद्धि तक पहुंच में सहायता मिलेगी।
- इससे कम्पनी को नए बाजार तक पहुंच में मदद मिलेगी।
- वर्तमान बौद्धिक सम्पदा (आईपी) का भाग, कम्पनी को अनावश्यक विवादों और न्यायिक बाधाओं से भी बचाएगा।
अत: एक प्रभावी बौद्धिक सम्पदा प्रबंध नीति से जोखिमों और निहित अनिश्चितताओं को न्यूनतम करते हुए कंपनियों को, अपनी बौद्धिक सम्पदा को प्रयोग कर अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने तथा नीति लाभों में वृद्धि करने में मदद मिलेगी। आईपी प्रबंधन नीति के तीन चरण है :-
- चरण I (बौद्धिक सम्पदा पोर्टफोलियो पर नियंत्रण पाना):- इसमें उनकी निगरानी तथा लागू करने के लिए बौद्धिक सम्पदा निवेश सूची का विश्लेषण तथा कार्यक्रमों का विकास एवं कार्यान्वयन शामिल है।
- चरण II (आपकी बौद्धिक सम्पदा निवेश सूची में निवेश करना):- इसमें विभिन्न प्रकार की बौद्धिक सम्पदा, जो पहले से पास में है या सृजित की जानी हैं, में निवेश के अवसरों की समीक्षा शामिल है। इसमें कॉर्पोरेट निवेश नीतियों तथा अन्य निवेश प्राथमिकताओं के रूप में एक ‘स्तरीय कार्य क्षेत्र’ के सृजन हेतु बौद्धिक सम्पदा निवेश प्रबंधन व्यवहार शामिल है।
- चरण III (अपनी निवेश सूची पर नियंत्रण बनाए रखना):- इसमें बौद्धिक सम्पदा लाभों तथा वर्तमान बौद्धिक सम्पदा निवेश को सुरक्षित बनाए रखने के लिए संवेदनशील बौद्धिक सम्पदा निवेश सूची पर नियंत्रण एवं प्रबंधन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करना शामिल है।
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